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पंजाबः ऐतिहासिक काली बेईं में मरीं 5 हजार मछलियां

Mon, 06 Apr 2015 01:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला Updated Mon, 06 Apr 2015 01:05 PM IST
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5 thousand fish dead in historical kali bein in punjab

पंजाब के कपूरथला में सुल्तानपुर लोधी में पवित्र काली बेईं में रविवार दोपहर को अचानक हजारों मछलियां मर गईं। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के समीप एकदम से मछलियां बेईं के किनारे एकत्रित हो गई। पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल अपने कार सेवकों के साथ मौके पहुंचे। उन्होंने मरी हुई मछलियों को बेईं से बाहर निकाला।

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संत सीचेवाल के अनुसार मछलियां मरने की वजह जल प्रदूषण लग रही है। क्योंकि प्रदूषित पानी बेईं में आने से आक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे जलीय जीव मरने लगते हैं। मछलियां भी इसी वजह से मरी होंगी। संत सींचेवाल के अनुसार करीब पांच हजार छोटी-बड़ी मछलियां मरी हैं।
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संत सीचेवाल ने जताई चिंता

5 thousand fish dead in historical kali bein in punjab

संत सीचेवाल ने बेईं में मछलियों के मरने को चिंतनीय बताते हुए कहा कि प्रशासन की अनदेखी से दूषित जल काली बेईं में डाला जा रहा है। इस वजह से जलीय जीव मर रहे हैं।

इस बारे में कई बार प्रशासन को चेताया जा चुका है, लेकिन दस ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा। दो साल पहले भी दूषित जल की वजह से मछलियां मरी थीं। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।

इतनी तादाद में मछलियां मरने की सूचना से पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। पीपीसीबी की एक टीम ने मछलियां मरने की जानकारी हासिल की है।

कारसेवक फौजी गुरदेव सिंह, सतनाम सिंह, गुरदीप सिंह गोगा, परमजीत सिंह पम्मा, जीता जानिया, जसविंदर सिंह सोनी, सुरिंदर सिंह बग्गा और कुलदीप सिंह ने बेईं में से मरी मछलियां निकाली।

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