पंजाबः ऐतिहासिक काली बेईं में मरीं 5 हजार मछलियां
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पंजाब के कपूरथला में सुल्तानपुर लोधी में पवित्र काली बेईं में रविवार दोपहर को अचानक हजारों मछलियां मर गईं। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के समीप एकदम से मछलियां बेईं के किनारे एकत्रित हो गई। पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल अपने कार सेवकों के साथ मौके पहुंचे। उन्होंने मरी हुई मछलियों को बेईं से बाहर निकाला।
संत सीचेवाल के अनुसार मछलियां मरने की वजह जल प्रदूषण लग रही है। क्योंकि प्रदूषित पानी बेईं में आने से आक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे जलीय जीव मरने लगते हैं। मछलियां भी इसी वजह से मरी होंगी। संत सींचेवाल के अनुसार करीब पांच हजार छोटी-बड़ी मछलियां मरी हैं।
संत सीचेवाल ने जताई चिंता
संत सीचेवाल ने बेईं में मछलियों के मरने को चिंतनीय बताते हुए कहा कि प्रशासन की अनदेखी से दूषित जल काली बेईं में डाला जा रहा है। इस वजह से जलीय जीव मर रहे हैं।
इस बारे में कई बार प्रशासन को चेताया जा चुका है, लेकिन दस ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा। दो साल पहले भी दूषित जल की वजह से मछलियां मरी थीं। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
इतनी तादाद में मछलियां मरने की सूचना से पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। पीपीसीबी की एक टीम ने मछलियां मरने की जानकारी हासिल की है।
कारसेवक फौजी गुरदेव सिंह, सतनाम सिंह, गुरदीप सिंह गोगा, परमजीत सिंह पम्मा, जीता जानिया, जसविंदर सिंह सोनी, सुरिंदर सिंह बग्गा और कुलदीप सिंह ने बेईं में से मरी मछलियां निकाली।