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ट्यूशन से लौटा और अपने कमरे में चला गया, छत की कुंडी से लटका मिला शव
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
Updated Mon, 13 Feb 2017 09:21 AM IST
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अंबाला में 17 साल के लड़के ने की सुसाइड
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ट्यूशन से लौटा और अपने कमरे में चला गया 17 साल का कृतिक। कुछ देर बाद छत की कुंडी से उसका शव लटका हुआ मिला। घटना हरियाणा के अंबाला की है।
17 साल के एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड किए जाने की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाया। पुलिस ने परिवार के लोगों के अलावा आसपास लोगों से भी पूछताछ की।
हालांकि पुलिस को शव के साथ कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन पुलिस इसे सुसाइड मानकर ही चल रही है। अब पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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17 साल के एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड किए जाने की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाया। पुलिस ने परिवार के लोगों के अलावा आसपास लोगों से भी पूछताछ की।
हालांकि पुलिस को शव के साथ कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन पुलिस इसे सुसाइड मानकर ही चल रही है। अब पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
इस तरह हुई पूरी वारदात
अंबाला में 17 साल के लड़के ने की सुसाइड
पुलिस को दी शिकायत में मृतक के पिता विनोद कुमार ने बताया कि वह सुबह ट्यूशन से लौटा और अपनी मां रेनू बाला को खाना बनाने के लिए बोलकर ऊपर चला गया। काफी देर तक नीचे नहीं आया तो सीढ़ी लगाकर जब भाई ने ऊपर वाले कमरे में झांका तो वह छत की कुंडी से फंदे पर लटका था।
उसने शोर मचाया तो आसपास लोग इकट्ठे हो गए। लोगों की मददद से दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो वह मर चुका था। पड़ोस में ही रहने वाले हीरालाल यादव ने बताया कि कृतिक जैन स्कूल में 11 वीं क्लास में पढ़ता था। वह पढ़ाई में बहुत ही अच्छा था।
उसके पिता विनोद कुमार का कई साल पहले एक्सीडेंट हो गया था जिस वजह से वह बीमार चल रहे हैं और कुछ ज्यादा काम नहीं कर पाते। रोजी रोटी के लिए वह अपने बड़े भाई वीशू के साथ रिश्तेदारों के पास कभी-कभार काम करने जाता था।
उसने शोर मचाया तो आसपास लोग इकट्ठे हो गए। लोगों की मददद से दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो वह मर चुका था। पड़ोस में ही रहने वाले हीरालाल यादव ने बताया कि कृतिक जैन स्कूल में 11 वीं क्लास में पढ़ता था। वह पढ़ाई में बहुत ही अच्छा था।
उसके पिता विनोद कुमार का कई साल पहले एक्सीडेंट हो गया था जिस वजह से वह बीमार चल रहे हैं और कुछ ज्यादा काम नहीं कर पाते। रोजी रोटी के लिए वह अपने बड़े भाई वीशू के साथ रिश्तेदारों के पास कभी-कभार काम करने जाता था।