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प्लाट देने के नाम की 35 लाख की ठगी, पांच पर केस दर्ज

Sat, 08 Dec 2018 01:32 AM IST
Updated Sat, 08 Dec 2018 01:32 AM IST
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प्लाट देने के नाम की 35 लाख की ठगी, पांच पर केस दर्ज
प्लाट देने के नाम की 35 लाख की ठगी, पांच पर केस दर्ज
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- जब अपना पैसा वापस मांगा तो कहा जान से मार देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। प्लाट देने के नाम पर सेक्टर-26 निवासी जगबीर कादियान से 35 लाख की ठगी हुई है। चंडीमंदिर थाने की पुलिस ने आरोपी जगजीत सिंह, रविंद्र सिंह , नीरज गर्ग, परबजीत कौर और चरणजीत कौर पर जालसाजी, षड्यंत्र रचने और जान से मारने की धमकी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में सेक्टर -26 मदनपुर पचंकूला के जगबीर कादियान ने बताया कि उनके पास 12 मई 2015 को बलटाना का नीरज गर्ग आया। नीरज गर्ग ने जंडपुर रोड खरड़ में प्लॉट बिकने की जानकारी दी और आरोपियों से मुलाकात कराई और प्रति गज सात हजार रुपये के हिसाब से 35 लाख रुपये में प्लाट का सौदा तय हो गया। इसके बाद सेक्टर-26 स्थित घर पर 21 मई 2015 को आरोपी जगजीत सिंह की पत्नी परबजीत कौर, रविंद्र सिंह की मां चरणजीत कौर आए। जहां उन्होंने 25 लाख रुपये लिए। इस दौरान एग्रीमेंट के कागज पर सिग्नेचर करवाए। बलटाना निवासी नीरज गर्ग मेरे घर सेक्टर-26 लेकर इन्हें आया था। प्लॉट की फाइनल पेमेंट 12 अक्तूबर 2015 को देने की बात तय हुई थी। जून 2015 में नीरज गर्ग का फोन जगबीर कादियान के पास आया कि जगजीत सिंह ने दस लाख रुपये बतौर पेमेंट मांगे हैं।
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पैसे देने से दोनों आरोपी मुकरे
पीड़ित ने बताया कि मैंने उन्हें घर बुलाया था। इसके बाद 27 जुलाई 2015 को मेरे घर नीरज गर्ग, जगजीत सिंह, रविंद्र सिंह, चरणजीत कौर मेरे घर पर सेक्टर-26 आए। वह प्लाट की बकाया रकम दस लाख रुपये लेकर मेरे घर से गए। इसकी रसीद भी उनके पास मौजूद है। बाकी सारी पेमेेंट 12 अक्तूबर केे देने की बात थी। जब पैसों का इंतजाम करने के बाद प्लाट की रजिस्ट्री कराने के लिए जगजीत सिंह के पास गया तो पता चला कि चरणजीत कौर का हिस्सा किसी दूसरे आदमी को बेच दिया गया है। नीरज गर्ग ने कहा कि आपको दूसरा हिस्सा लेना है तो ले लो। इस पर जगबीर कादियान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बयाना मेरा दोनों प्लाट का हुआ था। मुझे मेरा प्लाट चाहिए। या मेरा पैसा वापस कर दो। इसके बाद वह प्लाट देने की बात कह रहे थे। 12 अक्तूबर को जगबीर कादियान जब खरड़ तहसील पहुंचा तो वहां पर प्रभजौत कौर अपने पति जगजीत सिंह के साथ अकेले आई। अपने हिस्से की प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने को मुझसे कहने लगी। इसके बाद मुझे तहसील से पता चला कि इन सब ने मिलकर जमीन दूसरे केे बेंच दी। जब मैने अपने पैसे जगजीत सिंह से मांगे तो वह ढाई साल तक आश्वासन देता रहा। दूसरे हिस्सेदार चरणजीत कौर आपको प्लाट देंगे। इसके बाद दोनों आरोपी पैसा देने से मना करने लगे।
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जगबीर कादियान ने आरोप लगाया कि जगजीत सिंह, चरणजीत सिंह, रविंद्र सिंह, नरेश गर्ग सभी ने मेरा 35 लाख रुपये वापस नहीं किए। सभी ने मेरा पैसा वापस करने से मना कर दिया। सभी आरोपियों ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि अगर दोबारा पैसा मांगा तो जान से भी मरवा देंगे। चंडीमंदिर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच आर्थिक अपराध शाखा को भेजा है। चंडीमंदिर थाने के थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि मामले की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करेगी।
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