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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की धांधली
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:40 AM IST
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की धांधली
लोकायुक्त ने जमीन का मुआवजा लेने वाले 119 लोगों से दिए रिकवरी के आदेश
स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने के भी आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गांव रज्जीपुर की 65 बीघा, पांच बिस्वा जमीन का मुआवजा लेने वाले 119 लोगों से 3.51 करोड़ रुपये रिकवर करने सहित स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने के लोकायुक्त ने भूमि अर्जन अधिकारी को आदेश दिए हैं। वर्ष 2009 में जमीन अधिग्रहण के नाम पर हुई अनियमितता की हरियाणा एंटी करप्शन सोसाइटी के प्रधान अनिल कुमार ने लोकायुक्त, हरियाणा को शिकायत दी थी। इस मामले में हुई सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए गए हैं।
गांव रज्जीपुर, बसौला, धमाला सहित आसपास के गांवों में शामलात भूमि के अधिग्रहण के नाम पर करोड़ों रुपये की अनियमितता के मामले में हरियाणा के लोकायुक्त के पास शिकायत दी गई थी। इस मामले में गांव रज्जीपुर के 119 लोगों के नाम सामने आए थे, जिन्होंने तत्कालीन अधिकारियों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर राशि लिए थे। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मामले की सुनवाई भी चल रही है, लेकिन गलत तौर पर मुआवजा लेने वाले 119 लोगों पर पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले की स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने सहित मुआवजे की रिकवरी के भी लोकायुक्त ने आदेश दिए हैं। आरटीआई कार्यकत्र्ता अनिल कुमार ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा था कि शामलात जमीन का मुआवजा हजम करने वाले अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं जबकि मुआवजा देने वालों पर कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने इस मामले में दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मांग की।
अनिल कुमार के मुताबिक वर्ष 2009 में गांव रज्जीपुर के 119 सहित अन्य लोगों को भूमि अर्जन अधिकारी की ओर से रज्जीपुर के लोगों को 3,51, 88, 383 रुपये, सूरजपुर के लोगों को 79,05,105 रुपये, मिल्क कालोनी को 1,97,22,380 रुपये, माणकपुर के लोगों को 1, 24, 47, 402 रुपये बतौर मुआवजा भुगतान किया गया था।
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इस मामले में दी गई शिकायत के बाद 2010 में एफआइआर दर्ज किया गया था। इसमें तत्कालीन एलएओ डीआर कैरों, तहसीलदार धूम सिंह, तत्कालीन तहसीलदार ईश्वर बैरागी, कानूनगो कालका सिंघराम, नायब तहसीलदार सुरेंद्र पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जिसमें अभी ट्रायल जारी है।
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लोकायुक्त ने जमीन का मुआवजा लेने वाले 119 लोगों से दिए रिकवरी के आदेश
स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने के भी आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गांव रज्जीपुर की 65 बीघा, पांच बिस्वा जमीन का मुआवजा लेने वाले 119 लोगों से 3.51 करोड़ रुपये रिकवर करने सहित स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने के लोकायुक्त ने भूमि अर्जन अधिकारी को आदेश दिए हैं। वर्ष 2009 में जमीन अधिग्रहण के नाम पर हुई अनियमितता की हरियाणा एंटी करप्शन सोसाइटी के प्रधान अनिल कुमार ने लोकायुक्त, हरियाणा को शिकायत दी थी। इस मामले में हुई सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए गए हैं।
गांव रज्जीपुर, बसौला, धमाला सहित आसपास के गांवों में शामलात भूमि के अधिग्रहण के नाम पर करोड़ों रुपये की अनियमितता के मामले में हरियाणा के लोकायुक्त के पास शिकायत दी गई थी। इस मामले में गांव रज्जीपुर के 119 लोगों के नाम सामने आए थे, जिन्होंने तत्कालीन अधिकारियों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर राशि लिए थे। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मामले की सुनवाई भी चल रही है, लेकिन गलत तौर पर मुआवजा लेने वाले 119 लोगों पर पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। अनिल कुमार ने बताया कि इस मामले की स्टेट्स रिपोर्ट सौंपने सहित मुआवजे की रिकवरी के भी लोकायुक्त ने आदेश दिए हैं। आरटीआई कार्यकत्र्ता अनिल कुमार ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा था कि शामलात जमीन का मुआवजा हजम करने वाले अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं जबकि मुआवजा देने वालों पर कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने इस मामले में दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मांग की।
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अनिल कुमार के मुताबिक वर्ष 2009 में गांव रज्जीपुर के 119 सहित अन्य लोगों को भूमि अर्जन अधिकारी की ओर से रज्जीपुर के लोगों को 3,51, 88, 383 रुपये, सूरजपुर के लोगों को 79,05,105 रुपये, मिल्क कालोनी को 1,97,22,380 रुपये, माणकपुर के लोगों को 1, 24, 47, 402 रुपये बतौर मुआवजा भुगतान किया गया था।
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इस मामले में दी गई शिकायत के बाद 2010 में एफआइआर दर्ज किया गया था। इसमें तत्कालीन एलएओ डीआर कैरों, तहसीलदार धूम सिंह, तत्कालीन तहसीलदार ईश्वर बैरागी, कानूनगो कालका सिंघराम, नायब तहसीलदार सुरेंद्र पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जिसमें अभी ट्रायल जारी है।