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फर्जी हस्ताक्षर से छह किसानों की जमीनें हड़पने का मामला
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:12 AM IST
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फर्जी हस्ताक्षर से छह किसानों की जमीनें हड़पने का मामला
- दिल्ली के दो बिल्डरों के खिलाफ दर्ज है मामला
- मामले में गुरुग्राम, दिल्ली, फगवाड़ा के निजी बिल्डरों के नाम भी है शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मानेसर जमीन घोटाले में दो बिल्डरों पर छह किसानों की जमीनें बगैर उनकी सहमति और जानकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर बेच दी गई थीं। सीबीआई की ओर से शुक्रवार को फाइल की गई चार्जशीट में दिल्ली के दो बिल्डरों पर यह आरोप लगा है, जिन्होंने छह किसानों के हस्ताक्षर, उनकी जानकारी के बगैर कर जमीन बेच दी। सीबीआई इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं को खंगाल चुकी है। आरोप पत्र दाखिल करने के बाद दोनों आरोपी बिल्डरों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। छह किसानों की जमीनें हड़प ली गईं, जिससे उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ। बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए मानेसर में अधिग्रहण के नाम पर हुए जमीन घोटाला मामले में सीबीआई ने 23 बिल्डरों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है। इन आरोपियों में फर्जी हस्ताक्षर करने वाले दो बिल्डरों के नाम भी शामिल हैं। वर्ष 2004-2007 के दौरान मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांव के करीब 200 किसानों से 1600 करोड़ में जमीनें खरीद ली गई थीं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में अधिकारियों की मिलीभगत से निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए साजिश के तहत किसानों को अधिग्रहण का डर दिखाकर औने-पौने भाव में जमीन खरीदी गई थीं। इससे किसानों को करीब 1500 करोड़ रुपये का इस मामले में तत्कालीन आला अधिकारियों की मिलीभगत से जमीनें खरीदी गई थीं। इनमें से कुछ लाइसेंस ग्रुप हाऊसिंग सोसायटी के नाम जारी कर दिए गए, जिसमें जमीन अधिग्रहण अधिनियम की भी कई बार अनदेखी की गईं। इस मामले में गुरुग्राम, दिल्ली, फगवाड़ा के निजी बिल्डरों के नाम शामिल हैं।
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- दिल्ली के दो बिल्डरों के खिलाफ दर्ज है मामला
- मामले में गुरुग्राम, दिल्ली, फगवाड़ा के निजी बिल्डरों के नाम भी है शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मानेसर जमीन घोटाले में दो बिल्डरों पर छह किसानों की जमीनें बगैर उनकी सहमति और जानकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर बेच दी गई थीं। सीबीआई की ओर से शुक्रवार को फाइल की गई चार्जशीट में दिल्ली के दो बिल्डरों पर यह आरोप लगा है, जिन्होंने छह किसानों के हस्ताक्षर, उनकी जानकारी के बगैर कर जमीन बेच दी। सीबीआई इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं को खंगाल चुकी है। आरोप पत्र दाखिल करने के बाद दोनों आरोपी बिल्डरों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। छह किसानों की जमीनें हड़प ली गईं, जिससे उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ। बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए मानेसर में अधिग्रहण के नाम पर हुए जमीन घोटाला मामले में सीबीआई ने 23 बिल्डरों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है। इन आरोपियों में फर्जी हस्ताक्षर करने वाले दो बिल्डरों के नाम भी शामिल हैं। वर्ष 2004-2007 के दौरान मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांव के करीब 200 किसानों से 1600 करोड़ में जमीनें खरीद ली गई थीं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में अधिकारियों की मिलीभगत से निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए साजिश के तहत किसानों को अधिग्रहण का डर दिखाकर औने-पौने भाव में जमीन खरीदी गई थीं। इससे किसानों को करीब 1500 करोड़ रुपये का इस मामले में तत्कालीन आला अधिकारियों की मिलीभगत से जमीनें खरीदी गई थीं। इनमें से कुछ लाइसेंस ग्रुप हाऊसिंग सोसायटी के नाम जारी कर दिए गए, जिसमें जमीन अधिग्रहण अधिनियम की भी कई बार अनदेखी की गईं। इस मामले में गुरुग्राम, दिल्ली, फगवाड़ा के निजी बिल्डरों के नाम शामिल हैं।