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हरियाणा में महिला अपराध के दर्जनों मामले हैं दबे

Thu, 10 Aug 2017 01:08 AM IST
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:08 AM IST
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हरियाणा में महिला अपराध के दर्जनों मामले हैं दबे
विकास बराला मामले में पर पूर्व सांसद की प्रतिक्रिया
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हरियाणा में महिला अपराध के दर्जनों मामले हैं दबे
पूर्व सांसद सुभाषिनी बोलीं, राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
हरियाणा के अलग अलग हिस्सों में रेप और छेड़छाड़ के दर्जनों मामले दबे हुए हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं जिसमें प्रभावशाली लोगों के रसूख की बदौलत कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकतर ऐसे मामले दबाए जाने की शिकायतें मिली हैं जिसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता होगी। पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने आईएएस की बेटी के साथ छेड़छाड़ के प्रकरण में पूछे गए सवाल के जवाब में कुछ ऐसी प्रतिक्रिया दी।
सुभाषिनी ने कहा कि आईएएस की बेटी के साथ जब ऐसी घटनाएं हो सकती हैं तो निचले तबके के लोगों को सुनवाई की उम्मीद भी काफी कम ही है। उन्होंने समाज में हो रहे ऐसे अपराध पर शिकंजा कसने की दिशा में हरसंभव प्रयास करने की बात कही।
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कई मामलों में पहले भी नहीं हुई कार्रवाई
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता ने बताया कि समाज में रेप और छेड़छाड़ के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ दिन पहले रोहतक में ऐसे 10 अनसुलझे मामलों की सुनवाई हुई थी, जिनपर पुलिस की तरफ से कार्रवाई नहीं की गई। सविता ने बताया कि इनमें ऐसे भी दो मामले सामने आए, जिसमें पीड़िता की मौत भी हो चुकी है। लेकिन रसूखदार होने की वजह से आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
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सोशल साइट्स के जरिये मामले नया मोड़ देने की हुई कोशिश
पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने भी छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश के मामले में कहा है कि इस मामले में अन्य धाराएं जुड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले तो युवती के साथ दुर्व्यवहार की कोशिश की गई, जिसे उन्होंने सूझबूझ और दिलेरी से बचाया। आरोपियों पर कार्रवाई न हो, इसके लिए सोशल साइट पर ऐसी बातें लिखी गईं जो एक अपराध है। उन्होंने कहा कि अपहरण के प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इस मामले में एक दिन पहले सुभाषिनी अली ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के ओएसडी को मांग पत्र सौंपा था, जिसमें आरोपियों के खिलाफ धाराएं जोड़ने की मांग की गई थी। इसके बाद उन्होंने एसएसपी से भी मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की।
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