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चंडीगढ़ रेप मामले में मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

Mon, 03 Feb 2014 11:12 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 03 Feb 2014 11:12 AM IST
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chandigarh rape :  National Human Rights Commissionas ask to police

दुराचारी और छेड़छाड़ करने वाले पुलिस कांस्टेबल गैंग की करतूत उजागर करने वाली पीड़ित नाबालिग छात्रा के हो रहे उत्पीड़न पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हस्तक्षेप किया है।

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आयोग ने चंडीगढ़ पुलिस से जवाब तलब करते हुए चार सप्ताह में मामले की डिटेल रिपोर्ट मांगी है। शुरू से ही इस मामले को दबाने के आरोप पुलिस अधिकारियों पर लग रहे हैं।
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पुलिस अफसरों ने बाबा रामदेव और उनके सैकड़ों समर्थकों के साथ पीड़िता के घर जाकर उसकी पहचान पूरे शहर में उजागर कर दी थी। हालत अब यह है कि पीड़िता और उसके परिवार को शहर में अब कोई किराए का मकान देने को राजी नहीं है।
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इस मामले की शिकायत एबीवीपी की पंजाब इकाई के सह सचिव हरमनजोत सिंह ने एक जनवरी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी थी। इसी के आधार पर आयोग ने चंडीगढ़ पुलिस से जवाब तलब किया है।

पीड़िता से कैसा सुलूक
(हरमनजोत सिंह की शिकायत के अनुसार)
-पुलिस ने वेबसाइट पर इस मामले की एफआईआर डाउनलोड कर दी। इसमें पीड़िता का नाम और पूरा पता था। इससे उसकी पहचान उजागर हुई।
-पीड़िता द्वारा मामले को उजागर करने पर कुछ पुलिस अधिकारियों ने उसे धमकाया और मेडिकल में भी चार घंटे की देरी की गई।
-यह मामला दिल्ली गैंगरेप कांड जितना ही गंभीर है, उसमें कुछ शराबी और अनपढ़ लोग शामिल थे, जबकि इसमें पांच पढ़े-लिखे पुलिस कर्मचारी।
-पहचान उजागर होने के बाद परिवार को खुडा लाहौरा का अपना मकान बेचना पड़ा मगर दूसरी जगह वह जहां किराए पर गए हैं वहां मकान मालिक घर खाली करा रहा है।


बाबा के आने से हुई अपमानित
पीड़ित पक्ष का कहना है कि बाबा रामदेव को लाकर छात्रा की पहचान उजागर करने के पीछे कुछ पुलिस अधिकारियों का हाथ हो सकता है। यही वजह है कि शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने बाबा रामदेव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि बाबा रामदेव ने पहचान सार्वजनिक कर हमारी मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। हालत यह है कि हमें अपना मकान बेचना पड़ा।

अब जहां रह रहे हैं उसका मकान मालिक ने सोमवार तक हमसे मकान खाली करने को कह दिया है। पुलिस के भय से कोई भी किराये पर मकान देने को राजी नहीं है। पीड़ित बहन स्कूल जाने से भी घबरा रही है। उसकी परीक्षाएं नजदीक हैं।

रामदेव पर आपराधिक मामला दर्ज हो
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी ने मांग की है कि पीड़िता की पहचान उजागर कर रामदेव ने पीड़ित पक्ष को और प्रताड़ित करने में भूमिका निभाई है। उन पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। अगर पुलिस मामला दर्ज नहीं करती है तो वे अदालत में अर्जी दाखिल करेंगे। बाबा की संस्था की ओर से अभी तक पीड़िता की कोई मदद नहीं की गई है। इससे बाबा के पीड़िता के घर आने का मकसद भी संदेह के घेरे में आता है।

डेढ़ माह में चालान पेश नहीं
मामला दर्ज किए हुए डेढ़ माह होने वाला है लेकिन अभी तक एसआईटी की ओर से चालान पेश नहीं किया गया है। चालान पेश करने के बाद मामला फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलेगा। सोमवार को इस मामले में सुनवाई होनी है।


पीड़िता के वकील ब्रजेश्वर जसवाल ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह पीड़ित परिवार को आश्रय और मकान उपलब्ध कराए। पीड़िता की पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठाया जाना चाहिए। इस संबंध में प्रशासक को पत्र लिखकर मांग की जाएगी। अगर अदालत में जाना पड़ा तो नहीं हिचकेंगे।

एसएसपी, चंडीगढ़ डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि जल्द ही चालान पेश कर दिया जाएगा। मेडिकल के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट भी चालान के साथ पेश की जाएगी।

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