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Hindi News ›   Chandigarh ›   Crime Increament in Kalka due to Police Dullness

यहां लगातार बढ़ रहा है क्राइम का ग्राफ

Sat, 08 Feb 2014 02:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कालका
ब्यूरो/अमर उजाला, कालका Updated Sat, 08 Feb 2014 02:11 PM IST
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Crime Increament in Kalka due to Police Dullness
कालका क्षेत्र में चोरी व लूटपाट की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि आपराधिक तत्व अक्सर घटनाएं कर उन्हें चुनौती देते रहते हैं, लेकिन पुलिस का एक ही जवाब मिलता है कि जांच चल रही है।
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हाल ही में एक घर में पूरा परिवार मौजूद होने के बावजूद चोर सारा घर खंगालकर सामान चुरा ले गए। बीते माह भी दिनदिहाड़े दो लुटेरों ने रामबाग रोड पर एक महिला को बेहोश कर उसके कानों की बालियां लूट ली थी।
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इससे पहले शक्तिनगर में एक महिला के हाथों से लुटेरों ने 50 हजार रुपये से भरा थैला छीन लिया था। इनके अलावा भी कई घटनाएं हुईं, लेकिन ज्यादातर मामले अनसुलझे हैं।
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कालका पुलिस का उत्साह बढ़ाने और आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पिछले दिनों तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल भी कालका पहुंचे थे।

उन्होंने इन घटनाओं पर लगाम लगाने के टिप्स भी बताए और दिशा-निर्देश भी दिए। इससे कुछ दिनों तक तो हालात ठीक रहे, फिर वही ‘ढाक के तीन पात’। आखिर, आम लोग खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें, इसके जवाब में आश्वासन छोड़कर कुछ नहीं मिलता।

लोगों की जुबानी
महिलाओं को रोजाना जरूरी कार्यों से मार्केट में आना-जाना पड़ता है। ऐसे में यदि इस प्रकार की वारदातों को नहीं रोका गया तो महिलाओं के लिए तो घर से निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
- रीटा देवी, टिपरा निवासी

क्षेत्र में पुलिस व स्टाफ की कमी है, जिसके चलते वारदातें बढ़ रही है। पुलिस स्टाफ को बढ़ाना होगा। साथ ही गतिविधियां भी बढ़ानी होगी, ताकि अपराधियों में खौफ पैदा हो।
-आजाद स्वामी, स्थानीय निवासी

सुनसान जगहों पर दिन-रात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगानी चाहिए, क्योंकि इन जगहों पर ज्यादा वारदातें होती हैं। ताकि ऐसी वारदातों पर अकुंश लगाया जा सकें। शहर में चोर-लुटरों का गिरोह सक्रिय है।
- विजय कुमार सैनी उर्फ गिन्नी, स्थानीय निवासी

चोर और लुटेरे क्षेत्र में बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यहां की पुलिस सुस्त है। जिस संख्या में अपराध होते हैं, उनमें कितने सॉल्व होते हैं, यह पुलिसवाले भी जानते हैं।

- विवेक गौतम, संचालक, भगवान श्री परशुराम ब्राह्मण उत्थान सभा

कोट्स

अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही पांच साल का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि कौन का गैंग कितना सक्रिय है। इनमें कितने अपराधी जेल में हैं और कितने बाहर। इसके अलावा सरपंचों को भी ठीकरी पहरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- कुशलपाल राणा, एसीपी, कालका
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