{"_id":"577679d54f1c1b4f4d79a956","slug":"cricket-cricket-tournament-wheel-chair-cricket-tournament-sports-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट, दिल्ली ने पंजाब को हराकर जीती ट्रॉफी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट, दिल्ली ने पंजाब को हराकर जीती ट्रॉफी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 01 Jul 2016 07:40 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ में व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में खेले गए व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में दिल्ली ने पंजाब को हराकर विजेता ट्रॉफी जीती। वहीं पंजाब को रनर अप ट्राफी मिली। यह टूर्नामेंट इलाहाबाद में खेला गया। पंजाब व्हील चेयर टीम के कप्तान वीर सिंह संघू चंडीगढ़ के रहने वाले है। संघू ने बताया कि हमारी टीम ने बिना किसी की मदद के अपने दम पर इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।
टीम के सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया जिसकी बदौतल टीम को पहले व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में उपविजेता की ट्राफी मिली। इनके अनुसार बिना कोच के ही हमारी टीम ने अभ्यास किया। रोजाना क्रिकेट मैदान पर पसीना बहाया। वहीं वीर सिंह संघू ने यह भी बताया कि कैसे वापिस चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन आने पर उनकी टीम को काफी परेशनियों का समना करना पड़ा।
संघू ने बतया कि दिव्यांग के लिए स्पेशनल डिब्बा इंजन के बाद का लगाया गया था। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन पहुंची तो हमारा डिब्बा प्लेटफार्म से 50 मीटरकी दूरी पर रूका। जिससे हमारी टीम को प्लेटफार्म आने तक काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम के सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया जिसकी बदौतल टीम को पहले व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में उपविजेता की ट्राफी मिली। इनके अनुसार बिना कोच के ही हमारी टीम ने अभ्यास किया। रोजाना क्रिकेट मैदान पर पसीना बहाया। वहीं वीर सिंह संघू ने यह भी बताया कि कैसे वापिस चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन आने पर उनकी टीम को काफी परेशनियों का समना करना पड़ा।
विज्ञापन
संघू ने बतया कि दिव्यांग के लिए स्पेशनल डिब्बा इंजन के बाद का लगाया गया था। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन पहुंची तो हमारा डिब्बा प्लेटफार्म से 50 मीटरकी दूरी पर रूका। जिससे हमारी टीम को प्लेटफार्म आने तक काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन