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हरियाणा में अफसरशाही पर नकेल, संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:49 PM IST
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सीएम खट्टर
- फोटो : File Photo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के बाद हरियाणा सरकार ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति सार्वजनिक करने के आदेश दिए हैं। इससे प्रदेश के विभागों में हड़कंप मच गया है।
सरकार ने प्रदेश की अफसरशाही पर लगाम कसते हुए निर्देश जारी किए हैं कि अधिकारियों को चल-अचल संपत्ति के साथ वाहनों की भी जानकारी देनी होगी। इनमें कार व मोटरसाइकिल के अलावा घोड़े तक शामिल हैं। सवारी के लिए घोड़ा है, तो बताना पड़ेगा। इसी तरह से घर में मौजूद फ्रिज, रेडियो व अन्य उपकरणों का भी हिसाब-किताब देना अनिवार्य किया गया है।
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों, प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी किया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारी तथा खुद मुख्यमंत्री इसे सामान्य कार्रवाई बता रहे हैं, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों को संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के लिए बाकायदा तीन पेज का प्रफॉर्मा भेजा गया है। इसी हिसाब से सभी को अपनी चल-अचल व बेनामी संपत्ति का खुलासा करना होगा। उन्हें अपने परिवार के लोगों की संपत्ति की जानकारी भी सरकार को देनी होगी। हरियाणा सिविल सर्विस के नियम-24 के तहत यह जानकारी मांगी गई है।
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सरकार ने प्रदेश की अफसरशाही पर लगाम कसते हुए निर्देश जारी किए हैं कि अधिकारियों को चल-अचल संपत्ति के साथ वाहनों की भी जानकारी देनी होगी। इनमें कार व मोटरसाइकिल के अलावा घोड़े तक शामिल हैं। सवारी के लिए घोड़ा है, तो बताना पड़ेगा। इसी तरह से घर में मौजूद फ्रिज, रेडियो व अन्य उपकरणों का भी हिसाब-किताब देना अनिवार्य किया गया है।
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मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों, प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी किया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारी तथा खुद मुख्यमंत्री इसे सामान्य कार्रवाई बता रहे हैं, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों को संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के लिए बाकायदा तीन पेज का प्रफॉर्मा भेजा गया है। इसी हिसाब से सभी को अपनी चल-अचल व बेनामी संपत्ति का खुलासा करना होगा। उन्हें अपने परिवार के लोगों की संपत्ति की जानकारी भी सरकार को देनी होगी। हरियाणा सिविल सर्विस के नियम-24 के तहत यह जानकारी मांगी गई है।
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यह बताना है अनिवार्य
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : File Photo
यह बताना है अनिवार्य
- कृषि भूमि के साथ-साथ शहरों, कस्बों व गांवों में प्लॉट, मकान, फ्लैट तथा दुकान-शोरूम भी सार्वजनिक करने होंगे
- संपत्ति की खरीद का स्रोत और कीमत बतानी होगी
- उपहार में मिली प्रॉपर्टी का भी खुलासा करना होगा
- मकान-दुकान आदि प्रॉपर्टी से सालाना होने वाली आय के बारे में लिखित सूचना देनी होगी
- कर्मचारी के खुद के पास सोने-चांदी या अन्य धातु के कितने आभूषण हैं और उसके परिवार के सदस्यों के पास कितनी कीमत की ज्वैलरी है
- चालू वित्त वर्ष में खरीदे आभूषणों के बारे में भी सूचना
- घर में मौजूद नकदी, बैंकों में जमा धनराशि, एफडी, इंश्योरेंस पॉलिसी आदि का विवरण
- अगर अधिकारियों-कर्मचारियों ने किसी तरह का लोन लिया है, तो लोन का प्रकार व उद्देश्य बताना होगा
- कृषि भूमि के साथ-साथ शहरों, कस्बों व गांवों में प्लॉट, मकान, फ्लैट तथा दुकान-शोरूम भी सार्वजनिक करने होंगे
- संपत्ति की खरीद का स्रोत और कीमत बतानी होगी
- उपहार में मिली प्रॉपर्टी का भी खुलासा करना होगा
- मकान-दुकान आदि प्रॉपर्टी से सालाना होने वाली आय के बारे में लिखित सूचना देनी होगी
- कर्मचारी के खुद के पास सोने-चांदी या अन्य धातु के कितने आभूषण हैं और उसके परिवार के सदस्यों के पास कितनी कीमत की ज्वैलरी है
- चालू वित्त वर्ष में खरीदे आभूषणों के बारे में भी सूचना
- घर में मौजूद नकदी, बैंकों में जमा धनराशि, एफडी, इंश्योरेंस पॉलिसी आदि का विवरण
- अगर अधिकारियों-कर्मचारियों ने किसी तरह का लोन लिया है, तो लोन का प्रकार व उद्देश्य बताना होगा