फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Crackdown on double voters in Chandigarh Investigation launched into voters from other states

चंडीगढ़ में दोहरे मतदाताओं पर शिकंजा: बाहरी राज्यों के वोटर्स की जांच शुरू, एक हजार से अधिक नाम दो जगह दर्ज

Wed, 04 Feb 2026 08:31 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 04 Feb 2026 08:31 AM IST
सार

प्री-मैपिंग के दौरान अब तक 1 हजार से ज्यादा ऐसे मतदाता सामने आ चुके हैं, जिनके नाम चंडीगढ़ के साथ-साथ उनके मूल राज्यों की वोटर लिस्ट में भी दर्ज हैं। इनमें से लगभग 600 वोटर एक ही डिविजन से पाए गए हैं, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

विज्ञापन
Crackdown on double voters in Chandigarh Investigation launched into voters from other states
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

चंडीगढ़ में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चुनाव विभाग ने दोहरे वोटरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन


स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) से पहले चल रही प्री-मैपिंग अब अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिसमें दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े मतदाताओं की विशेष तौर पर मैपिंग की जा रही है। इस दौरान ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिन्होंने दो जगह वोट बनवा रखे हैं या जो अपने दर्ज पते पर मौजूद नहीं मिले।

चुनाव विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक नया कदम उठाया है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से दी जा रही है। विभाग का कहना है कि इससे मतदाताओं को समय रहते जानकारी मिल सकेगी और वे आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। 
विज्ञापन


प्री-मैपिंग के दौरान अब तक 1 हजार से ज्यादा ऐसे मतदाता सामने आ चुके हैं, जिनके नाम चंडीगढ़ के साथ-साथ उनके मूल राज्यों की वोटर लिस्ट में भी दर्ज हैं। इनमें से लगभग 600 वोटर एक ही डिविजन से पाए गए हैं, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह आंकड़ा बताता है कि कुछ इलाकों में मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसआईआर से पहले तेज हुई जांच

इन दिनों चंडीगढ़ में एसआईआर से पहले प्री-मैपिंग का व्यापक अभियान चल रहा है। मंगलवार तक 54.07 प्रतिशत ऐसे मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है, जो वर्ष 2002 में स्वयं वोटर थे या जिनके माता-पिता उस समय मतदाता सूची में शामिल थे। इस चरण के पूरा होने के बाद अब फोकस उन लोगों पर है, जो अन्य राज्यों या यूटी के मूल निवासी हैं, लेकिन फिलहाल चंडीगढ़ में रह रहे हैं।

चुनाव विभाग के अनुसार शहर की कुछ कॉलोनियों और इलाकों से लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि एक ही मकान में 100 या उससे अधिक मतदाता दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि इनमें से कई लोगों के वोट पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी बने हुए हैं। प्री-मैपिंग के जरिए अब ऐसी सभी शिकायतों की जांच कर उन पर एक्शन लिया जा रहा है।

2002 में सूची की हुई रिविजन को बनाया आधार

वर्ष 2002 में हुई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को मौजूदा प्रक्रिया का आधार बनाया गया है। जिन मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में दर्ज थे और जिन्होंने बाद में चंडीगढ़ में नया वोट बनवाया, उनकी जानकारी को विशेष रूप से वेरिफाई किया जा रहा है। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह तो दर्ज नहीं है।


प्रशासन का कहना है कि पिछले दो दशकों में चंडीगढ़ की जनसंख्या में बड़े बदलाव आए हैं। कई परिवार नौकरी और अन्य कारणों से शहर छोड़कर दूसरे राज्यों में चले गए, जबकि बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर यहां स्थायी रूप से बस गए। इसी कारण मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी प्रविष्टियों की समस्या सामने आई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed