'गठबंधन हुआ तो BJP से चुनाव नहीं लड़ूंगी, प्रचार भी नहीं करुंगी'
मुख्य संसदीय सचिव और भाजपा विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने अकाली-भाजपा गठबंधन को लेकर बेहद तीखे तेवर दिखाए हैं। उनका कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में शिअद-भाजपा के गठबंधन की स्थिति में वे भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगी।
उन्होंने कहा कि उनका रुख स्पष्ट है कि गठबंधन की दशा में वे पार्टी की उम्मीदवार नहीं होंगी और न ही पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। वे गठबंधन के पार्टी के निर्णय का आदर करती हैं लेकिन उनका फैसला नहीं बदलेगा।
मंगलवार को ही शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद एलान किया था कि शिअद-भाजपा का गठबंधन अटूट है। दोनों एक पार्टी की तरह हैं और न केवल अगला चुनाव बल्कि आगामी 20 साल तक मिलकर चुनाव लड़ते रहेंगे।
न मुझे शिअद का कामकाज पसंद है न उन्हें मेरा
पूर्व क्रिकेटर और अमृतसर के पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर मुख्य संसदीय सचिव हैं। वे पहले से शिअद-भाजपा गठबंधन का विरोध करती रही हैं। बुधवार को उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला प्रमुख है लेकिन एक या दो व्यक्ति पार्टी नहीं बनाते हैं।
चुनाव में गठबंधन के तौर पर शिअद-भाजपा के उतरने का स्वागत है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे चुनाव जरूर लड़ेंगी। यह पूछे जाने पर कि वे निर्दल लड़ेंगी या किसी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर, उन्होंने कहा कि उचित समय पर वे इसका फैसला करेंगी।
उन्होंने आगे कहा कि पहले उन्हें अकाली दल के कामकाज के बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन अब वे इस पार्टी की कार्यप्रणाली समझ गई हैं। व्यक्ति एक बार गलती करता है दोबारा नहीं। उन्हें शिअद का तरीका पसंद नहीं है और वे भी उन्हें नापसंद करते हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या आम आदमी पार्टी ने उन्हें शामिल होने का ऑफर दिया है, नवजोत कौर ने कहा कि वे इस मामले में टिप्पणी नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वोटर उसी को समर्थन देंगे जो प्रदेश के बेहतर भविष्य की बात करेगा।