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कोर्ट ने लगाई फटकारः क्या सड़क पर थूकने से रोकने का भी आदेश देना होगा
Wed, 12 Feb 2020 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 12 Feb 2020 06:02 AM IST
सार
- जनहित याचिकाओं के जरिए कोर्ट का समय बर्बाद करने वालों को फटकार, कहा- हर मामले को कोर्ट में लाना बंद करें
- ग्राहकों को खाना पहुंचाने वालों की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार
- तेजी से वाहन चलाने का मामला मोटर व्हीकल एक्ट के अधीन आता है, कोर्ट को आदेश जारी करने की जरूरत नहीं
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- फोटो : court order
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विस्तार
अगल-अलग तरह से जनहित याचिकाओं के माध्यम से कोर्ट का समय बर्बाद करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि फालतू के मामले लाकर कोर्ट का समय बर्बाद न करें। कोर्ट ने कहा कि कल को सड़क पर थूकने वालों के खिलाफ याचिका आएगी तो क्या हम उस पर सुनवाई कर रोक लगाने का काम करेंगे।
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एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि ग्राहकों को जल्द से जल्द खाना पहुंचाने के चक्कर में डिलीवरी ब्वॉय तेजी से वाहन चलाते हैं, जो दुर्घटना का कारण बनता है। बीते कुछ दिनों में ही चार ऐसे हादसे हुए हैं और ऐसे में इस दिशा में आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
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इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि तेजी से वाहन चलाने का मामला मोटर व्हीकल एक्ट के अधीन आता है, ऐसे में कोर्ट को आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है। वहीं, कोर्ट से अपील की गई थी कि यदि इनके साथ कोई हादसा होता है तो मालिकों को उनकेपरिवार वालों को उचित मुआवजा जारी करने के आदेश जारी करें।
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हाईकोर्ट ने कहा कि यह मालिक और कर्मचारी के बीच का मामला है और इसको लेकर कई विकल्प मौजूद हैं। कई कानूनी तरीकों से मुआवजे की मांग की जा सकती है। इस प्रकार के मामलों को जनहित याचिका के तौर पर सुनना उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया।