धोनी के साथी गोनी पर कोर्ट का बड़ा फैसला
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स्टार क्रिकेटर मनप्रीत सिंह गरेवाल (गोनी) के खिलाफ दायर सिविल केस में जिला अदालत ने फैसला सुनाया है। गोनी को अपनी पत्नी और बच्चे को हर माह तीन लाख रुपये खर्चा देना होगा।
अदालत में उनकी पत्नी मनप्रीत ने खर्चे (मेंटीनेस) का केस दायर किया था। यह फैसला ज्यूडिशियल मेजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सुरभि पराशर ने सुनाया है। यह साल का अपनी तरह का पहला बड़ा मामला है।
मोहाली के फेज-5 निवासी मनप्रीत कौर (33) ने याचिक में कहा था कि 2005 में मनप्रीत सिंह गोनी से उनकी शादी हुई थी। तब गोनी का संघर्ष का दौर चल रहा था। उसे सिर्फ तीन हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में मिलते थे। तब वह ही सारा खर्च उठाती थी। 2009 में उनके यहां बेटा पैदा हुआ। इससे एक साल पहले 2008 में उसकी इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपरकिंग टीम में सलेक्शन हुई थी।
सफलता के बाद सोच में बदलाब आ गया
इस दौरान उसे बीस लाख रुपये सालाना मिलते थे। उसी साल इसकी इंडियन क्रिकेट टीम में भी सलेक्शन हो गई थी। उसने रणजी और देयोधर ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। फिर इसे 20 लाख रुपये के करीब आमदन हुई।
साथ ही कई कैश प्राइज मिले। फिर उसने खरड़ में 405 वर्ग गज का एक फ्लैट खरीदा। इसी बीच वह क्रिकेट की दुनिया में काफी प्रसिद्व हो गया। अखबारों और टीवी में आए इंटरव्यू में उसने अपनी सफलता का सारा श्रेय अपनी पत्नी को दिया था। लेकिन इसी बीच उसकी सोच में बदलाब आ गया।
वह उसे और बच्चे को इग्नोर करने लगा। फिर उसने अदालत में तलाक का केस दायर किया था। मनप्रीत ने बताया कि मजबूरी में उन्हें अदालत में आना पड़ा। साथ ही उन्होंने अदालत से गुहार लगाई कि वह खुद और अपने बच्चे को पालने में असमर्थ है।
साथ ही उसे हर माह पांच लाख रुपये खर्च के रूप में दिए जाए। इसके बाद अदालत में केस की सुनवाई हुई। लेकिन गोनी मामले अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया है।