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Chandigarh News: चेन्नई में खुलेगा देश का पहला मेट्रो ब्लड बैंक, संक्रमित खून की आपूर्ति पर लगेगी रोक

Sat, 04 Nov 2023 01:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 01:35 AM IST
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Country's first metro blood bank will open in Chennai, supply of infected blood will be banned
चंडीगढ़। संक्रमित खून की आपूर्ति पर रोक के लिए देश में पांच मेट्रो ब्लड बैंक बनाए जाएंगे। पहला मेट्रो ब्लड बैंक चेन्नई में बनाया जाएगा। इसके लिए वहां की राज्य सरकार ने जमीन मुहैया करा दी है। इस पर अगले साल काम शुरू हो जाएगा। उसके बाद देश के चारों कोनों के साथ ही मध्य में भी एक मेट्रो ब्लड बैंक बनाया जाएगा। ये पांचों सेंटर अपने-अपने जोन में गुणवत्ता युक्त खून की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय में महानिदेशक व ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज के प्रभारी डॉ. कृष्ण कुमार ने इंडियन सोसाइटी ऑफ ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर अतिथि दी। डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि देश में प्रति वर्ष एक करोड़ 43 लाख यूनिट खून की जरूरत पड़ रही है। इसके सापेक्ष एक करोड़ 20 लाख की हो रही आपूर्ति हो रही है। आपूर्ति किए जा रहे खून की जांच की गुणवत्ता सवालों के घेरे में रहती है क्योंकि सभी ब्लड बैंक उच्चस्तर के नहीं हैं। ऐसे में छोटे ब्लड बैंकों से मिलने वाले खून की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाने की योजना है। इसमें मेट्रो ब्लड बैंक की अहम भूमिका होगी। ये सेंटर सभी उस जोन में हो रहे खून की आपूर्ति का आकलन कर वहां के सभी ब्लड बैंकों को टेस्टेड खून देंगे। जहां कहीं आवश्यकता बढ़ी, उसके कारणों की जांच कर आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। इसके जरिए खून की कालाबाजारी करने वाले ब्लड बैंकों पर भी लगाम लगेगी। वहीं, जिन ब्लड बैंकों में खून एक्सपायरी के नजदीक होंगे, उसे अन्य ब्लड बैंकों को जरूरत के अनुसार शिफ्ट किया जाएगा। इससे खून की बर्बादी जैसी स्थिति भी रुकेगी।
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आपात काल में भी मिलेगी मदद
डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि देश को पांच रीजन में बांटकर खून की आपूर्ति शुरू करने से काफी लाभ मिलेगा। देश में हर पल हर यूनिट की उपलब्धता आसानी से पता चलेगी। आपातकाल में खून की कमी जैसी स्थिति नहीं होगी। क्योंकि अन्य जोन से प्रभावित जोन में तत्काल आपूर्ति शुरू की जा सकेगी। डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि नई तकनीक और कार्ययोजना पर मंथन करने के साथ ही कानून में संशोधन पर भी विचार किया जा रहा है क्योंकि ब्लड बैंक संबंधी कानून 1940-45 के बीच बनाए गए हैं। जबकि तब से अब तक जमीन आसमान का अंतर आ चुका है। उस दौर के कानून में प्रोफेशनल डोनर पर कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। ठीक ऐसे ही खून से हुए संक्रमण पर ब्लड बैंक पर कोई धारा नहीं लगती।
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ई-रक्त कोष की रखिए जानकारी
डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि आपके आसपास के ब्लड बैंक में कौन से ब्लड ग्रुप कितने यूनिट हैं, इसकी जानकारी ई-रक्त कोष पर जाकर ली जा सकती है। इस पोर्टल को मरीजों और उनके परिजनों को सहूलियत देने की सोच के साथ बनाया गया है। इस पर देशभर के ब्लड बैंकों की पल-पल की अपडेट होती है।
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