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पीयू सीनेट स्नातक वर्ग चुनाव की मतगणना शुरू, सैकड़ों वोट अवैध
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट स्नातक वर्ग चुनाव की मतगणना शुरू हो गई। सैकड़ों मत अवैध पाए गए हैं। वोटों की गिनती का दूसरा दौर मंगलवार सुबह नौ बजे से शुरू होगा जो दो-तीन दिन तक चलेगा।
मतगणना शुरू होते ही 41 प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। कुछ प्रत्याशी मतगणना स्थल पर वोटों का गणित लगाते दिखे। वहीं एजेंट भी रहे। कुछ एजेंट ने वैध-अवैध वोटों के निर्णय को लेकर आपत्तियां भी दायर कीं, लेकिन अधिकारियों ने वही बात सही मानी जो नियमों के मुताबिक थी। इस दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम रहे। बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित था।
पीयू सीनेट स्नातक वर्ग की 15 सीटों के लिए 41 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था। इस बार चुनाव दो चरणों में करवाए गए, जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश के 272 केंद्रों पर हुए। मतदान प्रतिशत लगभग 15 ही रहा। घटा मतदान प्रतिशत किसके लिए नुकसानदेय होगा, यह तय नहीं हो पा रहा है। कुछ जानकारों का कहना है कि मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने भी प्रचार-प्रसार पूरा नहीं किया, केवल बूथ तक वोट देने आने वाले लोगों से ही संपर्क साधा।
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सोमवार दोपहर से वोटों की गिनती शुरू हो गई। पहले चरण में वैध व अवैध वोट छांटे गए। यह कार्य रात तक चला। दूसरे चरण की मतगणना मंगलवार सुबह नौ बजे से होगी जो शाम छह बजे तक चलेगी। मतगणना में 200 से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया है, जिसमें चार अधिकारियों की कोर टीम है। साथ ही नौ अधिकारियों की सहायक कोर टीम, छह सदस्यों वाली 16 टीमें और 75 सहायक स्टाफ शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि अवैध वोटों की संख्या भी सैकड़ों में है। उनकी पूरी जानकारी मंगलवार तक ही साफ हो सकेगी।
किसका होगा दबदबा, इस वोटिंग से साफ होगा
स्नातक वर्ग चुनाव की मतगणना के साथ ही सीनेट चुनाव पूरा हो जाएगा। इसके बाद सीनेट का गठन होगा। कांग्रेस व भाजपा समर्थित प्रत्याशी जोड़-तोड़ में लगे हैं ताकि सीनेट में उनका दबदबा कायम हो सके। भाजपा के लोग जहां अपना बहुमत सीनेट में पूरा बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस के लोग भी अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। इस मतगणना से साफ हो जाएगा कि सीनेट में असली दबदबा किसका होगा।
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मतगणना शुरू होते ही 41 प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। कुछ प्रत्याशी मतगणना स्थल पर वोटों का गणित लगाते दिखे। वहीं एजेंट भी रहे। कुछ एजेंट ने वैध-अवैध वोटों के निर्णय को लेकर आपत्तियां भी दायर कीं, लेकिन अधिकारियों ने वही बात सही मानी जो नियमों के मुताबिक थी। इस दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम रहे। बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित था।
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पीयू सीनेट स्नातक वर्ग की 15 सीटों के लिए 41 उम्मीदवारों ने भाग्य आजमाया था। इस बार चुनाव दो चरणों में करवाए गए, जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश के 272 केंद्रों पर हुए। मतदान प्रतिशत लगभग 15 ही रहा। घटा मतदान प्रतिशत किसके लिए नुकसानदेय होगा, यह तय नहीं हो पा रहा है। कुछ जानकारों का कहना है कि मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने भी प्रचार-प्रसार पूरा नहीं किया, केवल बूथ तक वोट देने आने वाले लोगों से ही संपर्क साधा।
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सोमवार दोपहर से वोटों की गिनती शुरू हो गई। पहले चरण में वैध व अवैध वोट छांटे गए। यह कार्य रात तक चला। दूसरे चरण की मतगणना मंगलवार सुबह नौ बजे से होगी जो शाम छह बजे तक चलेगी। मतगणना में 200 से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया है, जिसमें चार अधिकारियों की कोर टीम है। साथ ही नौ अधिकारियों की सहायक कोर टीम, छह सदस्यों वाली 16 टीमें और 75 सहायक स्टाफ शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि अवैध वोटों की संख्या भी सैकड़ों में है। उनकी पूरी जानकारी मंगलवार तक ही साफ हो सकेगी।
किसका होगा दबदबा, इस वोटिंग से साफ होगा
स्नातक वर्ग चुनाव की मतगणना के साथ ही सीनेट चुनाव पूरा हो जाएगा। इसके बाद सीनेट का गठन होगा। कांग्रेस व भाजपा समर्थित प्रत्याशी जोड़-तोड़ में लगे हैं ताकि सीनेट में उनका दबदबा कायम हो सके। भाजपा के लोग जहां अपना बहुमत सीनेट में पूरा बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस के लोग भी अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। इस मतगणना से साफ हो जाएगा कि सीनेट में असली दबदबा किसका होगा।