जींद उपचुनावः तय हुआ हरियाणा का 'नायक', बीजेपी ने रचा इतिहास, 12935 वोटों से जीती
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बांगर की धरती पर पिछले 52 वर्षों में पहली बार कमल खिला है। इसी के साथ भाजपा के कृष्ण ने आगामी राजनीति का भी शंखनाद कर दिया है। इस जीत के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल हरियाणा की सियासत में चौथे लाल बनकर उभरे हैं। जातीय समीकरणों में उलझे जींद उपचुनाव में सीएम ने अपनी रणनीति से विजयश्री दिलवा दी है।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माने जाने वाले जींद उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 12,930 मतों से जीत हासिल की है। उन्हें कुल 50,566 वोट मिले हैं। जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दिग्विजय चौटाला को 37,631 वोट मिले हैं।
वहीं, दिग्विजय के चाचा अभय चौटाला के दल इनेलो के प्रत्याशी उमेद सिंह रेढ़ू को मात्र 3454 वोट मिले हैं और उनकी जमानत जब्त हो गई है। इस तरह ताऊ देवीलाल की सियासत की विरासत की जंग में फिलहाल अजय चौटाला के बेटों ने बढ़त बना ली है।
सियासत की इस जंग में सबसे करारी हार कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व कैथल से विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला की हुई है। कुल 22,740 वोट हासिल करके सुरजेवाला तीसरे स्थान पर रहे हैं। 932 वोट यदि कम मिलते तो उनकी जमानत जब्त हो जाती। वहीं, 13,582 वोट हासिल करके भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की पार्टी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) के विनोद आशरी चौथे स्थान पर रह कर सबसे बड़ा उलटफेर किया है।
एक तरह से वह तुरुप का पत्ता साबित हुए हैं। आशरी ने इनेलो को उसी के गढ़ में पांचवें स्थान पर पहुंचाने और भाजपा प्रत्याशी की जीत में अहम भूमिका निभाई है। 28 जनवरी को हुए मतदान में कुल 1,30,828 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया था। गुरुवार सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना दोपहर तक चली। 13 राउंड की गिनती में दोपहर तीन बजे अंतिम परिणाम सामने आ गया। इस बीच सातवें राउंड की गिनती के बाद ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया।
किसी ने पत्थरबाजी की तो पुलिस को लाठीचार्ज करके उन्हें खदेड़ना पड़ा। कुछ समय के लिए मतगणना को भी रोकना पड़ा। सभी विपक्षी दलों ने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कांग्रेस और जजपा उम्मीदवारों की ओर से इसकी शिकायत चुनाव आयोग में की गई है। दोनों ही दल मामले को अदालत में ले जाने की बात भी कह रहे हैं। माना जा रहा है कि जींद उपचुनाव के परिणाम का असर आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर भी दिखाई देगा।
18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त
चुनाव मैदान में चार प्रमुख दलों सहित कुल 21 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे थे। इनमें से 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। जबकि 16 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिला है।
सात राउंड में जजपा और छह राउंड में भाजपा आगे रही
बांगर की धरती पर लड़ी गई सियासी जंग जितनी दिलचस्प रही, उतना ही उसका परिणाम भी रहा है। पहले तीन राउंड की गिनती तक जजपा प्रत्याशी दिग्विजय आगे चल रहे थे। पहले तीन राउंड तक ग्रामीण क्षेत्रों का मत गिना गया। जैसे ही शहरी क्षेत्र की गिनती शुरू हुई भाजपा चौथे राउंड से पांच हजार वोटों से आगे हो गई। पांचवें और छठे राउंड में भी भाजपा आगे रही, लेकिन सातवें और आठवें राउंड में जजपा फिर आगे हो गई।
नौवें, दसवें और 11वें राउंड की गिनती में भाजपा प्रत्याशी मिड्ढा ने फिर बढ़त बना ली। जबकि 12वें और 13वें राउंड की गिनती में जजपा फिर आगे रही, लेकिन वह भाजपा से बढ़त नहीं बना पाई। इस तरह कुल 13 राउंड की गिनती में सात राउंड में जजपा और छह राउंड में भाजपा आगे रही। शहरी क्षेत्रों में जहां भाजपा को बढ़त मिली, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जजपा आगे रही।
धांधली हुई है, चुनाव आयोग से शिकायत की : दिग्विजय
चुनाव में धांधली हुई है। ईवीएम के सीरियल नंबर नहीं मिलना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की गई है। इसके खिलाफ हम अदालत भी जाएंगे। जिन लोगों ने हमें वोट दिया है, उनके दिलों पर राज किया है। 50 दिन पहले बनी पार्टी को लोगों का जो प्यार मिला है, वह बहुत बड़ी बात है। हमेशा जींद के लोगों की सेवा में तैयार रहेंगे।- दिग्विजय चौटाला, जेजेपी प्रत्याशी।
जींद की जनता का जनादेश स्वीकार : सुरजेवाला
हम जींद की जनता का जनादेश स्वीकार करते हैं। हमने विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा की जात-पांत की नीति कामयाब रही। जींद की जनता का मान रखते हुए मतदान बीच में नहीं रुकवाया गया, लेकिन धांधली हुई है। इसकी शिकायत दर्ज करवा दी गई है। जो भी होगा आगे देखेंगे। मैं डॉ. कृष्ण मिड्ढा को जीत की बधाई देता हूं। उम्मीद करता हूं की जींद को विकास में आगे लेकर जाएंगे। - रणदीप सुरजेवाला, प्रत्याशी कांग्रेस।
पिता से भी ज्यादा मतों से जीते डॉ. मिड्ढा
दो बार इनेलो के टिकट पर जीतने के बाद अब तीसरी बार फिर मिड्ढा परिवार विधानसभा में पहुंचा है। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 12930 वोटों से जीत दर्ज की है। इससे पहले उनके पिता स्व. डॉ. हरिचंद मिड्ढा ने इनेलो के टिकट पर 2009 में कांग्रेस के मांगेराम गुप्ता को 7862 मतों से हराया था। 2014 के चुनाव में इनेलो के ही डॉ. हरिचंद मिड्ढा ने भाजपा के सुरेंद्र सिंह बरवाला को 2257 वोटों से हराया था।
अब उनके बेटे डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चौटाला को 12930 मतों से हराया है। बता दें कि 26 अगस्त 2018 को विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा का बीमारी के कारण निधन हो गया था। उसके बाद 31 दिसंबर 2018 को उपचुनाव के लिए घोषणा की गई थी।
2014 में दूसरे नंबर पर थी भाजपा
भाजपा ने जींद विधानसभा क्षेत्र से कई बार चुनाव लड़, लेकिन उसके वोटों की गिनती न के बराबर रही। साल 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सुरेंद्र सिंह बरवाला को मैदान में उतारा था। बरवाला इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा से 2257 वोटों से हार गए थे, लेकिन दूसरे स्थान पर थे। अब 2019 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने इस सीट को जीत लिया है।
इनेलो की फूट और भाजपा के बागी सांसद ने बदले समीकरण
जींद विधानसभा उपचुनाव में समीकरण मुख्य रूप से इनेलो की राजनीतिक और पारिवारिक फूट और भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी को माना जा रहा है। दरअसल, जींद को इनेलो का गढ़ माना जाता है। इनेलो से अलग होकर बनी जजपा की आपसी लड़ाई के कारण दोनों दल चुनाव में हार गए। वहीं, भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की पार्टी लोकतंत्र सुरक्षा मंच ने जिस प्रकार 13,582 मत प्राप्त किए हैं, वह अपने आप में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
भाजपा प्रत्याशी डॉ. कृष्ण मिड्डा 12,930 वोट से विजयी रहे
जजपा प्रत्याशी दिग्विजय चौटाला को 37,648 मत मिले
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरजेवाला को 22,742 वोट मिले
राजकुमार सैनी की पार्टी के प्रत्याशी को 13,582 मत मिले
इनेलो के रेढ़ू को 3454 वोट मिले, वह पांचवें स्थान पर रहे