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घरेलू हिंसा का हर समाधान अब एक ही छत के नीचे
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 17 Apr 2014 02:28 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग सिर्फ मरीजों को इलाज की ही सुविधा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकार पर भी पहल कर रहा है। वह चाहे घरेलू हिंसा हो, दुर्व्यवहार हो, उत्पीड़न की शिकार महिलाएं हो, उनका उपचार तो किया ही जाएगा, उनकी काउंसिलिंग भी की जाएगी।
सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में ऐसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप क्राइसेस सेंटर (काउंसिलिंग सेंटर) बनाया गया है। यह सुविधा मुहैया कराने के लिए टीम में स्वास्थ्य विभाग के अलावा पुलिस और कानून के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। उनके लिए अलग से इमरजेंसी वार्ड भी बनाया गया है, जहां उन्हें 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा मिलेगी।
यह काउंसिलिंग सेंटर गायनी वार्ड के पास बनाया गया है। अभी हाल में ही 11-13 अप्रैल को अस्पताल की पीएमओ और उनकी टीम मुंबई से सेहत एनजीओ का दौरा कर लौटी हैं। इसके बाद मंगलवार से ही इस केंद्र की शुरुआत कर दी गई। अभी तक करीब चार महिलाओं की काउंसिलिंग भी हो चुकी है।
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गोपनीय रखी जाएगी रिपोर्ट
इस काउंसिलिंग सेंटर पर जो भी महिलाएं आएंगी, उनकी रिपोर्ट गोपनीय रखी जाएगी। इस तरह के खास निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न में कमी आएगी।
एक फोन पर पहुंचेगी पुलिस टीम
घरेलू हिंसा, दुर्व्यवहार, अत्याचार की शिकार महिला को यदि पुलिस प्रोटेक्शन, लीगल एडवाइस की जरूरत होगी तो उसे ये तमाम सुविधाएं इसी वन स्टॉप क्राइसेस सेंटर पर मुहैया कराई जाएगी। यदि महिला ट्रीटमेंट और काउंसिलिंग के बाद पुलिस और लीगल एडवाइस चाहती है तो उसके लिए अस्पताल से 1091 नंबर (महिला हेल्प लाइन नंबर) पर फोन किया जाएगा और आधे से एक घंटे के अंदर एक लेडीज सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल, और लीगल एडवाइजर वहां मौजूद होंगे।
कोट्स
उपचार के साथ काउंसिलिंग की सुविधा मंगलवार से शुरू कर दी गई है। महिलाओं की रिपोर्ट को गोपनीय रखने के लिए पुलिस विभाग और कानून के विशेषज्ञों के साथ मीटिंग हुई। उन्होंने हमारी पूरी तरह सपोर्ट की है।
- डा. ऊषा गुप्ता, पीएमओ, जनरल अस्पताल, सेक्टर-6 पंचकूला
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सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में ऐसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप क्राइसेस सेंटर (काउंसिलिंग सेंटर) बनाया गया है। यह सुविधा मुहैया कराने के लिए टीम में स्वास्थ्य विभाग के अलावा पुलिस और कानून के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। उनके लिए अलग से इमरजेंसी वार्ड भी बनाया गया है, जहां उन्हें 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा मिलेगी।
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यह काउंसिलिंग सेंटर गायनी वार्ड के पास बनाया गया है। अभी हाल में ही 11-13 अप्रैल को अस्पताल की पीएमओ और उनकी टीम मुंबई से सेहत एनजीओ का दौरा कर लौटी हैं। इसके बाद मंगलवार से ही इस केंद्र की शुरुआत कर दी गई। अभी तक करीब चार महिलाओं की काउंसिलिंग भी हो चुकी है।
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गोपनीय रखी जाएगी रिपोर्ट
इस काउंसिलिंग सेंटर पर जो भी महिलाएं आएंगी, उनकी रिपोर्ट गोपनीय रखी जाएगी। इस तरह के खास निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न में कमी आएगी।
एक फोन पर पहुंचेगी पुलिस टीम
घरेलू हिंसा, दुर्व्यवहार, अत्याचार की शिकार महिला को यदि पुलिस प्रोटेक्शन, लीगल एडवाइस की जरूरत होगी तो उसे ये तमाम सुविधाएं इसी वन स्टॉप क्राइसेस सेंटर पर मुहैया कराई जाएगी। यदि महिला ट्रीटमेंट और काउंसिलिंग के बाद पुलिस और लीगल एडवाइस चाहती है तो उसके लिए अस्पताल से 1091 नंबर (महिला हेल्प लाइन नंबर) पर फोन किया जाएगा और आधे से एक घंटे के अंदर एक लेडीज सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल, और लीगल एडवाइजर वहां मौजूद होंगे।
कोट्स
उपचार के साथ काउंसिलिंग की सुविधा मंगलवार से शुरू कर दी गई है। महिलाओं की रिपोर्ट को गोपनीय रखने के लिए पुलिस विभाग और कानून के विशेषज्ञों के साथ मीटिंग हुई। उन्होंने हमारी पूरी तरह सपोर्ट की है।
- डा. ऊषा गुप्ता, पीएमओ, जनरल अस्पताल, सेक्टर-6 पंचकूला