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नगर निगम सदन में पार्षद अरुण सूद ने फायर ब्रिगेड कर्मियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, कहा...
Thu, 01 Aug 2019 11:42 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 01 Aug 2019 11:42 AM IST
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अरूण सूद
- फोटो : file photo
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चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक में भाजपा पार्षद अरुण सूद ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया। बुधवार को हुई सदन की बैठक में पार्षद सूद ने कहा कि फायर ब्रिगेड के कर्मचारी फायर सेफ्टी नोटिस के साथ एक विजिटिंग कार्ड भी थमा रहे हैं। खास बात यह है कि विजिटिंग कार्ड जिस व्यक्ति का है, उसी से काम कराने पर ही फायर सेफ्टी एनओसी दी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि संबंधित व्यक्ति से मुझे लिखित में शिकायत दिलवाएं। मैं तत्काल विजलेंस जांच के लिए लिखूंगा। अरुण सूद ने कहा कि जिस व्यक्ति को कर्मचारियों ने विजिटिंग कार्ड दिया, उसने पहले संबंधित कंपनी के लोगों से संपर्क किया तो पता चला कि सभी फायर सेफ्टी नॉर्म्स पूरे करने के लिए एक लाख 25 हजार रुपये लगेंगे।
ध्यान देने वाली बात यह है कि वही काम जब दूसरी कंपनी से कराया तो पूरा काम मात्र 75 हजार रुपये में हो गया। मतलब 50 हजार रुपये का सीधा-सीधा घपला था। उसके बाद बाद काम करने वाली कंपनी ने कुछ कमाया भी होगा, वह अलग। वहीं दूसरी कंपनी से काम करवाने के बाद एनओसी के लिए अब कर्मचारी संबंधित व्यक्ति से 25 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि संबंधित व्यक्ति से मुझे लिखित में शिकायत दिलवाएं। मैं तत्काल विजलेंस जांच के लिए लिखूंगा। अरुण सूद ने कहा कि जिस व्यक्ति को कर्मचारियों ने विजिटिंग कार्ड दिया, उसने पहले संबंधित कंपनी के लोगों से संपर्क किया तो पता चला कि सभी फायर सेफ्टी नॉर्म्स पूरे करने के लिए एक लाख 25 हजार रुपये लगेंगे।
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ध्यान देने वाली बात यह है कि वही काम जब दूसरी कंपनी से कराया तो पूरा काम मात्र 75 हजार रुपये में हो गया। मतलब 50 हजार रुपये का सीधा-सीधा घपला था। उसके बाद बाद काम करने वाली कंपनी ने कुछ कमाया भी होगा, वह अलग। वहीं दूसरी कंपनी से काम करवाने के बाद एनओसी के लिए अब कर्मचारी संबंधित व्यक्ति से 25 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।
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निगम कमिश्नर ने कहा कि उस व्यक्ति से मिलवाकर लिखित में शिकायत दिलवाएं। मैं खुद एडवाइजर को विजलेंस जांच के लिए लिखूंगा। क्योंकि जब मैं गलत नहीं हूं तो अपने विभाग में गलत होने भी नहीं दूंगा।
हम क्या नए हादसों का इंतजार कर रहे हैं
वहीं, सफेदा के पेड़ की डाली के नीचे दबकर ऑटो चालक की मौत पर अरुण सूद ने कहा कि सभी स्कूलों पर पेड़ लगे हैं। इनकी उम्र मात्र 20 साल होती है। इन सभी पेड़ों की उम्र 60 साल हो गई है। एक हादसे के बाद क्या हम दूसरे बड़े हादसों का इंतजार कर रहे हैं। यदि नहीं तो उन्हें कटवाने का प्रबंध क्यों नहीं कर रहे। कमिश्नर ने कहा कि हमारी जमीन पर जो पेड़ हैं उनकी व्यवस्था कर रहे हैं, साथ ही प्रशासन को भी लिखा है।
हम क्या नए हादसों का इंतजार कर रहे हैं
वहीं, सफेदा के पेड़ की डाली के नीचे दबकर ऑटो चालक की मौत पर अरुण सूद ने कहा कि सभी स्कूलों पर पेड़ लगे हैं। इनकी उम्र मात्र 20 साल होती है। इन सभी पेड़ों की उम्र 60 साल हो गई है। एक हादसे के बाद क्या हम दूसरे बड़े हादसों का इंतजार कर रहे हैं। यदि नहीं तो उन्हें कटवाने का प्रबंध क्यों नहीं कर रहे। कमिश्नर ने कहा कि हमारी जमीन पर जो पेड़ हैं उनकी व्यवस्था कर रहे हैं, साथ ही प्रशासन को भी लिखा है।