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पहले रिश्वत का राज, अब विजिलेंस की गाज
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 Dec 2014 04:24 PM IST
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हरियाणा की अफसर शाही में रिश्वतखोरी की जड़ें जिस गहराई तक अंदर समाईं हैं, इसका अंदाजा बीते 35 दिन में साफ देखा जा सकता है।
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नई सरकार बनते ही राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने बीते 35 दिन में अलग-अलग जगह छापे मारकर 24 अधिकारियों और कर्मचारियों को एक हजार से एक लाख रुपये तक की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए मुलाजिमों में ए और बी श्रेणी के कर्मचारी भी शामिल हैं।
पिछले रिकार्ड के अनुसार, अब तक सरकार में निचले स्तर के कर्मचारियों की धरपकड़ के ही सबसे ज्यादा मामले सामने आते थे। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद ही विजिलेंस विभाग ने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राम किशन फौजी के खिलाफ भ्रष्ट्राचार का मामला दर्ज किया है।
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नवंबर में 20 दिन में पकड़े 10 कर्मचारी
नवंबर माह के दौरान विजिलेंस ब्यूरों ने जिन्हें गिरफ्तार किया, उनमें चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी केएसविज, पानीपत के खनन निरीक्षक राममूर्ति, नगर परिषद भिवानी के भवन निरीक्षक संजीव अरोड़ा, सीआईए होडल के एएसआई अब्दुल रजाक, सिपाही बलजीत सिंह, रेवाड़ी के वन रक्षक सुरेंद्र कुमार, फरीदाबाद थाने के सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, बादली पुलिस चौकी के मुख्य सिपाही प्रवीण कुमार, करनाल के हल्का पटवारी सतीश कुमार, फतेहाबाद तहसील में कंप्यूटर आपरेटर महेंद्र कुमार, हिसार के वन खंड अधिकारी मामराज शामिल हैं।
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दिसंबर में अब तक रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारी-
2 दिसंबर : पलवल के थाना सदर के मुख्य सिपाही प्रदीप कुमार 60 हजार की रिश्वत लेते काबू
2 दिसंबर : पंचकूला के मंडी सुपरवाइजर रविंद्र कुमार 10 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
3 दिसंबर : हिसार के हलका पटवारी अजीत सिंह 2 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
4 दिसंबर : जिला नगर योजनाकार कैथल के कनिष्ठ अभियंता इंद्र राम 15 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
9 दिसंबर : पानीपत श्रम विभाग में सहायक डा. दीपक तनेजा और जय पाल सिंह 5 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
10 दिसंबर : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बहादुरगढ़ कार्यालय के क्लर्क भगवान 6 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
11 दिसंबर : एचएसआईआईडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक अशोक भल्ला 60 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
11 दिसंबर : अंबाला से जग्गी कॉलोनी निवासी हरजिंद्र सिंह उर्फ पिंकी एक लाख रुपये रिश्वत लेते काबू
( ब्यूरो के अनुसार, हरजिंद्र सिंह ने यह राशि जगाधरी के स्पेशल स्टाफ में तैनात सब इंस्पेक्टर नरेश कुमार को देने के लिए ली थी)
12 दिसंबर : प्रशासक हुडा, गुड़गांव में अनुबंध आधार पर कार्यरत सहायक सुभाष खुराना (रिटायर्ड) 5 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
12 दिसंबर : जींद स्थित हरियाणा प्रदूषण बोर्ड के क्लर्क संजीव कुमार 25 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
15 दिसंबर : रोहतक में एएसआई सतीश कुमार तीन लाख रुपये रिश्वत लेते काबू
यह कहा है मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामले में ‘जीरो टोलरैंस’ की नीति रहेगी। उनका कहना है- ‘भ्रष्टाचार की जन्मोत्री ऊपर से नीचे की ओर चलती है, ऐसे में लोग विश्वास रखें कि ऊपर कोई गड़बड़ नहीं होगी, इसलिए नीचे भी गड़बड़ नहीं होनी चाहिए।’
इस नंबर पर दें रिश्वतखोरों की सूचना
चौकसी ब्यूरो के महानिदेशक यशपाल सिंघल का कहना है कि लोग भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध टोल फ्री न. 18001802022/1064 के अलावा विभाग की वेबसाइट www.haryanavigilance.gov.in पर सूचना दे सकते हैं।