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Chandigarh News: दूषित पानी की शिकायतों पर निगम सख्त, हर दिन होगी सैंपलिंग और निगरानी
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चंडीगढ़। शहर में मिट्टी मिले और सीवर मिश्रित पानी की आपूर्ति को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर का नगर निगम ने संज्ञान लिया है। सोमवार को चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा ने अधिकारियों को लिखित निर्देश जारी कर बरसात के मौसम में पानी की गुणवत्ता की रोजाना निगरानी करने के आदेश दिए। जिन सेक्टरों, कॉलोनियों या गांवों से दूषित पानी की शिकायत मिलेगी, वहां तत्काल पानी के सैंपल लेकर जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन पब्लिक हेल्थ डिवीजन-3 को क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीम मीडिया रिपोर्ट या आम लोगों की शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर पानी के नमूने लेगी और जांच करेगी। प्रत्येक शुक्रवार को सभी सब-डिवीजनों की रिपोर्ट सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (पब्लिक हेल्थ) को भेजी जाएगी।
आदेश में पूरे पब्लिक हेल्थ विभाग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिसमें सैंपलिंग, टेस्टिंग, शिकायत निस्तारण, रिपोर्टिंग और जनसंपर्क की प्रक्रिया तय होगी। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि पानी की गुणवत्ता जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पाइपलाइन की मरम्मत और फ्लशिंग भी कराई जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन पब्लिक हेल्थ डिवीजन-3 को क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीम मीडिया रिपोर्ट या आम लोगों की शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर पानी के नमूने लेगी और जांच करेगी। प्रत्येक शुक्रवार को सभी सब-डिवीजनों की रिपोर्ट सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (पब्लिक हेल्थ) को भेजी जाएगी।
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आदेश में पूरे पब्लिक हेल्थ विभाग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिसमें सैंपलिंग, टेस्टिंग, शिकायत निस्तारण, रिपोर्टिंग और जनसंपर्क की प्रक्रिया तय होगी। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि पानी की गुणवत्ता जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पाइपलाइन की मरम्मत और फ्लशिंग भी कराई जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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