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कोरोना काल में चंडीगढ़ में बेपटरी हुई व्यवस्था लौटने लगी पटरी पर, पीजीआई में सर्जरी ने गति पकड़ी
Sat, 29 Aug 2020 12:13 PM IST
खुशबू गोयल
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 29 Aug 2020 12:13 PM IST
सार
- लॉकडाउन में सर्जरी की संख्या पहुंच गई थी एक हजार पर, जुलाई में आंकड़ा पहुंचा 27 सौ के पार
- माइनर की तुलना में मेजर सर्जरी हुई ज्यादा, बेपटरी हुई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
कोरोना महामारी के दौरान पीजीआई चंडीगढ़ में ओपीडी सेवा ठप होने से लाखों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन पीजीआई में सर्जरी की रफ्तार धीरे-धीरे तेजी पकड़ने लगी है। लगभग 3 महीने से बेपटरी हुई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने से मरीजों ने राहत की सांस ली है।
स्थिति यह है कि अप्रैल में लॉकडाउन के कारण पीजीआई में होने वाली सर्जरी की संख्या 1000 तक सीमित हो चुकी थी, यह धीरे-धीरे बढ़ते हुए जुलाई में 2700 का आंकड़ा पार कर चुकी है। इससे एक तरफ जहां गंभीर मरीजों को इलाज मिलने लगा है।
वहीं पीजीआई प्रशासन भी कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इलाज मुहैया कराने के प्रयास में तेजी से जुट गया है। आंकड़े बताते हैं कि पीजीआई में चार महीनों में हुई सर्जरी में गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है।
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लॉकडाउन से बाधित हुई व्यवस्था
पीजीआई की ओपीडी मार्च में बंद होने के बाद से सामान्य सर्जरी भी ठप हो गई थी। इस दौरान इमरजेंसी और ट्रामा में आने वाले मरीजों की सर्जरी की जा रही थी। स्थिति यह थी कि जिस पीजीआई में एक दिन में हजारों मरीजों की सर्जरी होती थी, वहां केवल चंद मरीजों को ही इलाज मिल पा रहा था।
पीजीआई प्रशासन ने चंडीगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों से आने वाले 10 से 15000 मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया था, जिसके बाद मरीजों को महामारी के दौरान ओपीडी बंद रहने के बावजूद टेलीकंसल्टेशन के जरिए इलाज मुहैया कराने की शुरुआत की गई।
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स्थिति यह है कि अप्रैल में लॉकडाउन के कारण पीजीआई में होने वाली सर्जरी की संख्या 1000 तक सीमित हो चुकी थी, यह धीरे-धीरे बढ़ते हुए जुलाई में 2700 का आंकड़ा पार कर चुकी है। इससे एक तरफ जहां गंभीर मरीजों को इलाज मिलने लगा है।
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वहीं पीजीआई प्रशासन भी कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इलाज मुहैया कराने के प्रयास में तेजी से जुट गया है। आंकड़े बताते हैं कि पीजीआई में चार महीनों में हुई सर्जरी में गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है।
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लॉकडाउन से बाधित हुई व्यवस्था
पीजीआई की ओपीडी मार्च में बंद होने के बाद से सामान्य सर्जरी भी ठप हो गई थी। इस दौरान इमरजेंसी और ट्रामा में आने वाले मरीजों की सर्जरी की जा रही थी। स्थिति यह थी कि जिस पीजीआई में एक दिन में हजारों मरीजों की सर्जरी होती थी, वहां केवल चंद मरीजों को ही इलाज मिल पा रहा था।
पीजीआई प्रशासन ने चंडीगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों से आने वाले 10 से 15000 मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया था, जिसके बाद मरीजों को महामारी के दौरान ओपीडी बंद रहने के बावजूद टेलीकंसल्टेशन के जरिए इलाज मुहैया कराने की शुरुआत की गई।
कोविड के मरीजों की भी हो रही सेफ सर्जरी
पीजीआई में आने वाले गंभीर मरीजों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उनका इलाज बाधित नहीं हो रहा है। क्योंकि कोरोना के गंभीर मरीजों की भी जरूरत के हिसाब से सर्जरी की जा रही है। पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में भर्ती लगभग दो दर्जन से ज्यादा ऐसे पॉजिटिव मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है, जो अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे और उन्हें तत्काल सर्जरी की जरूरत थी।
ट्रामा और इमरजेंसी के साथ अन्य सेंटर में भी
कोविड के कारण शुरुआती दौर में सभी रूटीन सर्जरी को बंद कर दिया गया था। केवल इमरजेंसी और ट्रामा में आने वाले गंभीर मरीजों की सर्जरी की जा रही थी, लेकिन अब फिर से व्यवस्था पटरी पर आने लगी है। इमरजेंसी और ट्रॉमा के साथ ही कार्डियक सेंटर, पीडियाट्रिक सेंटर में आने वाले मरीजों की सर्जरी की जा रही है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार सर्जरी के दौरान मरीज के साथ ही डॉक्टर व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोरोना का संक्रमण किसी भी स्तर पर न हो पाए।
कोविड के दौरान संक्रमण से बचाव के मानकों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा मरीजों को सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। कोरोना पॉजिटिव के साथ ही अन्य गंभीर मरीजों की पूरे एहतियात के साथ सर्जरी की जा रही है।
- डॉ. अशोक कुमार, पीजीआई प्रवक्ता
ट्रामा और इमरजेंसी के साथ अन्य सेंटर में भी
कोविड के कारण शुरुआती दौर में सभी रूटीन सर्जरी को बंद कर दिया गया था। केवल इमरजेंसी और ट्रामा में आने वाले गंभीर मरीजों की सर्जरी की जा रही थी, लेकिन अब फिर से व्यवस्था पटरी पर आने लगी है। इमरजेंसी और ट्रॉमा के साथ ही कार्डियक सेंटर, पीडियाट्रिक सेंटर में आने वाले मरीजों की सर्जरी की जा रही है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार सर्जरी के दौरान मरीज के साथ ही डॉक्टर व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोरोना का संक्रमण किसी भी स्तर पर न हो पाए।
कोविड के दौरान संक्रमण से बचाव के मानकों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा मरीजों को सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। कोरोना पॉजिटिव के साथ ही अन्य गंभीर मरीजों की पूरे एहतियात के साथ सर्जरी की जा रही है।
- डॉ. अशोक कुमार, पीजीआई प्रवक्ता