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पानीपत में रुके प्रवासी मजदूर बोले- दिन में एक बार खाना दिया, विरोध किया तो बरसाई लाठियां

Wed, 20 May 2020 12:40 PM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 20 May 2020 12:40 PM IST
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Coronavirus, Lockdown, Lathicharge on Migrant Workers in Panipat
घर के लिए पैदल निकले प्रवासी मजदूर - फोटो : अमर उजाला
तीन दिन पहले पानीपत के सेक्टर-25 में स्थित शाम बाग गार्डन में ठहरे प्रवासियों का कहना है कि पुलिस ने मंगलवार की दोपहर उन पर लाठी बरसाईं। प्रवासी श्रमिकों ने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले वह अपने गांव, शहर, राज्य लौट रहे थे, इसलिए वह बस स्टैंड पर हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर इकट्ठा हुए थे, जिनको प्रशासन ने शाम  बाग गार्डन में ठहरवाया था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके लिए सिर्फ रहने का प्रबंध किया, इस बीच उन्हें दिन में केवल एक बार खाना दिया जाता था। प्रशासन ने उन्हें इस आश्वासन पर ठहरवाया था कि उन्हें रेल से उनके गांव  में भेज देगें, लेकिन तीन तक प्रशासन ने उनकी कोई सूध नहीं ली। जिसके बाद वह खुद ही अपने गांव  जाने के लिए पैदल ही तैयारी करने लगे। जिसकी भनक प्रशासन को लगी और पुलिस भेजकर उनपर लाठी चार्ज कराया।
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जिसके बाद सभी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। दो से ढाई  हजार मजदूरों पैदल ही अपने गांव, शहर, राज्य के लिए रवाना हो गए और जाते जाते प्रशासन के प्रबंध पर गंभीर आरोप लगा गए। अब एक तरफ प्रशासन मजूदरों को रेल व बसो के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को उनके गांव, शहर व राज्य भेज रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन यह कदम अविश्वनीय है।
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पहले फैक्टरी मालिक तो अब प्रशासन ने शहर से निकाला, लेकर जा रहे याद

प्रवासी मजदूर मोहम्मद ने बताया कि वह सेक्टर 29 स्थित एक फैक्टरी में काम करता है। पहले तो फैक्टरी मालिक ने बिना किराया दिए ही फैक्टरी से निकाल दिया। प्रशासन ने ठहरने के लिए जगह दी तो गांव लौटने की आशा जगी,  लेकिन अब प्रशासन ने भी लाठी चार्ज कराया, जो कि उनकी जीवन भर की याद बनकर रहेगा।

तीन दिन में कोई सुध नहीं लेने आया, आए भी तो लाठियां लेकर
 प्रवासी मजदूर जवाहर लाल ने बताया कि  उन्होंने बिना प्रशासन  की मदद के पैदल ही अपने घर जाने का फैसला कर लिया था। वह अपने परिवार के  साथ बस स्टैंड से गुजर रहे थे तो प्रशासन ने उन्हें सेक्टर25 स्थित शाम बाग में ठहरवाया। पानी तो दूर खाना  भी तीन दिन में तीन बार मिला। प्रशासन उनकी सूध लेने नहीं आया और कोई आया भी तो डंडे व लाठियां लेकर।

भागकर बचाई जान, रेल में गांव पहुंचाने का दिया झूठा आश्वासन
प्रवासी मजदूर सारूख ने बताया कि लाठी चार्ज हाने के बाद उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई है। प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह रेल से उन्हें गांव भेजेंगे,लेकिन तीन दिन हो गए थे कोई उनके पास स्वास्थ्य की हालत पूछने तक नहीं आया। प्रशासन ने उन्हें झूठा आश्वासन दिया, जो वह नहीं भूलेंगे।

सभी आरोप बेबुनियाद, शरारती  तत्वों ने फैला दी थी ओपन ट्रेन की झूठी अफवाह
पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। किसी शरारती तत्व ने उन्हें झूठी सूचना दे दी थी कि अब ओपन ट्रेन चल गई है, जिसके बाद कुछ शरारी तत्वों ने शरारत करनी भी शुरू कर दी थी और वहां से निकलना शुरू कर दिया था। जिनको पुलिसकर्मी समझाने के लिए गए थे। फिलहाल सभी  प्रवासियों को समालखा के एक शेल्टर होम में ठहरवा दिया है और इनकी 22 मई की ट्रेन को भेजा जाएगा।
- सतीश वत्स, डीएसपी, मुख्यालय
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