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लॉकडाउन: हरियाणा में गरीबी रेखा से ऊपर वालों को भी मिलेगा सस्ता राशन, डिपो को स्टॉक जारी
Wed, 08 Apr 2020 11:38 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 08 Apr 2020 11:38 AM IST
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कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के परिवारों को भी अब सस्ता राशन मिलेगा। सरकार बाजार दरों की तुलना में कम दरों पर सरकारी डिपो से राशन उपलब्ध कराएगी। इन कार्डधारकों को गेहूं 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम, चीनी 39 रुपये प्रति किलोग्राम व सरसों का तेल 105 रुपये में एक बोतल मिलेगी।
इसके लिए डिपो में अतिरिक्त राशन पहुंचा दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का तीन महीने का राशन पहले ही डिपो में पहुंच चुका है। सभी गुलाबी, पीला और खाकी कार्डधारकों को दोगुना राशन निशुल्क दिया जाएगा। इस राशन में चीनी और सरसों का तेल भी शामिल है। सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।
सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद उन्होंने, राज्यपाल, उप-मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्री, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने भी कोरोना से निपटने व अर्थव्यवस्था में अपेक्षित मंदी के मद्देनजर वित्तीय सहायता दी है। सबने अपने ऐच्छिक कोटे से समेकित निधि में 51 करोड़ रुपये का योगदान करने का निर्णय लिया है।
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विधायकों का इस माह का वेतन भी कोरोना रिलीफ फंड में जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन के संबंध में केंद्र सरकार जैसा निर्णय लेगी, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
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इसके लिए डिपो में अतिरिक्त राशन पहुंचा दिया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का तीन महीने का राशन पहले ही डिपो में पहुंच चुका है। सभी गुलाबी, पीला और खाकी कार्डधारकों को दोगुना राशन निशुल्क दिया जाएगा। इस राशन में चीनी और सरसों का तेल भी शामिल है। सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।
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सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद उन्होंने, राज्यपाल, उप-मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्री, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने भी कोरोना से निपटने व अर्थव्यवस्था में अपेक्षित मंदी के मद्देनजर वित्तीय सहायता दी है। सबने अपने ऐच्छिक कोटे से समेकित निधि में 51 करोड़ रुपये का योगदान करने का निर्णय लिया है।
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विधायकों का इस माह का वेतन भी कोरोना रिलीफ फंड में जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन के संबंध में केंद्र सरकार जैसा निर्णय लेगी, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
किसानों का नुकसान नहीं होने देंगे
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी उपज का एक-एक दाना सरकार खरीदेगी। गेहूं की खरीद के लिए मंडियों और खरीद केंद्र की संख्या 477 से बढ़ाकर 2000 की गई है, सरसों के 67 से बढ़ाकर 140 खरीद केंद्र किए गए हैं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हों। यह केंद्र किसानों के गांवों के पास होंगे।
चरणबद्ध तरीके से किसानों की उपज खरीदने की योजना तैयार की गई है। फैसले का समर्थन करने वाले आढ़तियों का धन्यवाद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उन किसानों को प्रोत्साहन दिया जाए जो देरी से अपनी उपज को मंडियों में लेकर आएंगें।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस पर अनुकूल निर्णय लेगी’’। किसानों को उनकी उपज की खरीद के 24 घंटों के भीतर बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सरसों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी और मंडियों में सरसों की फसल की खरीद पर कोई सीमा नहीं होगी।
उठान भी 24 घण्टे में सुनिश्चित करेंगे। वे मंडियों में अपनी उपज लेते समय सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाए रखें और मास्क का उपयोग करें ताकि कोरोना वायरस से स्वयं को प्रभावित होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मंडियों और खरीद केंद्रों में मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
चरणबद्ध तरीके से किसानों की उपज खरीदने की योजना तैयार की गई है। फैसले का समर्थन करने वाले आढ़तियों का धन्यवाद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उन किसानों को प्रोत्साहन दिया जाए जो देरी से अपनी उपज को मंडियों में लेकर आएंगें।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस पर अनुकूल निर्णय लेगी’’। किसानों को उनकी उपज की खरीद के 24 घंटों के भीतर बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सरसों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी और मंडियों में सरसों की फसल की खरीद पर कोई सीमा नहीं होगी।
उठान भी 24 घण्टे में सुनिश्चित करेंगे। वे मंडियों में अपनी उपज लेते समय सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाए रखें और मास्क का उपयोग करें ताकि कोरोना वायरस से स्वयं को प्रभावित होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मंडियों और खरीद केंद्रों में मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
कंबाईन हार्वेस्टर मशीनें आ चुकी हैं
सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक गरीब की देखभाल कर रही है और पिछले सात दिनों में 55 लाख खाद्य पैकेट और 3.50 लाख राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। सरकार के 150 कर्मचारियों ने मार्च, 2020 का अपना 100 प्रतिशत वेतन व 1.82 लाख कर्मचारियों ने एक प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत के बीच में दिया है।
महाराष्ट्र और पंजाब से कुछ कंबाईन हार्वेस्टर मशीनें हरियाणा में आ चुकी हैं। सभी मशीनों व वाहनों की वर्कशाप और एजेंसी को खुले रहने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि फसल कटाई में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इनके व ट्रैक्टर के आवागमन में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। फसल कटाई व उठान के लिए मनरेगा के श्रमिकों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
इसके अलावा, राज्य के 200 विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे 15000 से अधिक मजदूरों ने भी खेतों में काम करने की इच्छा जताई है। सरकार ने 50 से 60 लाख मीट्रिक टन अनाज रखने की सुविधा तैयार की है। इसके अलावा,विभिन्न स्थानों पर भी शेड सुविधा तैयार की गई है जहां पर दो से तीन महीनें के लिए अनाज को रखा जा सकता हैं।
उन्होंने कहा कि गुरूग्राम की मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर गुरूग्राम के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों में जाकर इस सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में लोगों को समझाएं ताकि कोविड-19 के प्रकोप को फैलने से रोका जा सके।
महाराष्ट्र और पंजाब से कुछ कंबाईन हार्वेस्टर मशीनें हरियाणा में आ चुकी हैं। सभी मशीनों व वाहनों की वर्कशाप और एजेंसी को खुले रहने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि फसल कटाई में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इनके व ट्रैक्टर के आवागमन में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। फसल कटाई व उठान के लिए मनरेगा के श्रमिकों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
इसके अलावा, राज्य के 200 विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे 15000 से अधिक मजदूरों ने भी खेतों में काम करने की इच्छा जताई है। सरकार ने 50 से 60 लाख मीट्रिक टन अनाज रखने की सुविधा तैयार की है। इसके अलावा,विभिन्न स्थानों पर भी शेड सुविधा तैयार की गई है जहां पर दो से तीन महीनें के लिए अनाज को रखा जा सकता हैं।
उन्होंने कहा कि गुरूग्राम की मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर गुरूग्राम के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों में जाकर इस सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने में लोगों को समझाएं ताकि कोविड-19 के प्रकोप को फैलने से रोका जा सके।