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Punjab: नवांशहर के बाद मोगा भी कोरोना मुक्त हुआ, सभी चार मरीजों की रिपोर्ट आई निगेटिव
Thu, 23 Apr 2020 12:00 PM IST
खुशबू गोयल
हर्ष सलारिया, चंडीगढ़
हर्ष सलारिया, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 23 Apr 2020 12:00 PM IST
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पंजाब के लिए वीरवार की सुबह बड़ी राहत भरी खबर आई। नवांशहर के बाद मोगा भी कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गया है। यहां से चार मरीज थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। चारों मरीज 14 दिन से क्वारंटीन थे। यातायात सेवा बहाल होते ही इन्हें महाराष्ट्र भेज दिया जाएगा, क्योंकि ये महाराष्ट्र से आए 14 जमातियों के दल का हिस्सा थे।
नवांशहर हुआ कोरोना मुक्त, यहीं पर हुई थी वायरस से पहली मौत
पंजाब में कोरोना से पहली मौत के बाद सुर्खियों में आए नवांशहर जिले में अब कोई भी मरीज कोरोना से संक्रमित नहीं रहा है। रेड जोन में आए नवांशहर के लिए बुधवार की सुबह खुशी लेकर आई, क्योंकि अस्पताल में उपचारधीन कोरोना पीड़ित मरीज की रिपोर्ट जैसे ही नेगेटिव आई तो अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के चेहरे खिल गए। ऐसे में अब नवांशहर जिला कोरोना की जंग में रोल माडल बन सकता है।
किसी समय नवांशहर में प्रदेश भर में सबसे ज्यादा 19 मरीज कोरोना प्रभावित थे। सबसे पहले विदेश से लौटे संत बाबा बलदेव सिंह की मौत के बाद नवांशहर जिला बेहद सुर्खियों में आ गया था। उसके बाद बाबा बलदेव सिंह के परिवार व उनके नजदीकियों के जब टेस्ट हुए तो जिले में 19 मरीज कोरोना पीड़ित पाए गए। बाबा बलदेव सिंह की कोरोना रिपोर्ट उनकी मौत के बाद आई थी। बता दें कि करोना की चेन को तोड़ने के पीछे प्रशासन का सबसे बड़ा फैसला लोगों को पहले ही सेल्फ लॉकडाउन के लिए मनाना रहा।
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नवांशहर हुआ कोरोना मुक्त, यहीं पर हुई थी वायरस से पहली मौत
पंजाब में कोरोना से पहली मौत के बाद सुर्खियों में आए नवांशहर जिले में अब कोई भी मरीज कोरोना से संक्रमित नहीं रहा है। रेड जोन में आए नवांशहर के लिए बुधवार की सुबह खुशी लेकर आई, क्योंकि अस्पताल में उपचारधीन कोरोना पीड़ित मरीज की रिपोर्ट जैसे ही नेगेटिव आई तो अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के चेहरे खिल गए। ऐसे में अब नवांशहर जिला कोरोना की जंग में रोल माडल बन सकता है।
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किसी समय नवांशहर में प्रदेश भर में सबसे ज्यादा 19 मरीज कोरोना प्रभावित थे। सबसे पहले विदेश से लौटे संत बाबा बलदेव सिंह की मौत के बाद नवांशहर जिला बेहद सुर्खियों में आ गया था। उसके बाद बाबा बलदेव सिंह के परिवार व उनके नजदीकियों के जब टेस्ट हुए तो जिले में 19 मरीज कोरोना पीड़ित पाए गए। बाबा बलदेव सिंह की कोरोना रिपोर्ट उनकी मौत के बाद आई थी। बता दें कि करोना की चेन को तोड़ने के पीछे प्रशासन का सबसे बड़ा फैसला लोगों को पहले ही सेल्फ लॉकडाउन के लिए मनाना रहा।
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19 मार्च को पहला पॉजिटिव केस आया था
19 मार्च को जैसे ही पहला पॉजिटिव केस व 20 मार्च को इसी परिवार के छह अन्य के पॉजिटिव मिलने का पता चला तो रातोंरात गांव पठलावा को सील कर दिया गया। वहीं जिले में व्यापार मंडल को मनाकर 21 मार्च को ही सेल्फ लॉकडाउन करवा दिया। इसके बाद भले पहले से संक्रमित मरीज जरूर मिले और संख्या 18 तक जरूर पहुंची लेकिन इस चेन को आगे बढ़ने से रोक लिया गया।
बता दें कि दो सप्ताह पहले तक नवांशहर पंजाब में कोरोना का एपिक सेंटर बना हुआ था। नवांशहर से ही कोरोना जालंधर पहुंचा और होशियारपुर के भी अधिकतर पॉजिटिव मामले नवांशहर की चेन से ही जुड़े हुए थे। लेकिन नवांशहर प्रशासन ने सख्ती और संयम से बिना वजह किसी को घर से बाहर निकलने नहीं दिया और जरूरतमंदों को परेशान भी नहीं होने दिया।
बता दें कि दो सप्ताह पहले तक नवांशहर पंजाब में कोरोना का एपिक सेंटर बना हुआ था। नवांशहर से ही कोरोना जालंधर पहुंचा और होशियारपुर के भी अधिकतर पॉजिटिव मामले नवांशहर की चेन से ही जुड़े हुए थे। लेकिन नवांशहर प्रशासन ने सख्ती और संयम से बिना वजह किसी को घर से बाहर निकलने नहीं दिया और जरूरतमंदों को परेशान भी नहीं होने दिया।