चंडीगढ़: बढ़ते मरीजों के बीच राहत, पीयू के प्रोफेसर ने दी कोरोना को मात, पीजीआई से मिली छुट्टी
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चंडीगढ़ में एक ओर जहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से हालात खराब हो रहे हैं, वहीं बुधवार दोपहर पीजीआई से एक राहत भरी खबर आई। 19 दिन तक कोरोना से जंग लड़ने के बाद पीयू के संक्रमित प्रोफेसर ने जीत दर्ज कर ली। बुधवार को उन्हें पीजीआई से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल से जाते समय पीजीआई प्रबंधन ने प्रोफेसर को पौधा भेंट किया ताकि उनका जीवन भी हराभरा रहे। फिलहाल प्रोफेसर की 8 वर्षीय बेटी व सास अभी भी पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रोफेसर का पहला कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया था। उसके बाद बुधवार सुबह दोबारा कोरोना टेस्ट किया गया, दूसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई। उसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज करने का फैसला लिया। डीन प्रो. जीडी पुरी ने पौधा देकर उन्हें स्वस्थ होकर घर जाने की शुभकामनाएं दीं।
प्रोफेसर ने इस मौके पर बेहतर इलाज और व्यवस्थाओं की सराहना भी की। कहा कि इसी वजह से उन्होंने इतनी जल्दी कोरोना को मात दे दी। वहीं, पीयू प्रोफेसर ने बताया कि आठ साल की बेटी और सास का कोरोना टेस्ट अभी नेगेटिव नहीं आया है। बेटी थोड़ी उदास है लेकिन मेरे ठीक होने की खबर पर काफी खुश भी है।
प्रोफेसर ने कहा कि मेरा बेटा भी घर में मुझे काफी याद करता है। उम्मीद है जल्द बेटी व सास भी ठीक होकर घर लौटेंगी। प्रोफेसर ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे पता है मैं कितने कष्ट के दौर से गुजरा हूं। पीयू के प्रोफेसर ने 6 अप्रैल को बुखार आने के बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दिखाया था। वहां से उन्हें जीएमएसएच-16 में रेफर कर दिया गया। यहां पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जहां से प्रोफेसर को 10 अप्रैल को पीजीआई के कोविड सेंटर में भेज दिया गया था, जहां पर वह दो दिन वेंटिलेटर पर रहे।
मुश्किलों से जीती है कोरोना से जंग
डीन प्रो. जीडी पुरी ने कहा कि पीयू प्रोफेसर की बॉडी में ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। डायबिटीज थी, कोरोना होने की वजह से उनका शुगर लेवल 400 के ऊपर चला गया था। आईसीयू में शिफ्ट कर उनका ऑक्सीजन लेवल ठीक किया गया अब उनका शुगर भी सामान्य है। उन्हें 10 दिन के बाद आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। प्रो. जीडी पुरी ने बताया कि प्रो. डायबिटीज से पीड़ित है, वह आयुर्वेदिक दवाएं ले रहे थे जिसकी वजह से उनका शुगर लेवल अनियंत्रित था लेकिन दवाओं के जरिए उन्हें ठीक कर दिया गया।