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Corona Virus: चंडीगढ़ में धड़ल्ले से हो रही मास्क की कालाबाजारी, 30 वाला बिक रहा 250 में
Sat, 07 Mar 2020 10:06 AM IST
खुशबू गोयल
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 07 Mar 2020 10:06 AM IST
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मास्क की कालाबाजारी
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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चंडीगढ़ में धड़ल्ले से मास्क की कालाबाजारी हो रही है। आलम यह है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोग मुंहमांगी कीमत अदा कर मास्क खरीद रहे हैं। बिना किसी संकोच या डर के ज्यादातर मेडिकल शॉप में मास्क की कालाबाजारी हो रही है। 30 रुपये वाले मास्क को 250 रुपये में बेचा जा रहा है। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद दाम बढ़ाये जाने पर दुकानवालों का जवाब है कि वे खुद महंगा खरीद रहे हैं तो सस्ता कैसे बेच दें।
होलसेल रेट पर कीमतों में उछाल की बात कहकर खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं मास्क की कीमत बढ़ाये जाने को लेकर वे सेनेटाइजर पर डिस्काउंट की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि मास्क पर न तो एमआरपी होती है न ही कोई ऐसा रिकॉर्ड जिससे उसकी मौजूदा कीमत का आंकलन किया जा सके। अमर उजाला की पड़ताल में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं-
मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री हेल्थ डिपार्टमेंट के अंतर्गत नहीं आती, फिर भी मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीन टीमों का गठन किया गया है। टीमें रेंडम जांच कर ऐसे दुकानवालों पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।
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- डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर हेल्थ
अगर निर्देश के बावजूद दवा की दुकानों पर मास्क और सेनेटाइजर के रेट बढ़ाकर बिक्री की जा रही है तो ये बेहद शर्मनाक है। कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन ऐसे दुकानदारों का कभी साथ नहीं देगा।
- अमरजीत सिंह, अध्यक्ष चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन
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होलसेल रेट पर कीमतों में उछाल की बात कहकर खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इतना ही नहीं मास्क की कीमत बढ़ाये जाने को लेकर वे सेनेटाइजर पर डिस्काउंट की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि मास्क पर न तो एमआरपी होती है न ही कोई ऐसा रिकॉर्ड जिससे उसकी मौजूदा कीमत का आंकलन किया जा सके। अमर उजाला की पड़ताल में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं-
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मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री हेल्थ डिपार्टमेंट के अंतर्गत नहीं आती, फिर भी मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीन टीमों का गठन किया गया है। टीमें रेंडम जांच कर ऐसे दुकानवालों पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।
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- डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर हेल्थ
अगर निर्देश के बावजूद दवा की दुकानों पर मास्क और सेनेटाइजर के रेट बढ़ाकर बिक्री की जा रही है तो ये बेहद शर्मनाक है। कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन ऐसे दुकानदारों का कभी साथ नहीं देगा।
- अमरजीत सिंह, अध्यक्ष चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन
सीन- 1
दिन- शुक्रवार
स्थान- सेक्टर- 32 स्थित दवा मार्केट
समय- दोपहर 1.45 बजे
यहां लगभग सभी दवा की दुकानों पर भीड़ लगी थी। दवा से ज्यादा मास्क के खरीदार थे। एक दुकान पर मास्क की कीमत पूछी तो दुकानवाले ने पूरी वॅरायटी गिना दी। इसमें यूज एंड थ्रो 20 रुपये, वॉशेबल 70 रुपये और एन 95, 300 रुपये शामिल थे। लगभग 10 गुना ज्यादा दाम पर मास्क बेचे जाने की बात पूछने पर जवाब मिला। क्या करें.. मैडम होल सेलर ने दाम बढ़ा दिए हैं। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है।
सीन- 2
स्थान- पीजीआई स्थित गोल मार्केट
समय- दोपहर 2.40 बजे
इस मार्केट में 32 से कहीं ज्यादा भीड़ नजर आ रही थी। ज्यादातर खरीदारों ने यूज एंड थ्रो मास्क लगा रखा था। लगभग हर व्यक्ति दवा के साथ मास्क की खरीदारी कर रहा था। लेकिन यहां यूज एंड थ्रो और वॉशेबल मास्क ही उपलब्ध था। दो रुपये वाले यूज एंड थ्रो मास्क को 25 रुपये और 30 रुपये वाले वॉशेबल मॉस्क को 70 रुपये में बेचा जा रहा था। रेट बढ़ाकर मास्क बेचे जाने की बात पर जवाब मिला कि जिसकी किल्लत है वे तो महंगा बिकेगा ही। ये अर्थव्यवस्था बरकरार रखने का भी तरीका है।
सीन- 3
स्थान- सेक्टर- 11 स्थित मार्केट
समय- दोपहर 3.25 बजे
पीजीआई केपास होने के कारण इस मार्केट में भी दवा की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ दिखी। लेकिन यहां सिर्फ यूज एंड थ्रो मास्क ही उपलब्ध था। दुकान वालों का कहना था कि बाकी मास्क के स्टॉक एक महीने पहले ही खत्म हो चुके हैं। दो रुपये के मास्क को 20 से 25 रुपये में बेचे जाने के पीछे उनका तर्क था कि होल सेलर इसे 13 रुपये में दे रहा है। वहीं सेनेटाइजर की रेट पर उनका कहना था कि 350 रुपये वाले 500 एमएल के सेनेटाइजर को 15 प्रतिशत की छूट के साथ बेच रहे हैं। लेकिन यह किसी को नजर नहीं आ रहा।
दिन- शुक्रवार
स्थान- सेक्टर- 32 स्थित दवा मार्केट
समय- दोपहर 1.45 बजे
यहां लगभग सभी दवा की दुकानों पर भीड़ लगी थी। दवा से ज्यादा मास्क के खरीदार थे। एक दुकान पर मास्क की कीमत पूछी तो दुकानवाले ने पूरी वॅरायटी गिना दी। इसमें यूज एंड थ्रो 20 रुपये, वॉशेबल 70 रुपये और एन 95, 300 रुपये शामिल थे। लगभग 10 गुना ज्यादा दाम पर मास्क बेचे जाने की बात पूछने पर जवाब मिला। क्या करें.. मैडम होल सेलर ने दाम बढ़ा दिए हैं। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है।
सीन- 2
स्थान- पीजीआई स्थित गोल मार्केट
समय- दोपहर 2.40 बजे
इस मार्केट में 32 से कहीं ज्यादा भीड़ नजर आ रही थी। ज्यादातर खरीदारों ने यूज एंड थ्रो मास्क लगा रखा था। लगभग हर व्यक्ति दवा के साथ मास्क की खरीदारी कर रहा था। लेकिन यहां यूज एंड थ्रो और वॉशेबल मास्क ही उपलब्ध था। दो रुपये वाले यूज एंड थ्रो मास्क को 25 रुपये और 30 रुपये वाले वॉशेबल मॉस्क को 70 रुपये में बेचा जा रहा था। रेट बढ़ाकर मास्क बेचे जाने की बात पर जवाब मिला कि जिसकी किल्लत है वे तो महंगा बिकेगा ही। ये अर्थव्यवस्था बरकरार रखने का भी तरीका है।
सीन- 3
स्थान- सेक्टर- 11 स्थित मार्केट
समय- दोपहर 3.25 बजे
पीजीआई केपास होने के कारण इस मार्केट में भी दवा की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ दिखी। लेकिन यहां सिर्फ यूज एंड थ्रो मास्क ही उपलब्ध था। दुकान वालों का कहना था कि बाकी मास्क के स्टॉक एक महीने पहले ही खत्म हो चुके हैं। दो रुपये के मास्क को 20 से 25 रुपये में बेचे जाने के पीछे उनका तर्क था कि होल सेलर इसे 13 रुपये में दे रहा है। वहीं सेनेटाइजर की रेट पर उनका कहना था कि 350 रुपये वाले 500 एमएल के सेनेटाइजर को 15 प्रतिशत की छूट के साथ बेच रहे हैं। लेकिन यह किसी को नजर नहीं आ रहा।
जीरकपुर में 10 रुपये वाला 40 में और 150 वाले का रेट पहुंचा 500 रुपये
जीरकपुर में कोरोना वायरस के डर से सर्जिकल और एंटी पॉल्यूशन मास्क की कालाबाजारी शुरू हो गई है। 10-10 रुपये में मिलने वाला मास्क अब 40-40 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं, कई केमिस्ट शॉप में तो मास्क उपलब्ध ही नहीं है। इसके साथ ही सेनेटाइजर भी अब महंगा हो गया है। देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्ध लोगों की संख्या बढ़ने के कारण सर्जिकल और एंटी पॉल्यूशन मास्क की कालाबाजारी शुरू हो गई है।
जीरकपुर में एन-95 मास्क तो गायब ही हो गया है। कुछ समय पहले तक यही मास्क बाजार में आसानी से और सस्ती दरों पर मिल रहे थे।
बाजार में हैंड सेनेटाइजर की कमी और इसकी कीमत में बढ़ोतरी की बात भी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि आमतौर पर सर्जिकल मास्क 10 रुपये में मिलता है। इसको 40 रुपये से ज्यादा में बेचा जा रहा है, वहीं एन-95 मास्क की कीमत करीब 150 रुपये के आसपास होती है जिसे 500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव और ग्लोबल डिमांड में तेजी की वजह से यहां पहले से ही मास्क की कीमत बढ़ने लगी थी। फरवरी के मध्य तक जीरकपुर में एन-95 मास्क की कीमत 50 फीसदी तक चढ़ चुकी थी।
यह कहा शहर के मेडिकल स्टोर मालिकों ने
कोरोना वायरस के चलते लोगों में मास्क की मांग बढ़ गई है। दीवाली के समय प्रदूषण बढ़ जाता है, लेकिन उस समय भी मास्क की डिमांड मार्केट में उतनी नहीं होती, जितनी कोरोना वायरस के चलते अभी है। पिछले 40 साल में मास्क बनाने वाली इंडस्ट्री में इस तरह की पैनिक वाली स्थिति कभी नहीं देखी गई।
- पारितोष गुप्ता, मेडिकल स्टोर वीआईपी रोड।
मास्क कई गुना कीमतों पर बेचे जा रहे हैं। सप्लाई भी महंगी आ रही है। पहले जहां एन-95 मास्क का रेट 150 रुपये था, वह अब 250-300 रुपये में मिल रहा है। मास्क के नाम पर लोगों के साथ लूट हो रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। इस खतरे की घड़ी में सही दरों पर लोगों को मास्क मिलना जरूरी है।
- राजेश कुमार गर्ग, मेडिकल स्टोर संचालक, लोहगढ़ रोड जीरकपुर।
जीरकपुर में एन-95 मास्क तो गायब ही हो गया है। कुछ समय पहले तक यही मास्क बाजार में आसानी से और सस्ती दरों पर मिल रहे थे।
बाजार में हैंड सेनेटाइजर की कमी और इसकी कीमत में बढ़ोतरी की बात भी सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि आमतौर पर सर्जिकल मास्क 10 रुपये में मिलता है। इसको 40 रुपये से ज्यादा में बेचा जा रहा है, वहीं एन-95 मास्क की कीमत करीब 150 रुपये के आसपास होती है जिसे 500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव और ग्लोबल डिमांड में तेजी की वजह से यहां पहले से ही मास्क की कीमत बढ़ने लगी थी। फरवरी के मध्य तक जीरकपुर में एन-95 मास्क की कीमत 50 फीसदी तक चढ़ चुकी थी।
यह कहा शहर के मेडिकल स्टोर मालिकों ने
कोरोना वायरस के चलते लोगों में मास्क की मांग बढ़ गई है। दीवाली के समय प्रदूषण बढ़ जाता है, लेकिन उस समय भी मास्क की डिमांड मार्केट में उतनी नहीं होती, जितनी कोरोना वायरस के चलते अभी है। पिछले 40 साल में मास्क बनाने वाली इंडस्ट्री में इस तरह की पैनिक वाली स्थिति कभी नहीं देखी गई।
- पारितोष गुप्ता, मेडिकल स्टोर वीआईपी रोड।
मास्क कई गुना कीमतों पर बेचे जा रहे हैं। सप्लाई भी महंगी आ रही है। पहले जहां एन-95 मास्क का रेट 150 रुपये था, वह अब 250-300 रुपये में मिल रहा है। मास्क के नाम पर लोगों के साथ लूट हो रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। इस खतरे की घड़ी में सही दरों पर लोगों को मास्क मिलना जरूरी है।
- राजेश कुमार गर्ग, मेडिकल स्टोर संचालक, लोहगढ़ रोड जीरकपुर।
मोहाली की मास्क और सेनेटाइजर की कमी नहीं, और न ही लोगों में आपाधापी
कोरोना वायरस से लोग खौफजदा जरूर हैं, लेकिन एक तरफ जहां कई शहरों में मास्क और सेनेटाइजर बाजार से गायब हो गए हैं या ब्लैक में बिक रहे हैं, वहीं मोहाली की केमिस्ट शॉप्स पर इनका भरपूर स्टॉक मौजूद है। सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में इसकी कमी नहीं है। सेहत विभाग की ओर से मास्क और सेनेटाइजर की अनुपयोगिता की एडवाइजरी कई बार जारी करने के चलते मोहाली के लोगों में इसको लेकर कोई आपाधापी नहीं है। मोहाली की केमिस्ट शॉप्स पर निर्धारित दामों पर इन्हें आसानी से लिया जा सकता है। यहां ऐसा कुछ नहीं है कि केमिस्ट शॉप्स से मास्क गायब हो गए हैं या इनकी कीमतें ज्यादा बढ़ा दी गई हैं।
मोहाली के फेज-3 में केमिस्ट शॉप चला रहे जगदीप सिंह बराड़ ने बताया कि यहां मास्क और सेनेटाइजर की मांग में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है लेकिन लोगों में कोई आपाधापी नहीं है। शहर में तकरीबन सभी केमिस्ट शॉप के पास अपनी जरूरत के मुताबिक स्टॉक है। होलसेल मार्केट में भी फिलहाल इनकी कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ शहरों में मास्क और सेनेटाइजर की मांग एकदम ज्यादा बढ़ जाने से वहां स्टॉक में कमी आई है, लेकिन मोहाली में इनकी मांग सामान्य ही है और हर केमिस्ट के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
इसी शॉप पर खांसी का सिरप लेने आए विशाल गुप्ता से जब मास्क और सेनेटाइजर की जरूरत के बारे में की गई तो उन्होंने कहा कि खांसी-जुकाम के दौरान पहले भी कभी इनका इस्तेमाल नहीं किया। दवा और बचाव ही इलाज के लिए पर्याप्त है। वहीं, खरड़ में मेडिकल शॉप मालिक नीरज वर्मा ने बताया कि मांग सामान्य बनी हुई है। कुछ बड़े शहरों, खासकर दिल्ली और एनसीआर में इसकी मांग एकदम बढ़ने से आपूर्ति थोड़ी प्रभावित हुई है। वर्मा ने बताया कि बाजार में इन उत्पादों की जितनी मांग है उसके लिहाज से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। खास प्रकार के सेनेटाइजर की मांग बढ़ने के सवाल पर उन्होंने बताया कि सभी सेनेेटाइजर एक जैसा ही काम करते हैं।
मोहाली फेज-7 में मेडिकल शॉप के मालिक देसराज ने बताया कि मोहाली में सामान्य दिनों की अपेक्षा मांग में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है। मास्क और सेनेटाइजर सर्जिकल आइटम की केटेगरी में आते हैं। इनके कुछ स्टाकिस्ट समय पर सप्लाई नहीं दे रहे। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेस सेक्रेटरी हंसराज मेहता ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा के बाद अब पंजाब के कई शहरों में भी मास्क और सेनेटाइजर की कमी देखने को मिल रही है। वह बताते हैं कि सर्जिकल आइटम बनाने वाली कंपनियों की तरफ से निर्धारित दामों पर जरूरत के मुताबिक सप्लाई की जा रही है। इसके बाद भी कुछ जगहों पर दिक्कत है। प्रशासन को इसको लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
मोहाली के फेज-3 में केमिस्ट शॉप चला रहे जगदीप सिंह बराड़ ने बताया कि यहां मास्क और सेनेटाइजर की मांग में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है लेकिन लोगों में कोई आपाधापी नहीं है। शहर में तकरीबन सभी केमिस्ट शॉप के पास अपनी जरूरत के मुताबिक स्टॉक है। होलसेल मार्केट में भी फिलहाल इनकी कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ शहरों में मास्क और सेनेटाइजर की मांग एकदम ज्यादा बढ़ जाने से वहां स्टॉक में कमी आई है, लेकिन मोहाली में इनकी मांग सामान्य ही है और हर केमिस्ट के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
इसी शॉप पर खांसी का सिरप लेने आए विशाल गुप्ता से जब मास्क और सेनेटाइजर की जरूरत के बारे में की गई तो उन्होंने कहा कि खांसी-जुकाम के दौरान पहले भी कभी इनका इस्तेमाल नहीं किया। दवा और बचाव ही इलाज के लिए पर्याप्त है। वहीं, खरड़ में मेडिकल शॉप मालिक नीरज वर्मा ने बताया कि मांग सामान्य बनी हुई है। कुछ बड़े शहरों, खासकर दिल्ली और एनसीआर में इसकी मांग एकदम बढ़ने से आपूर्ति थोड़ी प्रभावित हुई है। वर्मा ने बताया कि बाजार में इन उत्पादों की जितनी मांग है उसके लिहाज से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। खास प्रकार के सेनेटाइजर की मांग बढ़ने के सवाल पर उन्होंने बताया कि सभी सेनेेटाइजर एक जैसा ही काम करते हैं।
मोहाली फेज-7 में मेडिकल शॉप के मालिक देसराज ने बताया कि मोहाली में सामान्य दिनों की अपेक्षा मांग में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है। मास्क और सेनेटाइजर सर्जिकल आइटम की केटेगरी में आते हैं। इनके कुछ स्टाकिस्ट समय पर सप्लाई नहीं दे रहे। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेस सेक्रेटरी हंसराज मेहता ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा के बाद अब पंजाब के कई शहरों में भी मास्क और सेनेटाइजर की कमी देखने को मिल रही है। वह बताते हैं कि सर्जिकल आइटम बनाने वाली कंपनियों की तरफ से निर्धारित दामों पर जरूरत के मुताबिक सप्लाई की जा रही है। इसके बाद भी कुछ जगहों पर दिक्कत है। प्रशासन को इसको लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
मास्क और सेनेटाइजर को लेकर लोगों में भ्रम
जिले के सभी ब्लॉकों में हेल्थ टीमों को जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए कहा गया है। इसे लेकर स्पष्ट हिदायतें सभी संबंधित मेडिकल अफसरों को दी जा चुकी हैं। मास्क और सेनेटाइजर को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति हैै। मेडिकल एक्सपर्ट्स और सरकार इसकी सिफारिश नहीं करती। कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क और सेनेटाइजर की जरूरत नहीं है। किसी भी तरह के संक्रमित व्यक्ति की जांच करते समय डाक्टर्स और मेडिकल स्टाफ इसका इस्तेमाल करता है, या फिर संक्रमित व्यक्ति के साथ सीधे संपर्क में रहने वाले व्यक्ति को डाक्टर्स जरूरत के मुताबिक इसकी सिफारिश करते हैं। सामान्य जीवन में किसी भी प्रकार के फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाकर रखना और साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोना पर्याप्त है। जरूरी न हो तो ज्यादा भीड़ में जाने से परहेज करें।
- डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन मोहाली
- डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन मोहाली