Coronavirus: अटारी-वाघा और हुसैनीवाला सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी पर रोक, डॉक्टरों की टीम तैनात
- कोरोना की दहशत के बीच केंद्र सरकार ने किया फैसला।
- पाकिस्तानियों की जांच के लिए आईसीपी में डॉक्टरों की टीम तैनात।
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कोरोनावायरस की दहशत के बीच केंद्र सरकार ने भारत-पाकिस्तान के बीच अमृतसर में अटारी-वाघा बॉर्डर और फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी के आयोजन पर सात मार्च से आगामी आदेश तक पाबंदी लगा दी है। वहीं, बीएसएफ ने स्पष्ट किया कि लोगों के न आने से उनकी ड्यूटी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वे ध्वजारोहण व अन्य ड्रिल करते रहेंगे।
यह पहला अवसर है जब दुनिया भर में फैल रही किसी बीमारी की वजह से रिट्रीट सेरेमनी पर पाबंदी लगाई गई हो। इससे पहले पाकिस्तान वाघा सीमा पर हुए बम ब्लास्ट के बाद इस समारोह को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया था। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों के दौरान भी इसे बंद किया गया था। हालांकि कारगिल युद्ध का इस समारोह पर कोई भी असर नहीं पड़ा था।
डीसी शिवदुलार सिंह के कहा कि अटारी-वाघा बॉर्डर पर इस सेरेमनी को देखने के लिए हजारों पर्यटक जाते हैं। 20 से 25 हजार पर्यटक इस दौरान एक दूसरे से सट कर बैठते हैं। इस कारण समारोह के आयोजन पर पाबंदी लगा दी गई है।
अमृतसर पहुंचे ईरान के 13 नागरिकों में नहीं मिले कोरोना के लक्षण
इटली के रास्ते अमृतसर पहुंचे ईरान के 13 नागरिकों की जांच के बाद उनके कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। एसडीएम विकास हिमांशु ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें शुक्रवार को यात्रा की अनुमति दे दी है। ये सभी ईरानी नागरिक हरिद्वार की यात्रा करने के बाद सड़क के रास्ते गुरु नगरी पहुंचे थे।
वह श्री हरमंदिर साहिब और अन्य धार्मिक स्थानों की यात्रा के लिए आए थे। गुरुवार रात को कोरोना वायरस की जांच के मद्देनजर जिला प्रशासन ने उन्हें होटल में नजरबंद कर दिया था। होटल में ठहरे अन्य लोगों को भी कमरों से बाहर न निकलने के निर्देश जारी किए गए थे। होटल के सभी कर्मचारियों और इसके आसपास तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों को मास्क पहनने के निर्देश दिए थे। हालांकि किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं।
पाकिस्तानियों की जांच के लिए आईसीपी में डॉक्टरों की टीम तैनात
जिला सेहत विभाग ने अटारी सड़क सीमा के रास्ते भारत आने वाले पाकिस्तानियों की जांच के लिए आईसीपी में एक केंद्र की स्थापना की है। दो डॉक्टरों की टीम पाकिस्तान से आने वाले यात्रियों की स्कैनर से जांच कर रही है।
आज से हुसैनीवाला बार्डर पर भी रिट्रीट सेरेमनी बंद
कोरोनावायरस के चलते शनिवार से हुसैनीवाला बार्डर पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी को भी रद्द कर दिया गया है। वाघा बार्डर पर शुक्रवार से ही रिट्रीट सेरेमनी रद्द कर दी गई जबकि हुसैनीवाला बार्डर पर शुक्रवार को रिट्रीट सेरेमनी हुई। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें शनिवार से रिट्रीट सेरेमनी बंद करने के आदेश आए हैं। शुक्रवार को आदेश नहीं आए थे, इसलिए दोनों देशों के बीच हुसैनीवाला बार्डर पर रिट्रीट सेरेमनी की गई।
गुरदासपुर में सामने आया कोरोना का संदिग्ध
गुरदासपुर सिविल अस्पताल में कोरोनावायरस का एक संदिग्ध मरीज दाखिल किया गया है। खून के नमूने लेकर दिल्ली लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल एहतियात के तौर पर मरीज को पृथक वार्ड में रखा गया है। सिविल अस्पताल में तैनात डॉ. मनजिंदर बब्बर ने बताया कि गांव कीड़ी अफगाना का 43 साल का मरीज दिल्ली में किसी निजी अस्पताल में किसी अन्य बीमारी का इलाज करवा रहा था।
पैसों की कमी के चलते वह गांव आ गया और सिविल अस्पताल में दाखिल हुआ है। उसकी पिछली रिपोर्ट के अनुसार उसके दोनों फेफड़े खराब हो चुके हैं। एहतियात के तौर पर उसके खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। डीसी मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है।
फतेहगढ़ साहिब में नहीं है कोरोनावायरस का केस: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. एनके अग्रवाल ने दावा किया कि जिले में कोरोनावायरस का कोई केस नहीं है। एक संदिग्ध मरीज जिला अस्पताल में दाखिल किया गया था, उसकी भी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले की सभी सेहत संस्थाओं में फ्लू कार्नर बनाए गए हैं और प्राइवेट अस्पतालों को फ्लू कार्नर बनाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को भी इस बारे में जागरूक किया गया है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सेहत विभाग की तरफ से इस संबंधी पृथक वार्ड तैयार किए गए हैं और जिले में विदेश से लौटे व्यक्तियों को ट्रेस करके उन्हें घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है।