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कोरोना: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, राज्य की जेलों से रिहा होंगे 4000 कैदी

Tue, 11 Aug 2020 08:34 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 11 Aug 2020 08:34 PM IST
सार

  • जेलों में कैदियों की अधिकृत क्षमता 50 प्रतिशत तक करने का फैसला
  • जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले- 9500 कैदी हो चुके हैं रिहा

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Corona in Punjab: 4000 prisoners will be released from Punjab jails
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब की जेलों में कैदियों की अधिकृत क्षमता 50 प्रतिशत तक लाने का फैसला किया गया है। जिससे जेलों में सामाजिक दूरी के साथ-साथ कैदियों के लिए एकांतवास के लिए उपयुक्त जगह मुहैया करवाई जा सके। फैसले के अंतर्गत 3500 से 4000 तक और कैदियों को रिहा किया जाएगा। इससे पहले जेलों से 9500 कैदियों को रिहा किया जा चुका है।

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जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को बताया कि यह कार्रवाई लॉकडाउन की बंदिशों में ढील, अपराध दर एवं नए कैदियों की आमद बढ़ने के कारण की जा रही है। जेल मंत्री ने कहा कि विशेष जेलों में कैदियों की आमद करीब 3000 कैदी प्रति महीना है। इस समय राज्य की जेलों में 17500 कैदी हैं, जो कि कुल क्षमता का 73 प्रतिशत है।
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रंधावा ने कहा कि जेल प्रशासन की तरफ से कोविड की रोकथाम और नियमों के पालन करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके तहत उच्च स्तरीय कमेटी की तीसरी मीटिंग में फैसला किया गया कि जेलों में भीड़ घटाने के लिए अधिकृत क्षमता को 50 प्रतिशत तक लाया जाए। इससे सामाजिक दूरी के नियमों का पालन और विशेष जेलों से दूसरी जेलों में शिफ्ट कैदियों के एकांतवास के लिए उपयुक्त जगह मुहैया हो सकेगी।

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जेल मंत्री ने बताया कि कुल कैदियों में से 80 प्रतिशत हवालाती हैं और पैरोल पर रिहा करने के लिए सिफारिशों के लिए मापदंड सिर्फ हवालाती के ही संबंध में थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए उन दोषी के संबंध में जिनके पास से थोड़ी मात्रा बरामद की हो और तीन से अधिक केस दर्ज न हों।

449 कैदी आ चुके हैं पॉजिटिव
राज्य की जेलों में अब तक 449 कैदी और 77 जेल कर्मियों का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया है। इनमें से ज़्यादातर केस मई के बीच में शुरू किए सभी कैदियों के दो चरणों के टेस्ट के कारण कुछ हफ़्तों के दौरान आए हैं। कमेटी ने यह भी सिफ़ारिश की है कि जो कैदी कोविड पॉजिटिव पाये गए हैं, उनको संबंधित ज्युडिशियल अधिकारियों की तरफ से पहल के आधार पर पैरोल पर छोड़ा जाए।

इन धाराओं के कैदी होंगे रिहा
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर बनाई गई कमेटी की सिफारिशों के तहत पैरोल पर छोड़े जाने वालों कैदियों में अब आईपीसी की धारा 379, 420, 406, 452, 323, 324, 188, 336, 316, 279, 170, 337, 338, 315 और 498 -ए के तहत पकड़े गए भी शामिल हैं। नये मापदंडों के अलावा वह सभी कैदी जो अब पैरोल पर छोड़े गए हैं, उनकी पैरोल तब तक बढ़ाई जाती है, जब तक एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 लागू रहता है।

कैदी रिहाई का कमेटी ने किया फैसला
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई थी, जिसमें पंजाब और हरियाणा के हाईकोर्ट के जज जस्टिस आरके जैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जेल) और एडीजीपी (जेल) शामिल है। इस कमेटी की तरफ से 25 मार्च और 2 मई को दो बैठकों में चर्चा के बाद 9500 कैदियों को रिहा किया गया। हाल ही में कमेटी की तीसरी मीटिंग हुई, जिसके अंतर्गत 3500 से 4000 तक और कैदियों को छोड़ने का फैसला किया गया है।

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