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कोरोना इफेकटः चंडीगढ़ ने संशोधित बजट में 36.11 तो अगले साल के लिए मांगे 5670.31 करोड़
Tue, 06 Oct 2020 10:23 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 06 Oct 2020 10:23 AM IST
सार
- चंडीगढ़ प्रशासन को संशोधित बजट में केंद्र से ज्यादा रकम मिलने की उम्मीद नहीं
- वित्त वर्ष 2021-22 के लिए चंडीगढ़ ने रखी 5670.31 करोड़ रुपये की मांग
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विस्तार
कोरोना वायरस की वजह से केंद्र सरकार के खजाने पर भी काफी असर पड़ा है। प्रशासन को केंद्र से इस साल संशोधित बजट में ज्यादा पैसा मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए प्रशासन ने केंद्र से सिर्फ 36.11 करोड़ रुपये की ही मांग की है। जबकि पिछले साल 246 करोड़ तो उससे पहले 360 करोड़ रुपये की मांग रखी थी।
वहीं, प्रशासन ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए केंद्र से 5670.31 करोड़ रुपये का बजट मांगा है। यह रकम पिछले साल से 370.31 करोड़ रुपये ज्यादा है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 5300 करोड़ रुपये बजट में मांगे गए थे, लेकिन केंद्र ने 5138.10 करोड़ ही चंडीगढ़ की झोली में डाले। इसमें रेवेन्यू हेड में 4693.96 करोड़ तो कैपिटल हेड में 494.14 करोड़ मिले थे।
प्रशासन के बजट पर केंद्र सरकार ने 161.9 करोड़ की कैंची चला दी थी। इस वर्ष कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने पिछले साल से 370.31 करोड़ रुपये ज्यादा मांगे हैं। संशोधित बजट में 36.11 करोड़ रुपये की मांग के साथ प्रशासन का मौजूदा वित्तीय वर्ष का कुल बजट 5174.21 करोड़ रुपये हो गया है। गौरतलब है कि प्रशासन को फरवरी में केंद्र सरकार से 5138.10 करोड़ रुपये मिले थे।
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वहीं, प्रशासन ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए केंद्र से 5670.31 करोड़ रुपये का बजट मांगा है। यह रकम पिछले साल से 370.31 करोड़ रुपये ज्यादा है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 5300 करोड़ रुपये बजट में मांगे गए थे, लेकिन केंद्र ने 5138.10 करोड़ ही चंडीगढ़ की झोली में डाले। इसमें रेवेन्यू हेड में 4693.96 करोड़ तो कैपिटल हेड में 494.14 करोड़ मिले थे।
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प्रशासन के बजट पर केंद्र सरकार ने 161.9 करोड़ की कैंची चला दी थी। इस वर्ष कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने पिछले साल से 370.31 करोड़ रुपये ज्यादा मांगे हैं। संशोधित बजट में 36.11 करोड़ रुपये की मांग के साथ प्रशासन का मौजूदा वित्तीय वर्ष का कुल बजट 5174.21 करोड़ रुपये हो गया है। गौरतलब है कि प्रशासन को फरवरी में केंद्र सरकार से 5138.10 करोड़ रुपये मिले थे।
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बजट की कमी से कई प्रोजेक्ट अधर में
बजट नहीं होने से प्रोजेक्ट अधर में हैं, जबकि कई नए प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहे हैं। गांवों के विकास के लिए भी नगर निगम पिछले कई महीनों से फंड की मांग कर रहा है। नगर निगम ने 22 गांवों के विकास के लिए 103 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की है। उधर, कोरोना की वजह से लगे आर्थिक झटके को देखते हुए चंडीगढ़ का ट्रिब्यून फ्लाईओवर प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया है।
हालांकि फ्लाईओवर बनेगा या नहीं, इसको लेकर फैसला प्रशासक की एडवाइजरी काउंसिल में होगा। कोरोना की वजह से इस बैठक का आयोजन नहीं हो पा रहा है लेकिन प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अब मंजूरी मिलने के बाद भी फ्लाईओवर के लिए केंद्र सरकार से राशि की मंजूरी मिलना आसान नहीं होगा।
16 अक्टूबर से शुरू होगी बजट की प्रक्रिया
वित्त मंत्रालय 2021-22 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया 16 अक्तूबर से शुरू करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह तीसरा बजट होगा। बजट में कोविड-19 संकट के कारण आर्थिक वृद्धि में गिरावट और राजस्व संग्रह में कमी जैसे मसलों से निपटने के उपाय करने होंगे। बजट पूर्व बैठक 16 अक्तूबर से शुरू होगी और नवंबर के पहले सप्ताह तक जारी रहेगी।
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर केंद्र शासित प्रदेशों से 30 सितंबर तक रिवाइज्ड एस्टीमेट (संशोधित बजट) की मांग की थी। वर्ष 2020-21 के लिए मिले बजट के खर्चे, वर्तमान स्थिति और जरूरत को देखने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन हर साल रिवाइज्ड एस्टीमेंट की मांग करता है। स्थिति का आंकलन करने के बाद केंद्र सरकार जरूरत के अनुसार बजट जारी करता है।
हालांकि फ्लाईओवर बनेगा या नहीं, इसको लेकर फैसला प्रशासक की एडवाइजरी काउंसिल में होगा। कोरोना की वजह से इस बैठक का आयोजन नहीं हो पा रहा है लेकिन प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अब मंजूरी मिलने के बाद भी फ्लाईओवर के लिए केंद्र सरकार से राशि की मंजूरी मिलना आसान नहीं होगा।
16 अक्टूबर से शुरू होगी बजट की प्रक्रिया
वित्त मंत्रालय 2021-22 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया 16 अक्तूबर से शुरू करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह तीसरा बजट होगा। बजट में कोविड-19 संकट के कारण आर्थिक वृद्धि में गिरावट और राजस्व संग्रह में कमी जैसे मसलों से निपटने के उपाय करने होंगे। बजट पूर्व बैठक 16 अक्तूबर से शुरू होगी और नवंबर के पहले सप्ताह तक जारी रहेगी।
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर केंद्र शासित प्रदेशों से 30 सितंबर तक रिवाइज्ड एस्टीमेट (संशोधित बजट) की मांग की थी। वर्ष 2020-21 के लिए मिले बजट के खर्चे, वर्तमान स्थिति और जरूरत को देखने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन हर साल रिवाइज्ड एस्टीमेंट की मांग करता है। स्थिति का आंकलन करने के बाद केंद्र सरकार जरूरत के अनुसार बजट जारी करता है।
किस साल कितना बजट मिला
वर्ष मांग बजट मिला
2020-21 5300 करोड़ 5138.10 करोड़
2019-20 5218 करोड़ 4753.12 करोड़
2018-19 5908 करोड़ 4511.91 करोड़
2017-18 6151 करोड़ 4312.40 करोड़
2016-17 5489 करोड़ 3937.47 करोड़
2015-16 4229 करोड़ 3543 करोड़
यूटी प्रशासन ने रिवाइज्ड एस्टीमेट भेज दिया है। कोरोना वायरस ने राज्य समेत केंद्र सरकार के खजाने पर भी असर डाला है। इसलिए प्रशासन को रिवाइज्ड एस्टीमेट में ज्यादा पैसा मिलने की उम्मीद कम है।
- मनोज परिदा, प्रशासक के सलाहकार
2020-21 5300 करोड़ 5138.10 करोड़
2019-20 5218 करोड़ 4753.12 करोड़
2018-19 5908 करोड़ 4511.91 करोड़
2017-18 6151 करोड़ 4312.40 करोड़
2016-17 5489 करोड़ 3937.47 करोड़
2015-16 4229 करोड़ 3543 करोड़
यूटी प्रशासन ने रिवाइज्ड एस्टीमेट भेज दिया है। कोरोना वायरस ने राज्य समेत केंद्र सरकार के खजाने पर भी असर डाला है। इसलिए प्रशासन को रिवाइज्ड एस्टीमेट में ज्यादा पैसा मिलने की उम्मीद कम है।
- मनोज परिदा, प्रशासक के सलाहकार