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कोरोना कमांडो: ढाई माह से लगातार निभा रहे फर्ज, पत्नी भी कर रही है महिलाओं को सहयोग
Sat, 13 Jun 2020 10:48 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 13 Jun 2020 10:48 AM IST
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कोरोना कमांडो पति-पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
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मुश्किल समय में देश की रक्षा करना हर भारतीय का पहला कर्तव्य होता है। वही कर्तव्य मैंने और मेरी पत्नी ने निभाया। यह कहना है नगर निगम के समाज विकास अधिकारी विवेक त्रिवेदी का। विवेक त्रिवेदी नौकरी के साथ साथ पत्नी रेखा त्रिवेदी के सहयोग से 29 मार्च से लगातार लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। बड़ी बात यह है कि इस दौरान उन्होंने एक भी साप्ताहिक अवकाश नहीं लिया।
विवेक त्रिवेदी ने बताया कि कमिश्नर केके यादव से बातचीत कर उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 750 स्ट्रीट वेंडर्स को पास दिलवाया। सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने के साथ ही लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से शहर की कॉलोनियों और झुग्गियों में सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था करवाई। कोरोना महामारी के दौरान सभी स्ट्रीट वेंडर्स को मास्क, सैनिटाइजर और हर प्रकार की हेल्थ स्क्रीनिंग के साथ उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया।
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विवेक त्रिवेदी ने 10 शेल्टर होम को भी मेयर राजबाला मलिक व कमिश्नर केके यादव की मदद से एक्सटेंशन करवाया और बेघर लोगों को अस्थायी आशियाना दिलवाया। लोगों को तीन समय का खाना मिल जाये बस इसी उद्देश्य से विवेक त्रिवेदी पत्नी के साथ काम में जुटे रहे। विवेक त्रिवेदी ने बताया कि इस पूरे काम मे सामाजिक संस्थाओं ने भी उनका काफी सहयोग किया। संस्थाओं के माध्यम से ग्वाला कॉलोनी, मनीमाजरा रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले लोग, झुग्गियों और अन्य 49 हजार लोगों लोगों तक खाना पहुंचाने का काम किया।
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विवेक त्रिवेदी ने बताया कि कमिश्नर केके यादव से बातचीत कर उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 750 स्ट्रीट वेंडर्स को पास दिलवाया। सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने के साथ ही लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से शहर की कॉलोनियों और झुग्गियों में सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था करवाई। कोरोना महामारी के दौरान सभी स्ट्रीट वेंडर्स को मास्क, सैनिटाइजर और हर प्रकार की हेल्थ स्क्रीनिंग के साथ उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बांटा च्यवनप्राश
विवेक त्रिवेदी ने बताया कि कोरोना से बचाव का सबसे बेहतर माध्यम था कि लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाए। कमिश्नर व मेयर के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में 2 से 3 हजार परिवारों के बच्चों को 15 सौ किलो च्यवनप्राश वितरित किया ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी रहे। इसके अलावा एक हजार किलो रेडी टू ईट सामग्री बच्चों और महिलाओं में बांटी गईं। इस सामग्री में गर्म पानी डालने पर यह साथ ही खाने के लिए तैयार हो जाती है।
रेखा त्रिवेदी ने की गरीब महिलाओं की सेवा
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रेखा त्रिवेदी ने जीरकपुर की झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं को सेनेटरी पैड, मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए। साथ ही छोटे बच्चों को दूध व सेरेलेक उपलब्ध कराया।
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चार साल के बेटे को संभालते थे दादा
विवेक त्रिवेदी ने एक बेटे को गोद लिया है। इसकी उम्र चार साल है। पति-पत्नी जब लोगों की सेवा करेंगे तो बच्चे को कौन संभालेगा, यह बड़ा सवाल था। तब विवेक त्रिवेदी के पिता ने कहा तुम समाज की सेवा करो, नाती को संभालने की जिम्मेदारी मेरी है। यह सुनते ही जैसे पति- पत्नी एक बड़ी विडंबना से मुक्त हो गए। दोनों सुबह 6 बजे घर से निकलते थे। रात को घर आकर अच्छे से सैनेटाइज होकर फिर बेटे को भी समय देते थे।
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