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पीयू के बॉटनी व एनवायरमेंट विभाग में जगह को लेकर घमासान, अफसर बच रहे

Thu, 06 Jan 2022 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 02:00 AM IST
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Controversy over space in PU's Botany and Environment Department, officers are surviving
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में बुधवार को वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) और पर्यावरण विभाग की अध्यक्ष आपस में भिड़ गईं। दोनों में जमकर नोकझोंक हुई। आवाजें सुनकर अन्य शिक्षक व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया। दोनों ही विभागों की अध्यक्षों ने पीयू के अधिकारियों को यह बात बताई है और हाथापाई का आरोप लगाया है। हालांकि पीयू के अफसर पहले जाग जाते तो यह नौबत नहीं आती, क्योंकि पर्यावरण विभाग की प्रमुख दो माह से अपने बैठने के लिए जगह की मांग कर रही थीं लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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बता दें कि वनस्पति विज्ञान विभाग के भवन की दूसरी मंजिल पर पर्यावरण विभाग संचालित है। वर्षों से दोनों विभाग एक ही भवन में अच्छे से काम कर रहे थे। किसी को कोई दिक्कत नहीं थी। पर्यावरण विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुमन मोर को दो माह पहले रीढ़ की हड्डी और कमर में दर्द की शिकायत हो गई। इससे उन्हें दूसरी मंजिल तक पहुंचने में दिक्कत झेलनी पड़ती है। ऐसे में उन्होंने भूमि तल पर ही रूम देने के लिए वनस्पति विज्ञान विभाग से अनुरोध किया।
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आरोप है कि विभाग ने रूम देने से इनकार कर दिया। इस पर उन्होंने कुछ दिन बैठने के लिए जगह मांगी, वह भी नहीं सुनी। उधर, उनका दर्द लगातार बढ़ रहा था। आखिर में वह खुले आसमान के नीचे बाहर टेबल लगाकर कुछ दिन से काम कर रही हैं। इसके बारे में सभी अफसरों को अवगत करा दिया और पत्र भी लिखा। साथ ही बताया कि भूमि तल पर दो से तीन रूम खाली हैं, फिर भी उन्हें नहीं दिए गए। फैकल्टी मीटिंग के लिए भी जगह मुहैया नहीं करवाई गई।
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डॉ. सुमन मोर का आरोप है कि बुधवार को बारिश होने के कारण वह बाहर खुले में नहीं बैठ सकीं। ऐसे में उन्होंने अपनी टेबल भूमि तल पर स्थित कॉरिडोर में लगवा दी। आरोप है कि उनकी टेबल को वनस्पति विज्ञान विभाग ने कॉरिडोर से हटवाकर शौचालय के सामने लगवा दी। पर वह वनस्पति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष के रूम में पहुंचीं और आपत्ति जताई। साथ ही सेमिनार रूम की चाबी मांगी, जो उन्होंने नहीं दी। दूसरी ओर, वनस्पति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रोमिला पाठक का कहना है कि डॉ. सुमन मोर उनके रूम में जबरन घुस आईं और धमकी देते हुए सेमिनार रूम की चाबी मांगी। कहा कि जब तक चाबी देंगी तभी रूम से निकलने दूंगी। प्रोमिला पाठक का आरोप है कि डा. सुमन मोर ने उनका हाथ भी पकड़ लिया और अभद्रता की। यह मामला देख आसपास के लोग भी आ गए।
कोट फोटो समेत
दो माह से मुझे रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द की शिकायत है। दूसरी मंजिल पर नहीं चढ़ पा रही थी। बॉटनी विभाग की अध्यक्ष से रूम देने के लिए कहा था लेकिन जिद के कारण नहीं दिया। अधिकारियों को भी अवगत कराया। उसके बाद खुले में टेबल लगाकर मैं बाहर काम कर रही थी। आज बारिश हो रही थी तो कॉरिडोर में टेबल लगवा ली, जिसे उन्होंने शौचालय के सामने करवा दिया। मैं अपनी बात कहने गई थी और बैठने के लिए सेमिनार रूम की चाबी मांगी थी। हाथापाई व धमकाने के आरोप गलत है।

-डॉ. सुमन मोर, अध्यक्ष, पर्यावरण विभाग
फोटो----
भूमि तल पर कोई रूम खाली नहीं है। एक रूम खाली करवाया गया है, उस पर मेरे विभाग के शिक्षकों का हक है, क्योंकि मेरे विभाग के शिक्षकों ने भूमि तल पर रूम की मांग की थी। ऐसे में पर्यावरण विभाग को रूम देना असंभव है। मैंने कोई टेबल शौचालय के सामने नहीं लगवाई है। पर्यावरण विभाग की अध्यक्ष मेरे रूम में घुसीं और मुझे धमकाया। मेरा हाथ पकड़कर कहा, सेमिनार रूम की चाबी देंगी, तभी बाहर जा सकेंगी। मेरे साथ गलत किया गया है। अधिकारियों को प्रकरण की जानकारी दे दी है। वहां से जो निर्णय होगा, उसी के अनुसार आगे कार्य करेंगे।
- प्रो. प्रोमिला पाठक, अध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग
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