Haryana: वन विभाग की भर्ती में महिलाओं की छाती नापने पर विवाद, कांग्रेस बोली- ये तुगलकी फरमान, तुरंत लें वापस
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएसी) ने शुक्रवार को फॉरेस्ट रेंजर, डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर और फॉरेस्ट पद के लिए पुरुषों के साथ ही महिलाओं के लिए शारीरिक माप परीक्षण का शेड्यूल घोषित किया। इसमें पुरुषों के साथ ही महिलाओं के लिए छाती को लेकर मानक तय किए गए हैं।
विस्तार
हरियाणा में फॉरेस्ट रेंजर, डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर और फॉरेस्ट के पदों पर होने वाली भर्तियों में महिलाओं के शारीरिक माप परीक्षण में छाती नापने के फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के नेताओं ने इसे सरकार का तुगलकी फरमान बताकर इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। वहीं, विवाद उठने के बाद सरकार ने भी सफाई दी है। हरियाणा सरकार का कहना है कि पहले भी ऐसी तमाम भर्तियां इन्हीं शारीरिक मानकों के आधार पर होती रही हैं। इससे पहले भी इन शारीरिक मानकों के आधार पर 22 महिला वन रक्षकों और चार महिला वनपालों की भर्ती की गई थी।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएसी) ने शुक्रवार को फॉरेस्ट रेंजर, डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर और फॉरेस्ट पद के लिए पुरुषों के साथ ही महिलाओं के लिए शारीरिक माप परीक्षण का शेड्यूल घोषित किया। इसमें पुरुषों के साथ ही महिलाओं के लिए छाती को लेकर मानक तय किए गए हैं। इसके तहत महिला उम्मीदवारों का अनएक्सपेंडेड चेस्ट 74 सेंटीमीटर व एक्सपेंडेड चेस्ट 79 सेंटीमीटर होना चाहिए। इसकी सूचना बाहर आते ही वन विभाग की भर्तियों में महिलाओं की छाती नापने पर विवाद शुरू हो गया।
कांग्रेसी नेताओं ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा-यह सरकार का नया तुगलकी फरमान है। अब हरियाणा की बेटियों की छातियां मापेंगें। फॉरेस्ट रेंजर व डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर की भर्ती के लिए। उन्होंने आगे लिखा, क्या खट्टर जी-दुष्यंत चौटाला जानते नहीं कि हरियाणा में महिला पूलिस कांस्टेबल व महिला एसआई की भर्ती में भी उम्मीदवार युवतियों की छाती नहीं मापी जाती? फिर हरियाणा की बेटियों को अपमानित करने के लिए ये क्रूरतापूर्ण, बचकाना व बेवुकफाना शर्त क्यों? सुरजेवाला ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार फौरन हरियाणा की बेटियों से माफी मांगें और ये शर्त वापस लें। वहीं, पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार का यह फैसला महिलाओं को अपमानित करने वाला है। भाजपा-जेजेपी सरकार को ऐसे अपमानजनक और आपत्तिजनक फैसले को वापस लेना चाहिए। इससे पहले भी भर्तियां होती आई हैं। लेकिन आजतक कभी पुलिस की भर्ती में भी ऐसे आपत्तिजनक मापदंडों को नहीं अपनाया गया।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने क्या कहा
वहीं, इस मामले को लेकर हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन के चेयरमैन भोपाल सिंह खत्री का भी बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि यह नियम पहले से ही शामिल है। हमने इन पदों के लिए जब नोटिफिकेशन जारी किया था, उसमें पहले ही कहा गया था कि इस तरह का परीक्षण होगा, जिसमें केवल महिला डॉक्टर और लेडी कोच ही शामिल होंगी।
हरियाणा सरकार ने क्या कहा
विवाद उठने के बाद हरियाणा सरकार की ओर से बयान आया कि पहले भी ऐसी तमाम भर्तियां इन्हीं शारीरिक मानकों के आधार पर होती रही हैं। इन नियमों के परिणामस्वरूप समय-समय पर इन शारीरिक मानकों के आधार पर 22 महिला वन रक्षकों और चार महिला वनपालों की भर्ती की गई है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी अपने मॉडल दिशा-निर्देशों में भर्ती के लिए पुरुषों और महिलाओं दोनों के मामले में लंबाई व छाती के माप के लिए शारीरिक मानक निर्धारित किए हैं। भर्ती प्रक्रिया के दौरान महिला उम्मीदवारों का शारीरिक माप लेने के लिए केवल महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों को ही तैनात किया जाता है। इस वर्ष की चयन प्रक्रिया के दौरान भी इस नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। पड़ोसी राज्य पंजाब भी फॉरेस्ट फील्ड स्टाफ की भर्ती के मामले में पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों के मामले में लंबाई व छाती के लिए शारीरिक मानकों के नियम का पालन कर रहा है।