फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   controversy on mbbs seats of delhi, punjab, haryana, himachal pardesh, rajasthan

5 राज्यों में एमबीबीएस की 85 फीसदी स्टेट सीटों पर दाखिले पर विवाद, शुरू हुई प्रमाण पत्रों की जांच

Tue, 27 Aug 2019 11:28 AM IST
खुशबू गोयल संजय कुमार, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
संजय कुमार, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 27 Aug 2019 11:28 AM IST
विज्ञापन
controversy on mbbs seats of delhi, punjab, haryana, himachal pardesh, rajasthan
फाइल फोटो
एमबीबीएस की 85 फीसदी स्टेट कोटा की सीट पर दाखिला पाने के लिए दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व पंजाब के अभ्यर्थी अलग-अलग राज्यों में अपनी सीट के लिए दावा पेश कर रहे हैं। ऐसे में हर साल विवाद उठता है कि एक अभ्यर्थी दो राज्यों में कैसे आवेदन कर सकता है। इसी आधार पर इस साल पंजाब पेरेंट्स एसोसिएशन ने एसएसपी फरीदकोट बचमन सिंह संधू को 60 अभ्यर्थियों की लिखित शिकायत दी है और इन सभी के रिहायशी प्रमाण पत्र जांच करवाने की मांग की है।
विज्ञापन


पीजीआईएमएस रोहतक ने इन अभ्यर्थियों की डिटेल जांच करवा कर एसएसपी फरीदकोट को भेज दी है। एसोसिएशन के सदस्य नवदीप शर्मा ने बताया कि उत्तर भारत में एमबीबीएस की स्टेट कोटा की सीटों के लिए फर्जी रिहायश प्रमाण पत्र बनवा कर खेल खेला जाता है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में अभ्यर्थी इस तरह की गड़बड़ी अधिक करते हैं। एक अभ्यर्थी अलग-अलग राज्यों में अपनी सीट के लिए दावा करता है। इससे अच्छे नंबर वाले अभ्यर्थी का चयन नहीं हो पाता है।
विज्ञापन


उन्होंने पंजाब में आवेदन करने वालों के तथ्य जुटाए तो 60 अभ्यर्थी ऐसे मिले जिन्होंने हरियाणा में भी आवेदन किया है। इसके अलावा कुछ ने दिल्ली, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश किया है। इस पर एसोसिएशन ने 60 की लिस्ट जांच के लिए एसएसपी को दी थी। पुलिस अधिकारी के निर्देशों पर पीजीआईएमएस रोहतक ने डीएमईआर चंडीगढ़ से सभी का रिकार्ड मंगवा कर अपनी रिपोर्ट भिजवा दी है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में पता चला है कि 53 अभ्यर्थी ने हरियाणा व पंजाब दोनों जगह आवेदन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस संबंध में जब उन्होंने पंजाब हेल्थ विवि में संपर्क किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उन्होंने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गौरतलब है कि दिल्ली, हरियाणा में काउंसिलिंग हो चुकी है और पंजाब में अभी होना बाकी है। पंजाब में जिन्होंने आवेदन किया है, उनमें से कुछ ने दिल्ली में भी किया है।

यह है विवाद

कुछ विद्यार्थी अपने पड़ोसी राज्यों से 11वीं व 12वीं की परीक्षा पास करते हैं। ऐसे में वह उसी राज्य में और अपने मूल राज्य में एमबीबीएस की सीट के लिए आवेदन कर देते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि यह कमी हेल्थ विवि के नियमों में है कि वह 12वीं व रिहायश प्रमाण पत्र दोनों को एक साथ नहीं मांगती। इसलिए अभ्यर्थी एक जगह 12वीं का सर्टिफिकेट व दूसरी जगह रिहायश प्रमाण पत्र जमा कर देते हैं। अब समस्या यह है कि इस बात की जांच कौन करें कि एक अभ्यर्थी दो अलग-अलग राज्यों का रिहायश प्रमाण पत्र जमा कर गड़बड़ कर रहा है या नहीं।
 
हमारे पास पंजाब के फरीदकोर्ट एसएसपी की ओर जो जवाब मांगा गया था, वह भिजवा दिया गया है। इसमें 60 अभ्यर्थियों की लिस्ट के साथ जानकारी मांगी गई थी। हमने हेल्थ विवि के नियमानुसार काउंसिलिंग की है, यदि कहीं कोई गड़बड़ है तो जांच के बाद तथ्य सामने आ जाएंगे। फिलहाल हमारे यहां सारा कार्य नियमानुसार हुआ है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed