फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   controversial statement of health minister on nehru families

खेलमंत्री फिर बोले, नेहरु की नस्ल का नाम मिटा दो

Mon, 13 Apr 2015 05:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट (हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट (हरियाणा) Updated Mon, 13 Apr 2015 05:13 PM IST
विज्ञापन
controversial statement of health minister on nehru families

प्रदेश के स्वास्थ्य और खेल मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव के ट्विट पर हमला करते हुए कहा है कि सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी कराने वाले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पूरी नस्ल का बहिष्कार करना चाहिए और सभी जगह से पूरी नस्ल का नाम ही मिटा देना चाहिए।

विज्ञापन


विज का यह जवाब विपक्ष के उस हमले का जवाब माना जा रहा है, जिसमें विपक्ष ने विज को प्रदेश में बने स्टेडियम के नाम राजीव गांधी से हटाकर शहीद भगत सिंह रखने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेसियों ने विज को सलाह दी थी कि वे शहीदों के नाम पर ओछी राजनीति न करें।
विज्ञापन


जवाब में विज ने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस ने अंग्रेजी हुकूमत के छक्के छुड़ा दिए थे। लगभग 26 हजार आईएनए सिपाहियों ने कुर्बानी दी थी।

सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी कराने वाले ऐसे प्रधानमंत्री के परिवार की नस्ल का नाम ही देश में नहीं रहना चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव ने रविवार को टि्विट किया था कि विज अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'जो पागल थे लोगों ने उन्हें पागलखाने भेज दिया '

controversial statement of health minister on nehru families

सूबे के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि जो पागल थे लोगों ने उन्हें पागलखाने भेज दिया। विज का इशारा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के करारी हार की ओर था। यह जवाब विज ने ट्वीट करके कांग्रेस के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के ट्वीट के जवाब में दिया है।

अजय सिंह यादव ने कहा था कि अनिल विज का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। विज का कहना है कि कांग्रेसी जो भी तर्क देते रहें मगर जनता सब कुछ जानती है। इसलिए जनता ने कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखाकर भाजपा को देश और राज्य चलाने का मौका दिया है।

अनिल विज ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी कराने वाले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पूरी नस्ल का बहिष्कार करना चाहिए और सभी जगह से पूरी नस्ल का नाम ही मिटा देना चाहिए। विज का यह जवाब विपक्ष के उस हमले का भी जवाब माना जा रहा है, जिसमें विपक्ष ने अनिल विज को प्रदेश में बने स्टेडियम के नाम राजीव गांधी से हटाकर शहीद भगत सिंह रखने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

कांग्रेसियों ने विज को सलाह दी थी कि वे शहीदों के नाम पर ओच्छी राजनीति न करें। जवाब में विज ने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र युद्ध का ऐलान किया और अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए। लगभग 26 हजार आईएनए सिपाहियों ने कुर्बानी दी थी। सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी कराने वाले ऐसे प्रधानमंत्री के परिवार की नस्ल का नाम ही देश में नहीं रहना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रदेश सरकार के एक और मंत्री रामबिलाश शर्मा ने भी नेहरू पर विवादित टिप्पणी की थी। हालांकि उन्होंने इसके लिए खेद भी जताया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed