नया पेंच: CET की शर्तें और ग्रुप सी के 11 हजार पदों के नियमों में विरोधाभास, अटकी परीक्षा
पिछले एक साल से अधिक समय से प्रदेश के नौ लाख से अधिक युवाओं को इस परीक्षा का इंतजार है। कभी कोरोना तो कभी अन्य कारणों से बार-बार परीक्षा स्थगित होती जा रही है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि परीक्षा जून में होगी।
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संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) में अब एक और बाधा आ गई है। अलग-अलग विभागों के ग्रुप सी के करीब 11 हजार तकनीकी पदों के लिए नियम स्पष्ट नहीं हैं। स्थिति यह है कि सरकार की ओर से सीईटी के लिए लगाई शर्तें और तकनीकी पदों की शैक्षणिक योग्यता में विरोधाभास है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इन पदों की सूची के साथ मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
हरियाणा सरकार सीईटी के लिए पहले ही तय कर चुकी है कि ग्रुप डी के लिए दसवीं कक्षा तक और ग्रुप सी के कर्मचारियों के लिए सीईटी परीक्षा में कक्षा 12वीं के स्तर के सवाल पूछे जाएंगे। प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक विभागों में 11 हजार पद हैं, जो ग्रुप सी में आते हैं लेकिन उनके भर्ती होने के लिए शैक्षणिक योग्यता कक्षा दसवीं व डिप्लोमा है।
इन पदों को लेकर फंसा पेंच
चालक भर्ती होने के लिए योग्यता कक्षा दसवीं समेत तीन साल का अनुभव, एएलएम के लिए दसवीं और 2 साल का आईटीआई का डिप्लोमा अनिवार्य है। इसी प्रकार वीएलडीए के लिए भी 10वीं के बाद दो साल का डिप्लोमा जरूरी है। ऑटो डीजल मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, जनरेटर ऑपरेटर, फोरमैन के लिए भी दसवीं कक्षा और डिप्लोमा आदि की योग्यता है। ये सभी पद ग्रुप सी में आते हैं।
कुक, हलवाई के लिए नियम स्पष्ट नहीं
इसके अलावा ग्रुप डी में कुक, हलवाई, अहलमद आदि के लिए नियम स्पष्ट नहीं है। कुक के लिए नियम है कि वह खाना बनाना जानता हो और पढ़ा लिखा हो लेकिन कितनी कक्षा तक पढ़ा हो, यह स्पष्ट नहीं है। सीईटी के नियमों के तहत ग्रुप डी में नौकरी के लिए इनको दसवीं कक्षा स्तर की लिखित परीक्षा पास करनी होगी। शर्त यह भी है सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 50 और आरक्षित को 40 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। आयोग ने ऐसे पदों के लिए अंकों की शर्त हटाने को कहा है।
जुलाई की शुरुआत या अगस्त के आरंभ में परीक्षा
पिछले एक साल से अधिक समय से प्रदेश के नौ लाख से अधिक युवाओं को इस परीक्षा का इंतजार है। कभी कोरोना तो कभी अन्य कारणों से बार-बार परीक्षा स्थगित होती जा रही है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि परीक्षा जून में होगी। आयोग का कहना है कि जैसे ही नियम स्पष्ट होंगे, इसके बाद परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी। संभावना है कि अब परीक्षा जुलाई के अंत या अगस्त माह के शुरुआत में होगी। इस परीक्षा के बाद प्रदेश में खाली पड़े 50 हजार पद भरे जाने हैं।
काफी संख्या में ऐसे पद हैं, जो ग्रुप सी में आते हैं लेकिन उनकी योग्यता कक्षा वीं या डिप्लोमा है। इस वजह से इन पदों को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने के लिए अपील की है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर सरकार फैसला लेगी। इसके बाद सीईटी की तिथि घोषित की जाएगी। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।