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Chandigarh News: ठेकेदार ने अलग-अलग खातों में भेजे रुपये, अब होंगे कई बेनकाब

Sun, 12 May 2024 05:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2024 05:51 AM IST
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Contractor sent money to different accounts, now many will be exposed
चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और सुपरवाइजर लगवाने के नाम पर करोड़ों ठगने का पांचवीं पास आरोपी ठेकेदार राजीव कुमार फर्जीवाड़े में अकेला नहीं है। उसने लोगों से ठगे करोड़ों रुपये अपने बैंक से ऑनलाइन कई लोगों के खातों में ट्रांसफर किए हैं। इसका खुलासा पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों की डिटेल निकालने के बाद किया है। इस मामले में कई सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। इस फर्जीवाड़े में सारंगपुर थाने में मामला दर्ज कर आरोपी को तो जेल भेज दिया गया था लेकिन जांच अभी जारी है। इस मामले में लगभग 350 लोगों के साथ ठगी की गई है। इसमें कई ऐसे लोग भी जो कहीं न कहीं नौकरी कर रहे थे लेकिन ठेकेदार के झांसे में आकर नौकरी छोड़ फर्जीवाड़ा का हिस्सा बन गए। वहीं, शातिर ठग की सहयोगी अनपढ़ महिला चंदा लोगों को जाल में फंसाकर नौकरी के लिए लाती थी। धनास की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी निवासी महिलाओं ने बताया था कि करीब पांच महीने पहले उनकी मुलाकात रामदरबार निवासी राजीव कुमार से हुई थी। उसने लोगों को बताया कि उसे चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई करवाने का टेंडर मिला है। इसके लिए करीब 300-400 महिलाओं व पुरुषों की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ नौकरी देने की एवज में प्रति व्यक्ति 40-40 हजार रुपये मांगे। कुछ लोगों ने नौकरी के लालच में ठेकेदार राजीव उर्फ राजू उर्फ राजेश को गूगल पे, फोन पे व तो कुछेक ने नकद रुपये दे दिए।
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प्रिंसिपलों से कहा था-एनजीओ के साथ स्वच्छता अभियान चला रहा
ठेकेदार ने लोगों को नौकरी पर रखने से पहले ही यूटी के कई सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों के साथ मुलाकात कर उन्हें भी अपने विश्वास में ले लिया था। उनसे कहा था कि वह एनजीओ के साथ जुड़कर स्कूलों में स्वच्छता अभियान चला रहा है। वहीं, अब जब कुछ दिन पहले साफ-सफाई में जुटे कर्मचारियों को चार-चार महीने से वेतन नहीं मिला तो ठेकेदार ने उन्हें वेतन के लिए चेक दिए, लेकिन वह बैंक में बाउंस हो गए। इसी मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर सारंगपुर थाने में ठेकेदार आरोपी राजीव व एक महिला चंदा के खिलाफ आईपीसी 120-बी व 420 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में शिक्षा विभाग ने भी 10 स्कूलों के प्रिंसिपलों व इंचार्जों को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। उधर, सारंगपुर थाना पुलिस ने जब आरोपी राजीव के बैंक खाते की डिटेल निकाली तो उसमें महज पांच हजार रुपये थे। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने अपने बैंक खाते से अन्य कई लोगों को लाखों रुपये की ट्रांजेक्शन की हुई है और अब पुलिस इन लोगों की जानकारी जुटाने में लग गई है इन लोगों को इतने पैसे क्यों ट्रांसफर किए गए हैं।
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