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Chandigarh News: शराब का सेवन सेवा की अनिवार्य शर्त नहीं, 60% दिव्यांगता का शिकार व्यक्ति पेंशन का हकदार नहीं

Wed, 30 Oct 2024 09:24 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 09:24 PM IST
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Consumption of alcohol is not a mandatory condition of service, a person suffering from 60% disability is not entitled to pension
-शराब से संबंधित मनोविकृति सेना की सेवा के कारण मानने से हाईकोर्ट ने किया इन्कार
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विवेक शर्मा
चंडीगढ़। सेना की सेवा के कारण शराब से संबंधित मनोविकृति के चलते 60 प्रतिशत दिव्यांगता के शिकार पूर्व सैनिक को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिव्यांगता पेंशन से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि दिव्यांगता का कारण शराब का अतिसेवन है और ऐसे में याची दिव्यांगता पेंशन का हकदार नहीं है।

मोगा निवासी पूर्व सैनिक जगविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत उसका दिव्यांंगता पेंशन दावा खारिज कर दिया गया था। याची ने बताया कि वह 8 अगस्त, 1986 को भारतीय सेना में सिपाही भर्ती हुआ था। 30 मार्च, 1993 को उसकी सेवा मेडिकल बोर्ड की राय के बाद समाप्त कर दी गई। मेडिकल बोर्ड के अनुसार याची शराब से संबंधित मनोविकृति का शिकार था और 60 प्रतिशत दिव्यांग था। याची की सेवा समाप्त होने के दौरान उसका दिव्यांगता पेंशन का दावा खारिज कर दिया गया और कहा गया कि यह दिव्यांगता सेना की सेवा के कारण नहीं हुई थी। इसके खिलाफ याची ने आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की थी, लेकिन उसका दावा खारिज कर दिया गया। ऐसे में 2012 में दावा खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने अब उसकी याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याची भर्ती के समय बिलकुल फिट था, लेकिन उसे सेवा मुक्त करते हुए 60 प्रतिशत दिव्यांग पाया गया। याची दिव्यांग सेवा के दौरान हुआ है लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण है कि इसका कारण क्या था। याची ने अत्याधिक शराब का सेवन किया जो दिव्यांगता का मुख्य कारण था। शराब का सेवन सेवा की अनिवार्य शर्त नहीं है और ऐसे में यह नहीं माना जा सकता कि वह दिव्यांगता का शिकार सेवा के कारण हुआ है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
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