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प्रीमियम के लिए दिए पैसों से कर दी दूसरी पॉलिसी, कंपनी दोषी करार

Sun, 13 Mar 2016 01:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Sun, 13 Mar 2016 01:30 PM IST
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उपभोक्ता आयोग - फोटो : DEMO Pics
बीमा पॉलिसियों की प्रीमियम के लिए दी गई राशि से दूसरी पॉलिसी करने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को पॉलिसियों की प्रीमियम अमाउंट वापस करे। इसके अलावा 55 हजार रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि लौटाए। सेवा में कोताही के लिए 10 हजार और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
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यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ की सदस्य प्रीति मलहोत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता कृष्णपाल शर्मा निवासी टाऊन रोड खरड़ जिला मोहाली ने सेक्टर-8 चंडीगढ़ और मुंबई  स्थित आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, सेक्टर-8 चंडीगढ़ स्थित आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, राहुल और साहिल के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
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शिकायतकर्तां ने बताया कि बीमा कंपनी ने उन्हें जानकारी दी थी कि उनके साथ धन का निवेश करेंगे तो उसमें डबल रिटर्न मिलेगा। शिकायतकर्ता ने अलग अलग पांच पॉलिसी खरीदी। इसके लिए प्रीमियम के रूप में एक लाख रुपये अदा किए। उसके बाद जुलाई 2010 में अगली प्रीमियम के लिए राहुल और साहिल को 55 हजार रुपये दिए। इसकी रसीद भी उन्हें दी गई।
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उन्होंने अन्य पॉलिसी रिसीव किया तो वे आश्चर्यचकित रह गए।

उन्होंने 55 हजार रुपये प्रीमियम जमा करने के लिए दिया था, उस राशि से दूसरी नई पॉलिसी कर दी। इस पॉलिसी के लिए 15 हजार रुपये जमा कराए बाकी की राशि जो 40 हजार रुपये बनती थी उसे प्रीमियम के लिए नहीं जमा कराया। शिकायतकर्ता ने 15 सितंबर 2010 को पत्र लिखकर अपनी राशि वापस मांगी और पॉलिसी रद्द करने की मांग की जिसे बीमा कपंनी ने कहा कि तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने पर ही राशि मिलेगी।

जब तीन वर्ष की अवधि समाप्त हो गई तो वे अपनी राशि के लिए दूसरे पक्ष से अप्रोच करने पर कहा गया कि इस विवाद के हल के लिए बीमा प्रशासनिक जांच अधिकारी के पास अप्रोच करें। दूसरे पक्ष ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है। बीमा कंपनी ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि शिकायतकर्ता ने उनके एजेंट या कर्मचारी से पॉलिसी प्राप्त नहीं की है।


शिकायतकर्ता ने इंडेपेंडेंट इंश्योरेंस ब्रोकर से पॉलिसी ली है। ये ब्रोकर आईआरडीए से लाइसेंस प्राप्त हैं जो अपने कस्टमर को बीमा पॉलिसी के बारे में सलाह देते हैं और उसके बाद कस्टमर की जरूरत के अनुसार किसी भी बीमा कंपनी से बीमा पॉलिसी लेते हैं।
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