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भेजे चार हजार के हैंडबैग, डिलिवरी पर मिले गंदे कपड़े-अखबार, पोस्ट इंडिया सर्विस दोषी करार
Sat, 04 Jan 2020 10:09 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 04 Jan 2020 10:09 AM IST
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पार्सल की डिलिवरी
- फोटो : फाइल फोटो
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डाकखाने से चार हजार रुपये के हैंडबैग भेजे गए, लेकिन जब असम के जोरहाट में इसकी डिलिवरी हुई तो उसमें कुछ और ही सामान मिला। पैकिंग बदली थी और बॉक्स के अंदर गंदे कपड़े और पुराने अखबार ठूंसे हुए थे। पंचकूला की सेक्टर-20 निवासी चांदनी कपूर ने उपभोक्ता फोरम में नई दिल्ली स्थित पोस्ट इंडिया सर्विस के हेड ऑफिस, सेक्टर-17डी स्थित चंडीगढ़ डिविजन के पोस्ट इंडिया सर्विस के खिलाफ शिकायत दी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने चार हजार रुपये के चार हैंडबैग को असम के जोरहाट में अपने एक रिश्तेदार के पास पोस्ट इंडिया सर्विस से भेजा। उन्होंने एक बॉक्स में चारों हैंडबैग को रखा था और उसे चारों तरफ से टेप से चिपकाकर सील किया था। जब बॉक्स उनके रिश्तेदार के पास पहुंचा तो उसकी पैकिंग बदली हुई थी। बॉक्स के अंदर से वह हैंडबैग गायब थे और अंदर गंदे कपड़े और पुराने अखबार रखे गए थे। उनके पार्सल के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दी, लेकिन पोस्ट इंडिया की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। उन्होंने लगातार कई बार फोन भी किए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। उन्होंने इस संबंध में सेवा में कोताही का आरोप लगाते हुए फोरम में शिकायत दी। दूसरे दोनों पक्षों ने फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने चार हजार रुपये के चार हैंडबैग को असम के जोरहाट में अपने एक रिश्तेदार के पास पोस्ट इंडिया सर्विस से भेजा। उन्होंने एक बॉक्स में चारों हैंडबैग को रखा था और उसे चारों तरफ से टेप से चिपकाकर सील किया था। जब बॉक्स उनके रिश्तेदार के पास पहुंचा तो उसकी पैकिंग बदली हुई थी। बॉक्स के अंदर से वह हैंडबैग गायब थे और अंदर गंदे कपड़े और पुराने अखबार रखे गए थे। उनके पार्सल के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
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इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दी, लेकिन पोस्ट इंडिया की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। उन्होंने लगातार कई बार फोन भी किए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। उन्होंने इस संबंध में सेवा में कोताही का आरोप लगाते हुए फोरम में शिकायत दी। दूसरे दोनों पक्षों ने फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।
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फोरम में जारी किए यह आदेश
फोरम ने पोस्ट इंडिया सर्विस को निर्देश दिए हैं कि वह पार्सल के जरिए भेजे गए हैंडबैग की कीमत चार हजार रुपये शिकायतकर्ता को अदा करें। साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 2500 रुपये मुआवजा और 1100 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए। आदेश की प्रति मिलने पर 30 दिन के अंदर इनकी पालना करनी होगी, नहीं तो बैग की राशि और मुआवजा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा।