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समय पर नहीं पहुंचाया सर्टिफिकेट, कूरियर कंपनी को देना होगा मुआवजा
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 May 2016 01:19 AM IST
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उपभोक्ता आयोग
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समय पर कूरियर की डिलीवरी न करने पर उपभोक्ता फोरम ने कूरियर कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। फोरम ने कूरियर कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
आदेश की प्रति मिलने के एक महीने के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ की सदस्य प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार ओझा निवासी गांव हल्लोमाजरा ने इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ स्थित द फर्स्ट फ्लाइट कूरियर लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता अनिल कुमार ओझा ने फोरम को बताया कि कूरियर के माध्यम से बेटे का ओरिजनल माइग्रेशन सर्टिफिकेट बक्सर बिहार के लिए बुक किया था। इसके लिए उन्होंने सुपर फास्ट कूरियर के लिए 12 अक्तूबर 2015 को 140 रुपये जमा कराए। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उनके बेटे ने कॉलेज में 18 हजार रुपये फीस जमा कराई। परीक्षा के पहले फॉर्म जमा करने के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट जरूरी था।
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इस सर्टिफिकेट को 19 अक्तूबर 2015 तक पहुंचना जरूरी था। लेट फीस के साथ परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 21 अक्तूबर 2015 तक थी। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को यह भी बताया कि कूरियर अपने एक रिश्तेदार के नाम पर भेजा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कूरियर कंपनी के पास दो बार 17 अक्तूबर और 20 अक्तूबर 2015 को गए। लेकिन कंपनी समय पर कन्साइनमेंट डिलीवर करने में असफल रही। कूरियर 24 अक्तूबर 2015 को पहुंचा। लेकिन परीक्षा के लिए फार्म जमा करने की तारीख निकल चुकी थी।
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आदेश की प्रति मिलने के एक महीने के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ की सदस्य प्रीति मल्होत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार ओझा निवासी गांव हल्लोमाजरा ने इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ स्थित द फर्स्ट फ्लाइट कूरियर लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
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शिकायतकर्ता अनिल कुमार ओझा ने फोरम को बताया कि कूरियर के माध्यम से बेटे का ओरिजनल माइग्रेशन सर्टिफिकेट बक्सर बिहार के लिए बुक किया था। इसके लिए उन्होंने सुपर फास्ट कूरियर के लिए 12 अक्तूबर 2015 को 140 रुपये जमा कराए। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उनके बेटे ने कॉलेज में 18 हजार रुपये फीस जमा कराई। परीक्षा के पहले फॉर्म जमा करने के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट जरूरी था।
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इस सर्टिफिकेट को 19 अक्तूबर 2015 तक पहुंचना जरूरी था। लेट फीस के साथ परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 21 अक्तूबर 2015 तक थी। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को यह भी बताया कि कूरियर अपने एक रिश्तेदार के नाम पर भेजा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कूरियर कंपनी के पास दो बार 17 अक्तूबर और 20 अक्तूबर 2015 को गए। लेकिन कंपनी समय पर कन्साइनमेंट डिलीवर करने में असफल रही। कूरियर 24 अक्तूबर 2015 को पहुंचा। लेकिन परीक्षा के लिए फार्म जमा करने की तारीख निकल चुकी थी।