Chandigarh News: ऑपरेशन के बाद भी घुटना नहीं हुआ ठीक, अब डॉक्टर को देना होगा तीन लाख रुपये का हर्जाना
जिला आयोग ने डॉक्टर को निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये मुआवजा और 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिन के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर 25 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना अदा करना होगा।
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घुटने के ऑपरेशन के बाद भी दर्द ठीक न होने पर उपभोक्ता आयोग ने डॉक्टर को हर्जाना लगाया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 चंडीगढ़ ने डॉक्टर द्वारा उचित सेवाएं प्रदान करने में लापरवाही पाई है। इसके चलते शिकायतकर्ता को अत्याधिक शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और उसे ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया जहां विकृति को ठीक करने के लिए उसके पास संशोधन सर्जरी कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
जिला आयोग ने डॉक्टर को निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये मुआवजा और 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिन के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर 25 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना अदा करना होगा। शिकायतकर्ता अनु बाला निवासी वीआईपी रोड जीरकपुर जिला मोहाली ने सेक्टर 47 डी चंडीगढ़ स्थित मेसर्स एडवांस हिप एंड नी क्लीनिक के डॉक्टर विनीत शर्मा के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी।
यह था मामला
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में कहा कि वह एक सितंबर 2020 को दाहिने घुटने में दर्द और कुछ महीनों से बाएं घुटने में थोड़ा दर्द की शिकायत के चलते डॉक्टर के पास गई। जांच के बाद डॉक्टर ने शिकायतकर्ता को दोनों घुटने बदलने को कहा और कहा कि ऑप्रेशन के लिए दो लाख 70 हजार रुपये का खर्च आएगा।
शिकायतकर्ता ने दो लाख 70 हजार रुपये बैंक के माध्यम से डॉक्टर को दिया। शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया गया कि ऑपरेशन के बाद वह ठीक हो जाएगी। डॉक्टर ने शिकायतकर्ता को दो सितंबर 2020 को कॉस्मो अस्पताल, सेक्टर 62, फेज 8, मोहाली में भर्ती कराया। डॉक्टर ने तीन सितंबर 2020 को ऑपरेशन करने के बाद शिकायतकर्ता को सात सितंबर 2020 को छुट्टी दे दी।
मरीज ने डॉक्टर की सलाह का सख्ती से पालन करते हुए दवाएं लीं। शिकायतकर्ता ने कहा कि पहले दिन से ही बाएं घुटने में परेशानी होने लगी। डॉक्टर की सलाह पर जिम साइकिल खरीदी और एक्सरसाइज की लेकिन राहत नहीं मिली। शिकायतकर्ता ने आयोग को कहा कि वह अपने पति के साथ कई बार डॉक्टर के क्लीनिक गई। डॉक्टर ने कुछ दवाएं दीं। डॉक्टर ने कहा कि उनका ऑपरेशन सही किया गया है। कुछ दिन में दर्द ठीक हो जाएगा लेकिन दर्द ठीक नहीं हुआ।
डॉक्टर बोला- ऑपरेशन के बाद मरीज को था आराम
उधर, उपभोक्ता आयोग में अपना पक्ष रखते हुए डॉक्टर ने कहा कि ऑपरेशन के चार दिन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। उस समय शिकायतकर्ता को कोई तकलीफ नहीं थी। उन्हें फिजियोथरैपी की सलाह दी गई थी। वह चलकर आराम से घर गईं। उनका मई 2021 तक फॉलोअप किया। उस समय तक वह आराम से चल रही थी। डॉक्टर ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता के पति ने भी कभी भी दर्द की शिकायत नहीं की। वह इलाज से संतुष्ट थे।