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उपभोक्ताओं के सवाल, फोरम के जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 22 Apr 2014 10:39 AM IST
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प्रश्न- मैंने कंज्यूमर कोर्ट में एक मेडिकल प्रैक्टिशनर के खिलाफ शिकायत की। मेरी शिकायत को इस ग्राउंड पर चैलेंज किया गया कि मेडिकल प्रैक्टिशनर का मामला कंज्यूमर एक्ट में नहीं ले जाया जा सकता। नियम क्या कहते हैं?
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गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़
उत्तर- मिस्टर गुरप्रीत, यह निर्भर करता है कि मामला क्या है? यदि आपने किसी सरकारी अस्पताल में डाक्टर की सेवाएं फ्री में ली हैं तो आप किसी भी तरह से कंज्यूमर नहीं कहलाएंगे। यदि आपने किसी प्राइवेट डॉक्टर की सेवाएं ली हैं और उसके लिए आपने फीस का भुगतान किया है तो आप कंज्यूमर कहलाएंगे। ऐसी स्थिति में आप सेवाओं में कमी के अंतर्गत शिकायत कर सकते हैं।
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प्रश्न- मैंने एक पार्टी से बीज खरीदे। यह बीज फसल के योग्य नहीं निकले। इनसे फसल नहीं हुई। पार्टी ने कहा कि मैं उपभोक्ता नहीं हूं? क्या एग्रीकल्चर के लिए बीज खरीदने की वजह से मैं कंज्यूमर नहीं हूं?
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रवि चावला, करनाल
उत्तर- मिस्टर चावला, एग्रीकल्चर के लिए की गई खरीदारी कामर्शियल खरीदारी नहीं होती। आप कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज करवा सकते हैं।
प्रश्न- कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में सामान खराब होने पर क्या रिलीफ दी गई हैं?
श्रीकांत श्रीवास्तव
उत्तर- मिस्टर श्रीवास्तव, किसी भी सामान में गड़बड़ी होने पर कई तरह की रिलीफ दी गईं हैं। इसमें क्या डिफेक्ट है, इसकी जानकारी हासिल की जाती है। इसके बाद ही राहत मिलती है।