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उपभोक्ताओं के सवाल, फोरम के जवाब

Tue, 31 Dec 2013 10:39 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 31 Dec 2013 10:39 AM IST
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consumer column
प्रश्न- मैंने एक जॉब कंसलटेशन कंपनी की सेवाएं लीं और अपने रिज्यूम को उसे भेजा। यह सेवाएं ऑनलाइन प्रदान की जा रही थी। कंपनी ने शुरुआत में मुझको आश्वासन दिया कि यह सेवाएं फ्री हैं।
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लेकिन बाद में कंपनी ने मुझको 1050 रुपये सेवाओं के लिए प्रदान करने को कहा। यह राशि ऑनलाइन देने के लिए कहा गया। ट्रांजेक्शन के बाद मैने देखा कि मेरे एकाउंट से 19500 रुपये काट लिए गए।
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मुझको पहले यही आश्वासन दिया गया था कि कंपनी मेरे एकाउंट से सिर्फ 1050 रुपये ही काटेगी। मैं अब क्या कर सकता हूं?
नवीन अरोड़ा, चंडीगढ़
उत्तर-
मिस्टर नारायणन, कंज्यूमर लॉ के अंतर्गत आपके पास केस फाइल करने का पूरा अधिकार है। यह मामला अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस का है।

इसमें कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के सेक्शन 2 और 1 आर के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाती है। कंज्यूमर फोरम में मामला दाखिल करने के पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके पास सारे प्रमाण हैं।
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प्रश्न-
मैं मूवर्स और पैकर्स के खिलाफ एक मामला दर्ज करवाना चाहता हूं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैंने एक मूवर्स और पैकर्स कंपनी के माध्यम से अपने चंडीगढ़ स्थित घर से सामान को बीकानेर ट्रांसफर करवाने के लिए बुकिंग की।

यह सामान मुझको दस दिन बाद डिलीवर किया गया। जब यह सामान खोला गया तो पता लगा कि कई चीजें इससे मिसिंग थी। मैं क्या कर सकती हूं?
सुमिता शर्मा, चंडीगढ़
उत्तर-
आपके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह मामला सेवाओं में कमी का है। आप इस मामले में कंज्यूमर फोरम जा सकती हैं।

जब आपने बुकिंग करवाई तो मूवर्स और पैकर्स कंपनी और आपके बीच एक कांट्रैक्ट हो गया। ऐसे में यदि कंपनी सामान की डिलीवरी सही नहीं देती है तो इसमें जिम्मेदारी कंपनी की है।

प्रश्न- एक उपभोक्ता के तौर पर किसी को फ्लैट खरीदते समय क्या-क्या बात ध्यान में रखनी चाहिए।
अमनप्रीत चड्ढा, मोहाली
उत्तर- अमनप्रीत जी, जब आप किसी फ्लैट को खरीदते हैं तो कई बातों को ध्यान में रखना पड़ेगा। आपको सबसे पहले यह देखना होगा कि बिल्डर या डेवलपर ने सभी परमीशन और क्लीयरेंस ली हो।

देखा यह जाता है कि कोई भी कंपनी जब फ्लैट देती है तो वह वास्तविक एरिया से ज्यादा एरिया प्रोजेक्ट करती है। आपको यहां पर यह ध्यान देना होगा कि एरिया कितना दिया जा रहा है।


बिल्डर का लेआउट या माडल आपको पहले से समझना होगा। यह देखना जरूरी है कि फ्लैट को बनाते वक्त क्या मैटेरियल यूज किया गया। घर में क्या रॉ मैटेरियल इस्तेमाल किया गया। अहम बात यह है कि आप जब फ्लैट खरीदें तो आपके पेमेंट का क्या मोड है।
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