पांच साल बाद अरुण जेटली के सपनों को लगे पंख, अमृतसर में भूमि पूजन के साथ IIM का निर्माण शुरू
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मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। 60 एकड़ भूमि में भवनों का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक सर्व धर्म अध्ययन केंद्र विश्वविद्यालय स्थापित करेगा। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना में केंद्र सरकार 482 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी।
यह केंद्र किस राज्य में स्थापित होगा, इस बारे में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट नहीं किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अमृतसर में आईआईएम की स्थापना का वादा किया था। हारने के बावजूद अरुण जेटली ने आईआईएम की स्थापना का वादा पूरा किया। इसके निर्माण में आ रही सभी बाधाएं दूर करने के बाद केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू किया।
इस दौरान निशंक ने कहा कि अमृतसर में आईआईएम की स्थापना स्व. अरुण जेटली का सपना था। जेटली के इस सपने को पूरा करने से उनको आत्मसंतुष्टि हो रही है। आईआईएम के निर्माण में भूमि का अधिग्रहण पांच वर्ष पहले ही कर लिया गया था लेकिन एक एकड़ भूमि के अधिग्रहण में पैदा हुए विवाद के कारण निर्माण कार्यों में बाधा आ रही थी।
आईआईएम के निर्माण के लिए डीपीआर बनाने का काम जल्द पूरा कर कर लिया जाएगा। अपना कैंपस न होने के बावजूद आईआईएम की क्लासेस चल रही हैं। तीन साल बाद आईआईएम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपना कैंपस मिल जाएगा। यह कैंपस अति आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। आईआईएम के विद्यार्थियों के लिए इस कैंपस में एक बड़ा खेल मैदान भी बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार ने आईआईएम के पहले चरण के निर्माण के लिए 350 करोड़ की राशि जारी कर दी है। जब पहले चरण का निर्माण पूरा हो जाएगा तब केंद्र दूसरे चरण के लिए 250 करोड़ की राशि जारी कर देगा। मंत्री ने निर्माणधीन कैंपस के मॉडल को भी देखा। इस दौरान उनके साथ आईआईएम अमृतसर के निर्देशक संजय गुप्ता भी थे।
पंजाब सरकार इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में देगी सहयोग : बाजवा
इस अवसर पर पंजाब के मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। आईआईएम का यह केंद्र पंजाब के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला ने मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित सर्व धर्म अध्ययन केंद्र यूनिवर्सिटी श्री गुरु नानक देव जी यूनिवर्सिटी में स्थापित की जानी चाहिए।
75 करोड़ खर्च कर खरीदी थी 60 एकड़ भूमि : जोशी
पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने कहा कि आईआईएम का नाम श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर रखा जाए जहां बनने वाले बड़े ब्लॉक का नाम श्री अरुण जेटली के नाम रखा जाए। अरुण जेटली ने ही गुरुनगरी को आईआईएम देने का वादा किया था।
उन्होंने दावा किया कि जब वह स्थानीय निकाय मंत्री थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आग्रह पर नगर सुधार ट्रस्ट अमृतसर और पुडा से 75 करोड़ की राशि देकर 60 एकड़ भूमि खरीदी थी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट तीन साल की अवधि में बन कर तैयार हो जाने की संभावना है।