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दिसंबर में होना था हॉस्टल का निर्माण पूरा, अब तक अधूरा पड़ा
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी को इसी साल जनवरी में एक हॉस्टल और मिलना था, लेकिन अब तक इसका निर्माण ही पूरा नहीं हो पाया। 50 फीसदी ही कार्य अब तक हो पाया है। अब पीयू इस प्रकरण पर ठेकेदार पर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। हालांकि उससे पहले कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
वर्ष 2015 में नैक ने पीयू का दौरा किया था। उसी दौरान कहा था कि हॉस्टलों की संख्या छात्रों के मुुताबिक कम है। इसी को देखते हुए पीयू ने एक और हॉस्टल बनाने के लिए योजना बनाई। गर्ल्स हॉस्टल नंबर 11 का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ और पिछले साल इसका निर्माण शुरू करवा दिया। दिसंबर 2019 तक इसका निर्माण पूरा किया जाना था। साथ ही जनवरी में यह पीयू प्रशासन को हैंडओवर होना था, लेकिन अब तक हॉस्टल का निर्माण ही पूरा नहीं हो पाया। यदि कोरोना खत्म हुआ और छात्रों को पीयू में बुलाया गया तो फिर हॉस्टल की दिक्कत आएगी। विद्यार्थियों को कहां ठहराया जाएगा। देरी के कारणों का पीयू प्रशासन ने कोई पता नहीं किया था, लेकिन अब जाकर आंख खुली है।
सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण पर अब कार्रवाई करने की तैयारी है। छह माह में निर्माण सामग्री भी महंगी हो गई। ऐसे में इसका बजट भी रिवाइज किया जा सकता है। ऐसे में पीयू के खजाने पर यह अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन पीयू भी यह देने को तैयार नहीं है।
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वर्ष 2015 में नैक ने पीयू का दौरा किया था। उसी दौरान कहा था कि हॉस्टलों की संख्या छात्रों के मुुताबिक कम है। इसी को देखते हुए पीयू ने एक और हॉस्टल बनाने के लिए योजना बनाई। गर्ल्स हॉस्टल नंबर 11 का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ और पिछले साल इसका निर्माण शुरू करवा दिया। दिसंबर 2019 तक इसका निर्माण पूरा किया जाना था। साथ ही जनवरी में यह पीयू प्रशासन को हैंडओवर होना था, लेकिन अब तक हॉस्टल का निर्माण ही पूरा नहीं हो पाया। यदि कोरोना खत्म हुआ और छात्रों को पीयू में बुलाया गया तो फिर हॉस्टल की दिक्कत आएगी। विद्यार्थियों को कहां ठहराया जाएगा। देरी के कारणों का पीयू प्रशासन ने कोई पता नहीं किया था, लेकिन अब जाकर आंख खुली है।
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सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण पर अब कार्रवाई करने की तैयारी है। छह माह में निर्माण सामग्री भी महंगी हो गई। ऐसे में इसका बजट भी रिवाइज किया जा सकता है। ऐसे में पीयू के खजाने पर यह अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन पीयू भी यह देने को तैयार नहीं है।
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