पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस में 17 विधायकों के टिकट पर संकट, अधिकतर कैप्टन के करीबी, 60 पर भरोसा कायम
कांग्रेस ने 2017 का पंजाब विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कुछ माह पहले नवजोत सिद्धू के साथ विवाद के बाद कैप्टन ने सीएम पद से त्यागपत्र देकर कांग्रेस छोड़ दी थी।
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पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। टिकटों को लेकर लगातार केंद्र और प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी मंथन कर रहे हैं। टिकट बंटवारे पर पार्टी में काफी कुछ अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस बार कांग्रेस पार्टी लगभग 60 मौजूदा विधायकों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। 17 ऐसे विधायक चिह्नित किए गए हैं, जिनकी टिकट पर संशय बना है। इनमें से अधिकतर विधायक पूर्व मुख्यमंत्री और पीएलसी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी बताए जा रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।
2022 के चुनावी रण में उतरने के लिए कांग्रेस ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। चंडीगढ़ मुख्यालय से आवेदन फार्म जारी किए जा रहे हैं। आवेदन का शुल्क पार्टी की ओर से 10 हजार रुपये रखा गया है। अभी तक के आए आवेदनों पर विचार करने के लिए लगातार पंजाब भवन में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक चल रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन की अध्यक्षता में हो रही स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पूर्व पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सहित मंत्रियों के साथ चर्चा की जा रही है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि अब तक 60 सीटों पर आम सहमति बन गई है। ज्यादातर मौजूदा विधायक हैं। 17 मौजूदा विधायकों के टिकट पर विचार हो रहा है। इसकी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि इसमें अधिकतर विधायक पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी हैं। ऐसे में उनकी टिकट को लेकर पार्टी आलाकमान ही कोई फैसला ले सकेगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि चूंकि 50 फीसदी सीटों पर आम सहमति बन चुकी है, इसलिए पार्टी आलाकमान से विचार विमर्श के बाद पंजाब में प्रत्याशियों की पहली सूची दिसंबर के अंत तक जारी कर दी
जाएगी।
2017 में 77 सीटों पर मिली थी जीत
कांग्रेस ने 2017 का पंजाब विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। 117 सीटों के सूबे में 59 सीटों वाली पार्टी को सत्ता मिलती है। इसके बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में 9 सीटों पर कांग्रेस को विजय मिली थी।
माकन के साथ बैठकों का दौर जारी
सूबे के बड़े पार्टी नेताओं का अजय माकन से मिलने का दौर रविवार को भी जारी रहेगा। सूची फाइनल कराने के लिए वह शाम को दिल्ली रवाना होंगे। अभी तक माकन सूबे के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी, कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, सुखबिंदर सरकारिया, अरुणा चौधरी और ओपी सोनी मुलाकात कर चुके हैं।
सोढी भी हो रहे कांग्रेस से दूर
कैप्टन अमरिंदर सिंह के काफी करीबी माने जाने वाले कांग्रेस विधायक राणा सोढी धीरे-धीरे पार्टी से दूर हो रहे हैं। चुनाव समिति की दो दिन पहले हुई बैठक में भी वह नहीं पहुंचे। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से भी वह दूर रहे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही पार्टी से किनारा कर भाजपा या पीएलसी में ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि अब तक उनकी ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।