एक तरफ महिला आयोग को भेजा जवाब, दूसरी तरफ फिर बिगड़े कांग्रेस विधायक के बोल
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महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक शब्दावली इस्तेमाल करने के मामले में जहां एक तरफ सोमवार को घन्नौर से कांग्रेसी विधायक मदन लाल जलालपुर ने चंडीगढ़ में पंजाब महिला आयोग को अपना जवाब भेजा। वहीं दूसरी तरफ आज एक बार फिर से जलालपुर के बोल बिगड़ गए।
मीडिया से बात करते हुए जलालपुर ने कहा कि उनके कहने पर पुलिस ने जनानियां (महिलाएं) क्या उठानी थीं, पुलिस ने अभी तक राजपुरा अस्पताल में कांग्रेसी सरपंच पर जानलेवा हमला करने के सभी आरोपियों को नहीं पकड़ा।
बता दें कि मदन लाल जलालपुर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह पुलिसवालों को कह रहे थे कि राजपुरा अस्पताल में कांग्रेसी सरपंच पर हमला करने के आरोपियों की औरतों को उठा लाओ, बयान को लेकर उनके खिलाफ धारा 307 आईपीसी के तहत पर्चे डालो।
अमर उजाला से बात करते हुए जलालपुर ने कहा कि अपने वकील के जरिये उन्होंने पंजाब महिला आयोग के नोटिस का लिखित जवाब आज भेज दिया। जिसमें जलालपुर ने कहा है कि उनकी जो वीडियो वायरल की गई है, वह वीडियो तोड़-मरोड़ कर सोशल मीडिया पर डाली गई है। वीडियो में भले ही वह दिख रहे हैं, लेकिन आवाज उनकी नहीं है।
आरोप लगाया कि यह सब अकाली दल की साजिश है, ताकि वह कांग्रेसी सरपंच पर हमला करने के मामले को दबाकर आरोपियों को बचा सकें। साथ ही महिला आयोग को भेजे जवाब में जलालपुर ने इस सारे मामले की गहनता से जांच कराने की भी मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जहां एक तरफ जलालपुर ने आज महिला आयोग को जवाब भेजा। वहीं दूसरी तरफ उनके फिर से बोल बिगड़ गए। मीडिया से बात करते हुए जलालपुर ने कहा कि पुलिस ने उनके कहने पर औरतों को क्या उठाना था, उन्होंने तो अब तक सरपंच पर हमला करने के आरोपियों को नहीं पकड़ा। कहा कि मामले को हुए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन हमलावर अभी भी खुले घूम रहे हैं।
फिर से कैप्टन खिलाफ खोला मोर्चा- कहा कैप्टन सुन तो लेते हैं, पर असर कोई नहीं
जलालपुर ने एक बार फिर से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला। कहा कि कैप्टन अपने विधायकों की शिकायतें सुन तो लेते हैं, लेकिन उन पर असर नहीं होता। सरकार कुछ नहीं कर रही है। कहा कि साल 2002 में बनी कैप्टन सरकार ने काम किए थे, तत्कालीन सरकार के मंत्री भी समझदार थे। लेकिन अब तक कैप्टन सरकार पर अफसरशाही ही हावी है।