{"_id":"6651b082f1ba04de2e012128","slug":"congress-leader-jairam-ramesh-says-that-if-congress-comes-to-power-tenure-of-mayor-will-be-five-years-2024-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: जनता सीधे चुनेगी मेयर, पांच साल होगा कार्यकाल... चंडीगढ़ के लिए कांग्रेस की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: जनता सीधे चुनेगी मेयर, पांच साल होगा कार्यकाल... चंडीगढ़ के लिए कांग्रेस की योजना
Sat, 25 May 2024 03:03 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 25 May 2024 03:03 PM IST
सार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा के दस साल के कुशासन के बाद चंडीगढ़ ने अपनी चमक और अतीत का गौरव खो दिया है। कहा कि कानून में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि शहर के मेयर का चुनाव पांच साल की अवधि के लिए प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से किया जा सके।
विज्ञापन
चंडीगढ़ पहुंचे कांग्रेस नेता जयराम रमेश।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार में आती है तो चंडीगढ़ के मेयर का कार्यकाल पांच साल किया जाएगा। शहर में हर साल मेयर चुनाव की प्रथा को खत्म किया जाएगा। मेयर का चुनाव सीधे जनता करेगी।
विज्ञापन
जयराम रमेश ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के दौरान कांग्रेस ने चंडीगढ़ को आईटी हब के रूप में विकसित करने के प्रयास शुरू किए थे। आईटी पार्क की स्थापना की थी। इस उद्देश्य में सफलता मिलनी शुरू हुई ही थी, जब 2014 में सरकार बदलने के बाद नई सरकार ने पिछले किए सारे काम को नकार दिया। चार जून के बाद सरकार के सत्ता में आने पर राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों के युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कारण नहीं दिखता कि चंडीगढ़ को आईटी हब के रूप में क्यों नहीं विकसित किया जा सकता।
विज्ञापन
पर्यावरण मंत्री रहते सुखना के पास आवासीय परियोजना को रोकाः रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि एक रसूखदार कंपनी सुखना लेक के पास एक बहुमंजिला आवासीय परियोजना लेकर आई थी। उन्होंने भारत के पर्यावरण मंत्री के रूप में सुखना लेक के पास इस परियोजना पर रोक लगाई थी। उनका मानना था कि यह चंडीगढ़ के लोगों और सुखना लेक के लिए ठीक नहीं है। कंपनी उनके फैसले के खिलाफ अदालत चली गई थी लेकिन अदालत ने भी उनके फैसले को सही माना और रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को फिर से एजुकेशन और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
हम राम के पुजारी, व्यापारी नहीं...मेरे नाम में तो दो बार राम
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में जयराम रमेश ने कांग्रेस की गारंटी, राम मंदिर, पांच चरणों के चुनाव, इंडिया गठबंधन के पीएम उम्मीदवार, चुनाव आयोग समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। जयराम रमेश ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह धर्म की राजनीति करती है। कहा कि कांग्रेस राम की पुजारी है लेकिन भाजपा व्यापारी है। कहा कि उनके खुद के नाम में दो बार राम आता है।
किसानों के लिए कांग्रेस की न्याय गारंटी के बारे में बोलते हुए जयराम ने कहा कि जब दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की सरकार बनेगी तो फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाएगी और किसानों के बैंक ऋण माफ किए जाएंगे। कहा कि भारत के लोग पहले चरण से ही लगातार भारतीय ब्लॉक सरकार चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं और भाजपा भी इस बात से वाकिफ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर चुनाव के दो चरणों के बाद अपना रुख बदलने और चुनावों को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों करने का आरोप लगाया। जयराम ने दुख जताते हुए कहा कि जब हम गरीबों और वंचितों के आर्थिक उत्थान की बात करते हैं तो प्रधानमंत्री धर्म को चर्चा में ले आते हैं लेकिन वे कभी भी लोगों के वास्तविक मुद्दों को संबोधित नहीं करते। उन्होंने कहा कि पीएम ने 19 मई के बाद सभी मुद्दों पर हिंदू-मुस्लिम करना शुरू कर दिया है। जयराम रमेश ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का भी जिक्र किया। कहा कि 30 जनवरी को गांधी जी के शहादत दिवस के दिन भाजपा ने चंडीगढ़ में लोकतंत्र की हत्या की। सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनाव को रद्द किया।
हर लोकसभा क्षेत्र में अचानक 28 हजार वोट कहां से आएः जयराम रमेश
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। कहा कि आयोग निष्पक्षता के साथ अपना काम नहीं कर रहा है। प्रधानमंत्री की भाषा पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। कहा कि वह जो बोल रहे हैं, वह आचार संहिता का उल्लंघन है लेकिन शिकायत को नजर अंदाज किया गया। कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग से मिलने की अपॉइंटमेंट तक नहीं मिलती। जयराम रमेश ने कहा कि पहले चार चरणों में 328 सीटों पर चुनाव हुए। आमतौर पर वोटर टर्न आउट दो दिन में पता चल जाता है लेकिन पहली बार चुनाव आयोग को बताने में 11 दिन लग गए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में आयोग ने 11 दिन और दूसरे चरण में 4 दिन बाद वोटर टर्न आउट जारी किया। पहले जो आंकड़े चुनाव आयोग ने दिए थे और अब जो आंकड़े जारी किए गए, उसके बीच एक करोड़ वोटों का फर्क है। हर लोकसभा क्षेत्र में करीब 28 हजार वोट कहां से आएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता शशि थरूर के लोकसभा क्षेत्र में 58 हजार वोटों का फर्क आया है। इस पर कांग्रेस की तरफ से लगातार स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है लेकिन चुनाव आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा।