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चंडीगढ़: कचरा निस्तारण प्लांट की तकनीक के लिए सदन की विशेष बैठक में हंगामा, कांग्रेसियों ने फाड़े पानी के बिल

Thu, 15 Jul 2021 12:01 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 15 Jul 2021 12:01 PM IST
सार

यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने हाल ही में डड्डूमाजरा स्थित कचरा निस्तारण प्लांट और सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान सलाहकार ने निगम आयुक्त से कहा था कि प्लांट के बारे में निर्णय लें अथवा इस संबंध में प्रशासन को पॉलिसी बनानी पड़ेगी। 

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Congress Councillors protest against increase in water bill in House Meeting of Nagar Nigam 
चंडीगढ़ निगम की विशेष बैठक में कांग्रेसियों ने किया हंगामा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में नगर निगम सदन की विशेष बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने गुरुवार को पानी के बिलों की प्रतियां फाड़कर विरोध जताया। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि प्रशासन से लेकर भाजपा पार्षद घोषणा कर चुके हैं कि पानी के बिल पुराने दामों पर आएंगे इसके बावजूद लगातार बढ़े हुए पानी के बिल आ रहे हैं। वहीं उनमें जोड़ा गया कचरे का बिल भी लोगों की समझ से बाहर है। मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि यह शहर के विकास के लिए बैठक बुलाई है, न कि कांग्रेस के लिए। आप चाहें तो जा सकते हैं। 

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नगर निगम सदन ने कचरा निस्तारण प्लांट की तकनीक के लिए विशेष बैठक बुलाई है। इसमें प्लांट में किस तकनीक की मशीन लगनी चाहिए, इस पर विचार होगा। हालांकि, कचरे से बिजली बनाने वाली तकनीक पर ही पार्षदों का विशेष जोर है। पुणे में गीले कचरे के निस्तारण की तकनीक है, इसलिए पार्षदों ने वहां जाने का फैसला रद्द कर दिया। बैठक में पेक व प्रदूषण नियंत्रण विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
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जून माह की सदन की बैठक में दिल्ली के दो और अंबाला के एक प्लांट की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इससे सदन संतुष्ट नहीं हुआ। इस दौरान इंडियन ऑयल की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर पार्षदों ने पुणे में बने कचरा निस्तारण प्लांट में जाने का फैसला लिया, लेकिन कंपनी के साथ ऑनलाइन बैठक में पता चला कि वहां गीले कचरे का ही निस्तारण होता है। उसे कंपोस्ट करके निकलने वाली मीथेन गैस को सिलिंडर में भरा जाता है, इसलिए वहां जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।  
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जनवरी माह में निगम ने प्लांट को निजी हाथों में देने का फैसला किया था। इसके लिए 11 कंपनियां प्रस्तुतीकरण दे चुकी हैं। डंपिंग ग्राउंड को लेकर लोगों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की है।


नए सलाहकार का दबाव, आनन फानन में बुलाई बैठक
यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने हाल ही में डड्डूमाजरा स्थित कचरा निस्तारण प्लांट और सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान सलाहकार ने निगम आयुक्त से कहा था कि प्लांट के बारे में निर्णय लें अथवा इस संबंध में प्रशासन को पॉलिसी बनानी पड़ेगी। एनजीटी ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख कार्यों का प्रभारी बनाया है। काम समय पर करवाने की जिम्मेदारी भी उन्हें ही दी गई है।

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